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खंड विकास अधिकारी ना होने से विकास कार्य अटके
Updated Sun, 22 Jul 2018 06:21 PM IST
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खंड विकास अधिकारी न होने से विकास कार्य अटके
अमर उजाला ब्यूरो
खिजराबाद। खिजराबाद को ब्लॉक बने लगभग एक साल हो गया है। लेकिन अभी तक कोई भी नियमित खंड विकास अधिकारी नहीं मिल पाया। जिससे लगभग सभी पंचायतों के विकास के कार्य अटके पडे़ हैं। खंड विकास कार्यालय में हर रोज ग्रामीण व सरपंच अपने काम लेकर पहुंचते हैं। लेकिन बदले में उन्हें निराशा ही हाथ लगती है।
बता दें कि आठ जून, 2017 को खिजराबाद में सचिवों के पद स्वीकृत होकर यहां सचिवों ने अपना पदभार ग्रहण किया था। जोगेश कुमार को उस समय खिजराबाद खंड विकास अधिकारी का अतिरिक्त कार्यभार दिया गया था। पांच फरवरी, 2018 तक खिजराबाद खंड का अतिरिक्त कार्यभार जोगेश कुमार देखते रहे व 6 फरवरी को राजकुमार को खिजराबाद खंड का नियमित कार्यभार सौंपा गया। चार महीने की सेवाएं देने के बाद राजकुमार 7 मई 2018 को सेवानिवृत्त हो गए। तब से खिजराबाद खंड की कुर्सी खाली है। लगभग तीन साल पहले मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने खिजराबाद को अलग खंड घोषित किया था। अलग खंड बनने के बाद 54 पंचायतें खिजराबाद खंड में सम्मिलित कर दी गई। ग्रामीण राजीव, रिंकू, डिंपल, फुरकान, नर सिंह, रोहताश, राजिंद्र कुमार आदि का कहना है कि उनके गांव के विकास कार्य काफी दिनों से अटके पडे़ हैं। गांव में विकास कार्यों के एस्टीमेट आदि पर खंड विकास अधिकारी के ही हस्ताक्षर चलते हैं और बिना उनके कोई काम नहीं हो सकता। सरपंच एसोसिएशन के प्रधान प्रवीन अग्रवाल का कहना है कि सरकार इस खंड की ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। जब से खिजराबाद खंड बना है तब से यहां एक भी खंड विकास अधिकारी नियमित रूप से नहीं आया है।
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अमर उजाला ब्यूरो
खिजराबाद। खिजराबाद को ब्लॉक बने लगभग एक साल हो गया है। लेकिन अभी तक कोई भी नियमित खंड विकास अधिकारी नहीं मिल पाया। जिससे लगभग सभी पंचायतों के विकास के कार्य अटके पडे़ हैं। खंड विकास कार्यालय में हर रोज ग्रामीण व सरपंच अपने काम लेकर पहुंचते हैं। लेकिन बदले में उन्हें निराशा ही हाथ लगती है।
बता दें कि आठ जून, 2017 को खिजराबाद में सचिवों के पद स्वीकृत होकर यहां सचिवों ने अपना पदभार ग्रहण किया था। जोगेश कुमार को उस समय खिजराबाद खंड विकास अधिकारी का अतिरिक्त कार्यभार दिया गया था। पांच फरवरी, 2018 तक खिजराबाद खंड का अतिरिक्त कार्यभार जोगेश कुमार देखते रहे व 6 फरवरी को राजकुमार को खिजराबाद खंड का नियमित कार्यभार सौंपा गया। चार महीने की सेवाएं देने के बाद राजकुमार 7 मई 2018 को सेवानिवृत्त हो गए। तब से खिजराबाद खंड की कुर्सी खाली है। लगभग तीन साल पहले मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने खिजराबाद को अलग खंड घोषित किया था। अलग खंड बनने के बाद 54 पंचायतें खिजराबाद खंड में सम्मिलित कर दी गई। ग्रामीण राजीव, रिंकू, डिंपल, फुरकान, नर सिंह, रोहताश, राजिंद्र कुमार आदि का कहना है कि उनके गांव के विकास कार्य काफी दिनों से अटके पडे़ हैं। गांव में विकास कार्यों के एस्टीमेट आदि पर खंड विकास अधिकारी के ही हस्ताक्षर चलते हैं और बिना उनके कोई काम नहीं हो सकता। सरपंच एसोसिएशन के प्रधान प्रवीन अग्रवाल का कहना है कि सरकार इस खंड की ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। जब से खिजराबाद खंड बना है तब से यहां एक भी खंड विकास अधिकारी नियमित रूप से नहीं आया है।
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