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मझधार में फंसी दो जिंदगी, चार घंटे तक मौत से साक्षात्कार, मोबाइल कॉल करके दोस्त को बुलाया, तब बची जान

Tue, 14 Aug 2018 12:48 AM IST
Updated Tue, 14 Aug 2018 12:48 AM IST
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मझधार में फंसी दो जिंदगी, चार घंटे तक मौत से साक्षात्कार, मोबाइल कॉल करके दोस्त को बुलाया, तब बची जान
मझधार में ढाई घंटे फंसी रही दो जिंदगी, मोबाइल से कॉल करके दोस्त को बुलाया, तब बची जान
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चिकनवाला नदी पार कर रहे दंपति की कार पानी में डूब गई, कुछ दूर बहकर पत्थरों में अटक गई तो मोबाइल से दोस्त व परिजनों को कॉल करके बुलाया
अमर उजाला ब्यूरो
खिजराबाद। तीज के मौके पर शहर से शॉपिंग करके घर लौट रहे गांव शहजादवाला निवासी एक दंपति की कार रविवार रात को चिकनवाला नदी में बह गई। बहाव इतना तेज था कि कार को तीन सौ मीटर तक ले गया। वहां पड़े पत्थरों से कार अटक गई। दंपति ने पहले से ही शीशे बंद किए हुए थे। इसके चलते पानी का बहाव कार के अंदर नहीं आ सका। लगभग ढाई घंटे तक उनकी कार पानी में डूबी रही। वे एक-दूसरे को दिलासा देते रहे। तभी उसके मोबाइल में मैसेज आने की हरकत हुई तो उन्हें सहारा नजर आया। उसने अपने दोस्त और परिजनों को फोन करके नदी में बहने की जानकारी दी। तब गांव के लोग मौके पर पहुंचे और उनकी तलाश की। पानी कुछ कम हुआ तो लोगों ने रस्सों और ट्रैक्टरों के सहारे उन्हें मझधार से बाहर निकाला।
शहजादवाला निवासी प्रवीन अपनी पत्नी कविता के साथ खिजराबाद से रविवार की रात को लगभग पौने नौ बजे अपने घर के लिए मेघूवाला की ओर से रवाना हो गया। जब वह मेघूवाला से शहजादवाला जाने के लिए कार सहित नदी में उतरा तो चिक्कन और बनियांवाला की ओर से दो नदियों का पानी अचानक आ गया। कार बीच रास्ते में ही फंस गई। कुछ ही पलों में पानी का बहाव तेज होता चला गया और कार के टायर पानी में डूब गए। दंपति कार के शीशे ऊपर चढ़ाकर अंदर ही बैठ गए और गांव में अपने दोस्त जगवीर को फोन पर सूचित किया कि वह पत्नी सहित नदी के बीच में फंस गए हैं। लगभग दस मिनट बाद पानी का बहाव इतना तेज हो गया कि कार के शीशे तक पानी आ गया और कुछ ही मिनटों में कार पानी में डूब गई। मदद लेकर पहुंचे जगवीर को प्रवीन का कहीं पता नहीं चला और वह फोन से संपर्क करने लगा। प्रवीन दोस्त जगवीर को अपनी लोकेशन बताता, लेकिन जगवीर को रात के अंधेरे में कार का कहीं पता नहीं चला। जगवीर बैटरी लेकर कभी नदी के इस कोने पे जाता तो कभी दूसरे कोने पर। दो घंटे तक कार में पानी में ही डूबी रही और अंदर बैठे दंपति की सांसें थमी रही कि आज वे जिंदा नहीं बचेंगे। कार के निचले हिस्से से पानी कार में अंदर घुस गया और कार के अंदर पानी दंपति के गले तक आ पहुंचा। दो घंटे बाद पानी कम हुआ और कार की जलती हुई लाइटों से ग्रामीणों को लोकेशन का पता चला तो जगवीर सिंह ने नदी में रस्से के सहारे उन तक पहुंचा और कार में से दोनों को सकुशल बाहर निकाला।
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नदी में फंसे दंपति ने छोड़ दी थी जिंदा रहने की आस
कार में फंसे प्रवीन ने बताया कि जब तक वह कार में फंसा रहा, तब तक वह अपनी पत्नी को सांत्वना देता रहा कि राम का नाम लो और भगवान पर भरोसा रख, उन्हें कुछ नहीं होगा। प्रवीन ने बताया कि उसकी पत्नी काफी डर गई थी और घबरा कर कुछ भी बोलने को तैयार नहीं थी। उसकी पत्नी रोने लग गई और अपने बच्चों व घरवालों को याद करने लगी। प्रवीन ने बताया कि वह उसको हौसला देता रहा कि घबराओ मत हमें कुछ नहीं होगा। भगवान पर भरोसा रखो।
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कब क्या हुआ
8:45 पर प्रवीन ने कार को मेघूवाला से घर जाने के लिए नदी पार करने लगा। 8:47 पर प्रवीन की कार नदी के बीच में फंस गई।
8:50 पर पानी का बहाव नदी में तेज हो गया।
9:00 बजे तक प्रवीन अपने स्तर पर कार को निकालने का प्रयास करता रहा।
9:05 मिनट पर प्रवीन ने अपने दोस्त जगवीर को फोन पर सूचना दी।
9:15 मिनट पर जगवीर नदी के किनारे पर पहुंचा।
लगभग 10:00 बजे तक भी जगवीर को दोनों का कोई पता नहीं चला और प्रवीन व उसकी पत्नी कार के अंदर बैठे रहे।
11:15 बजे के लगभग पानी से कार को बाहर निकाला जा सका

फरिश्ता बनकर आया जगवीर सिंह
प्रवीन ने बताया कि रात लगभग 10:20 मिनट के आसपास जब जगवीर उनकी कार के पास आया तो दंपति ने राहत की सांस ली और जब लगा कि अब वे बच जाएंगे। कार के पास पहुंचे जगवीर ने दोनों को बाहर निकालने की कोशिश की लेकिन पानी का बहाव तेज होने की वजह से वह उन्हें उस समय नहीं निकाल पाया। बाद में रात करीब सवा 11 बजे जगवीर सिंह दोबारा से उनके पास मदद लेकर पहुंचा, जिससे वह दोनों को सकुशल बाहर निकाल लाया।


मदद में देर करते तो किसी को बचा पाना होता मुश्किल
स्थानीय लोगों का कहना है कि मदद करने में अगर थोड़ी सी भी देर हो जाती तो दोनों को बचा पाना मुश्किल होता। उन्हें मामूली चोट आई हैं। इसी रास्ते पर करीब एक महीने पहले एक व्यक्ति भी अचानक पानी आने से बह गया था। अगले दिन उसका एक किमी दूर शव मिला था। इस जगह पर पिछले दस सालों में कई लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि यहां निर्माणाधीन पुल का काम अधूरा पड़ा है। कई सालों से बनाने की प्रक्रिया चल रही है।

फोटो नंबर 35, 36, 37, 38, 39
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