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मांगों को लेकर कर्मचारियों ने सौंपा ज्ञापन
Updated Mon, 23 Jul 2018 12:17 AM IST
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यमुनानगर
आल हरियाणा एससी एम्प्लाइज फेडरेशन के बैनर तले रविवार को अनेक विभागों के अनुसूचित जाति कर्मचारी संगठनों ने राज्य प्रधान रामकुमार रंगा की अध्यक्षता में अपनी मांगों के समर्थन में जिला उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। इससे पूर्व सभी संगठनों के अनुसूचित जाति कर्मचारी डॉ बीआर अम्बेडकर भवन हुड्डा के सेक्टर 17 में एकत्रित हुए और अपनी मांगे रखी।
संगठन के राज्य संयोजक देसराज सरोय ने कहा कि सरकार ने पदोन्नति में आरक्षण को लेकर जो नोटिफिकेशन लगभग दो माह पूर्व जारी किया था उस पर अभी तक सरकार ने कोई कार्यवाही नही की है जिससे अनुसूचित जाति वर्ग का कर्मचारी वर्ग बहुत नाराज है और सरकार के द्वारा खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार अनुसूक्गित जाति के पदोन्नति आरक्षण को 17 जून 1995 से लागू करके इसके लिए आवश्यक कार्यवाही पूरी करे ताकि वंचित समाज को इसका पूरा लाभ मिल सके। राज्य सचिव चंद्रमोहन ने कहा कि एक तरफ तो सरकार अनुसूचित समाज की हितैषी होने का दावा करती हैं वहीं दूसरी और यह इस समाज के वर्षों से रिक्त पड़े बैकलॉग को ऐसे ही रख रही है, फेडरेशन ने बार बार मंत्रियों और मुख्यमंत्री से बैकलॉग और पदोन्नति में आरक्षण की मांग को दोहराया लेकिन सिवाय आश्वासन के अभी तक अनुसूचित जाति समाज को कुछ नही मिल पाया है। राज्य प्रधान रामकुमार रंगा ने कहा कि सरकार द्वारा पदोन्नति सम्बन्धी नोटिफिकेशन को जारी करने के बाद उस पर कोई आवश्यक कार्यवाही ना करना अनुसूचित समाज विरोधी मानसिकता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा माननीय उच्च न्यायालय में जब पी राघवेंद्र कमेटी की सिफारिशों को मान कर उसके पक्ष में अपना व्यू दे दिया है तो अब इस मामले में सरकार देरी क्यों कर रही है, क्यों अनुसूचित जाति कर्मचारियों को इस लाभ से वंचित रखा जा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने मांग की की रोस्टर प्रणाली को नई भर्ती के समय और पदोन्नति के समय में सही प्रकार से लागू करवाया जाए और प्रत्येक विभाग द्वारा रोस्टर रजिस्टर को सार्वजनिक किया जाए ताकि एस सी समाज के कर्मचारियों को उनका संविधानिक अधिकार मिल सके।इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सभी जिलों में धरना प्रदर्शन और ज्ञापन सम्बन्धी कार्यक्रमों को करने के बाद यदि सरकार नही जागती तो फेडरेशन के बैनर तले सभी अनुसूचित जाति कर्मचारी संगठन और सामाजिक संगठन मिलकर सरकार की अनुसूचित जाति विरोधी नीतियों के खिलाफ सड़कों पर आएंगे और सरकार को घेरेंगे।इस अवसर पर फेडरेशन के जिला प्रधान, जिला सचिव, अन्य पदाधिकारियों समेत रोडवेज, बिजली बोर्ड, थर्मल पावर, पटवारी, व हरियाणा अनुसूचित जाति राजकीय अध्यापक संघ के सदस्य मौजूद रहे।
फोटो नंबर 43
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आल हरियाणा एससी एम्प्लाइज फेडरेशन के बैनर तले रविवार को अनेक विभागों के अनुसूचित जाति कर्मचारी संगठनों ने राज्य प्रधान रामकुमार रंगा की अध्यक्षता में अपनी मांगों के समर्थन में जिला उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। इससे पूर्व सभी संगठनों के अनुसूचित जाति कर्मचारी डॉ बीआर अम्बेडकर भवन हुड्डा के सेक्टर 17 में एकत्रित हुए और अपनी मांगे रखी।
संगठन के राज्य संयोजक देसराज सरोय ने कहा कि सरकार ने पदोन्नति में आरक्षण को लेकर जो नोटिफिकेशन लगभग दो माह पूर्व जारी किया था उस पर अभी तक सरकार ने कोई कार्यवाही नही की है जिससे अनुसूचित जाति वर्ग का कर्मचारी वर्ग बहुत नाराज है और सरकार के द्वारा खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार अनुसूक्गित जाति के पदोन्नति आरक्षण को 17 जून 1995 से लागू करके इसके लिए आवश्यक कार्यवाही पूरी करे ताकि वंचित समाज को इसका पूरा लाभ मिल सके। राज्य सचिव चंद्रमोहन ने कहा कि एक तरफ तो सरकार अनुसूचित समाज की हितैषी होने का दावा करती हैं वहीं दूसरी और यह इस समाज के वर्षों से रिक्त पड़े बैकलॉग को ऐसे ही रख रही है, फेडरेशन ने बार बार मंत्रियों और मुख्यमंत्री से बैकलॉग और पदोन्नति में आरक्षण की मांग को दोहराया लेकिन सिवाय आश्वासन के अभी तक अनुसूचित जाति समाज को कुछ नही मिल पाया है। राज्य प्रधान रामकुमार रंगा ने कहा कि सरकार द्वारा पदोन्नति सम्बन्धी नोटिफिकेशन को जारी करने के बाद उस पर कोई आवश्यक कार्यवाही ना करना अनुसूचित समाज विरोधी मानसिकता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा माननीय उच्च न्यायालय में जब पी राघवेंद्र कमेटी की सिफारिशों को मान कर उसके पक्ष में अपना व्यू दे दिया है तो अब इस मामले में सरकार देरी क्यों कर रही है, क्यों अनुसूचित जाति कर्मचारियों को इस लाभ से वंचित रखा जा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने मांग की की रोस्टर प्रणाली को नई भर्ती के समय और पदोन्नति के समय में सही प्रकार से लागू करवाया जाए और प्रत्येक विभाग द्वारा रोस्टर रजिस्टर को सार्वजनिक किया जाए ताकि एस सी समाज के कर्मचारियों को उनका संविधानिक अधिकार मिल सके।इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सभी जिलों में धरना प्रदर्शन और ज्ञापन सम्बन्धी कार्यक्रमों को करने के बाद यदि सरकार नही जागती तो फेडरेशन के बैनर तले सभी अनुसूचित जाति कर्मचारी संगठन और सामाजिक संगठन मिलकर सरकार की अनुसूचित जाति विरोधी नीतियों के खिलाफ सड़कों पर आएंगे और सरकार को घेरेंगे।इस अवसर पर फेडरेशन के जिला प्रधान, जिला सचिव, अन्य पदाधिकारियों समेत रोडवेज, बिजली बोर्ड, थर्मल पावर, पटवारी, व हरियाणा अनुसूचित जाति राजकीय अध्यापक संघ के सदस्य मौजूद रहे।
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