फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Yamuna Nagar News ›   बाढ़ राहत की तैयारियां पूरी का दावा, हकीकत में सारे काम अधूरे

बाढ़ राहत की तैयारियां पूरी का दावा, हकीकत में सारे काम अधूरे

Sun, 17 Jun 2018 12:04 AM IST
Updated Sun, 17 Jun 2018 12:04 AM IST
विज्ञापन
बाढ़ राहत की तैयारियां पूरी का दावा, हकीकत में सारे काम अधूरे
बाढ़ राहत की तैयारियां पूरी का दावा,
विज्ञापन

खिजराबाद। मानसून सिर पर है और सिंचाई विभाग के बाढ़ राहत के कार्य अभी पूरे भी नहीं हुए। सिंचाई विभाग द्वारा कार्य समाप्त करने की डेडलाइन 30 जून घोषित कर रखी है, लेकिन कई साइटों पर अभी तक पत्थर भी पूरा नहीं हुआ तो कई जगह काम ही शुरू नहीं करवाया गया है। सिंचाई विभाग की ओर से अबकी बार लगभग 12 करोड़ का बजट घाड क्षेत्र के लिए जारी किया हैं जिनमें लगभग 24 साइटों पर काम होना है। हर साल की तरह इस साल भी विभाग की ओर से कार्य पूर्ण करने की तारीखें ही आगे बढ़ाई जानी हैं, लेकिन धरातल पर कोई काम पूरा नहीं होता।
पिछले साल 15 करोड़ था बजट : पिछले वर्ष इन दिनों बाढ़ राहत कार्यों में पूरी तेजी थी और लगभग पंद्रह करोड़ रुपये का बजट सरकार द्वारा जारी किया गया था, लेकिन इस बार यमुना किनारे बसे क्षेत्र के लोग दहशत में जीवन बसर कर रहे हैं। गांव माली माजरा, नवाजपुर, लाक्कड, बेलगढ, टापू कमालपुर, होदरी, लापरा, बीबीपुर खानूवाला, रणजीतपुर, कलेसर आदि दर्जनों ऐसे गांव हैं जहां पर बाढ़ राहत के काम हर साल होते हैं, लेकिन इस बार कुछ काम नहीं हुआ।
विज्ञापन

बाढ़ से होती है तबाही : सिंचाई विभाग की ओर से अब की बार क्षेत्र के लिए बाढ राहत कार्य के लिए बजट आया है, लेकिन यमुनानदी के किनारे बसे गांवों के लिए किसी भी प्रकार की कोई ग्रांट नहीं आई। बरसाती सीजन से पहले हर साल बाढ़ राहत का कार्य किया जाता है और प्रशासन की ओर से टेंडर प्रक्रिया शुरू कर काम की रूपरेखा तैयार की जाती है। हर साल बरसाती सीजन में बाढ़ का पानी कहीं न कहीं तबाही मचाता है और हजारों की एकड़ की फसल भी बर्बाद कर देता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

यमुनानदी के पास लगते गांवों के किसानों संजीव गुप्ता लक्कड, अशोक कन्यावाला, पहल सिंह नंबरदार लक्कड, जोगिन्द्र नवाजपुर, कुर्बान बेलगढ़ आदि का कहना है कि पिछले कई महीनों से बेलगढ़ के साथ लगते एरिया में खनन पूरे जोरों पर हुआ है और अवैध खनन करने वालों ने बेलगढ़ एरिया के साथ लगती यमुना की पटरी को भी खोद डाला है और यदि ऐसे में अबकी बार बाढ़ आती है तो यमुना नदी के साथ लगते गांवों में पानी घुसने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। खनन माफिया ने सारे पुराने स्टड भी तोड़ दिये।
फैक्ट्स
-117 गांव बाढ़ के लिए संवेदनशील घोषित हैं।
-84 गांव बाढ़ के लिए अतिसंवेदनशील घोषित हैं।
-दो लाख क्यूसिक पानी आते ही बन जाते हैं बाढ़ के हालात।
-बरसात में 8 लाख क्यूसिक तक आ जाता है पानी।
वर्जन
सिंचाई विभाग के एसई एसडी शर्मा का कहना है कि अब की बार सिंचाई विभाग की ओर से बाढ राहत कार्यों के लिए 12 करोड रूपए का बजट जारी किया गया है और 24 साईटों पर काम होना है। बाढ राहत कार्य अपनी पूरी प्रगति पर हैं और सभी साईडों पर पत्थरों की सप्लाई हो चुकी है। निर्धारित समय में कार्य पूरा हो जाएगा।

-इस संबंध में डीसी गिरीश अरोड़ा का कहना है कि बाढ़ राहत कार्यों की समीक्षा की जा रही है। जिला, तहसील एवं उपतहसील स्तर पर कंट्रोल रूम बनाए गए हैं। सम्भावित बाढ़ वाले गांवों के लोगों को शामिल करके वाट्सअप ग्रुप भी बनाया गया है। बाढ़ के खतरों से बचाने के लिए जिला में पर्याप्त मात्रा में किस्तियां, चम्पू, ओबीएम युक्त नावें व लाईफ जैकेटें उपलब्ध हैं और प्रशासन के अधिकारी एवं कर्मचारी पूरी तरह से तैयार हैं। रविवार को एफसीआर के साथ मीटिंग है।
फोटो नंबर 11
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed