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पश्चिमी यमुनानहर में पानी छोडे जाने के बाद शहर के पक्के घाट का आस्तित्व खतरे में पडा
Updated Fri, 13 Jul 2018 12:19 AM IST
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शहर के पक्के घाट का अस्तित्व खतरे में
- पश्चिमी यमुना नहर में पानी छोडे़ जाने का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
रादौर। पश्चिमी यमुना नहर में पानी छोडे़ जाने के बाद कुछ दिनों पहले नगरपालिका द्वारा लाखों रुपये खर्च कर बनाए गए शहर के पक्के घाट का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है। नहर में पानी छोडे़ जाने के बाद घाट के पास की मिट्टी पानी में बह गई है। जिससे कुछ दिनों पहले बनाया गया घाट भी पानी में बह जाने की आशंका बनी हुई है। लाखों रुपये खर्च करके बनाए गए पक्के घाट को पानी से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए नहरी विभाग द्वारा घाट के आसपास पेचिंग नहीं की गई है। जिससे नहर में और पानी छोडे़ जाने पर घाट को भारी नुकसान होगा।
शहर निवासी संदीप कुमार, राम कुमार, मीतू सैनी, जसविंद्र सिंह, रोशनलाल, कुलदीप सिंह ने बताया कि कुछ महीनों पहले नगरपालिका रादौर द्वारा लाखों रुपये खर्च कर शहर के पश्चिमी यमुना नहर के किनारे स्थित पक्के घाट का निर्माण करवाया गया था। लेकिन नहरी विभाग द्वारा पक्के घाट की सुरक्षा को लेकर ठोस उपाय नहीं किए गए। नहरी विभाग द्वारा पक्के घाट के आसपास के क्षेत्र की मजबूती से पेचिंग की जानी चाहिए थी। लेकिन ऐसा नहीं किया गया। अब पक्के घाट की दीवारें व सीढ़ियां भी पानी में बह सकती है। इस बारे एक्सईन सिंचाई विभाग विनोद कांबोज ने बताया कि घाट का निर्माण नहर के अंदर तक किया गया है। जिस वजह से यहां पर पेचिंग का कार्य नहीं हो पाया है। पानी का बहाव कम होने के बाद ही पक्के घाट पर पेचिंग का कार्य करवाया जा सकता है।
फोटो नंबर 7
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- पश्चिमी यमुना नहर में पानी छोडे़ जाने का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
रादौर। पश्चिमी यमुना नहर में पानी छोडे़ जाने के बाद कुछ दिनों पहले नगरपालिका द्वारा लाखों रुपये खर्च कर बनाए गए शहर के पक्के घाट का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है। नहर में पानी छोडे़ जाने के बाद घाट के पास की मिट्टी पानी में बह गई है। जिससे कुछ दिनों पहले बनाया गया घाट भी पानी में बह जाने की आशंका बनी हुई है। लाखों रुपये खर्च करके बनाए गए पक्के घाट को पानी से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए नहरी विभाग द्वारा घाट के आसपास पेचिंग नहीं की गई है। जिससे नहर में और पानी छोडे़ जाने पर घाट को भारी नुकसान होगा।
शहर निवासी संदीप कुमार, राम कुमार, मीतू सैनी, जसविंद्र सिंह, रोशनलाल, कुलदीप सिंह ने बताया कि कुछ महीनों पहले नगरपालिका रादौर द्वारा लाखों रुपये खर्च कर शहर के पश्चिमी यमुना नहर के किनारे स्थित पक्के घाट का निर्माण करवाया गया था। लेकिन नहरी विभाग द्वारा पक्के घाट की सुरक्षा को लेकर ठोस उपाय नहीं किए गए। नहरी विभाग द्वारा पक्के घाट के आसपास के क्षेत्र की मजबूती से पेचिंग की जानी चाहिए थी। लेकिन ऐसा नहीं किया गया। अब पक्के घाट की दीवारें व सीढ़ियां भी पानी में बह सकती है। इस बारे एक्सईन सिंचाई विभाग विनोद कांबोज ने बताया कि घाट का निर्माण नहर के अंदर तक किया गया है। जिस वजह से यहां पर पेचिंग का कार्य नहीं हो पाया है। पानी का बहाव कम होने के बाद ही पक्के घाट पर पेचिंग का कार्य करवाया जा सकता है।
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