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मंत्री एक वर्ष में सरकारी आईटीआई बनाने का दावा कर गए, लेकिन चार महीनें में नहीं रखी गई नींव
Updated Thu, 14 Jun 2018 12:40 AM IST
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उद्योग मंत्री की घोषणा के पांच माह बाद भी नहीं बना आईटीआई
अमर उजाला ब्यूरो
रादौर। लगभग पांच महीने बीत जाने के बावजूद आज तक गांव नाचरौन में क्षेत्र की लगभग आठ एकड़ पंचायती भूमि पर छह करोड़ की लागत से बनने वाली पहली सरकारी आईटीआई बनने का कार्य शुरू नहीं हो पाया है। 29 जनवरी को प्रदेश के उद्योगमंत्री विपुल गोयल ने सरकारी आईटीआई की गांव नाचरौन में आधारशिला रखी थी। कार्यक्रम में मंत्री ने घोषणा की थी कि एक वर्ष में सरकारी आईटीआई बनकर तैयार हो जाएगी। लेकिन पांच महीने बीत जाने के बावजूद आज तक पीडब्ल्यूडी विभाग की ओर से पंचायती भूमि पर आईटीआई बनाने का कार्य शुरू न किए जाने से क्षेत्र के लोगों में भारी रोष है। ऐसे में मंत्री के दावे झूठे साबित होते नजर आ रहे है।
क्षेत्र निवासी पवन कुमार, शिवकुमार, धीरपाल, विक्की ने बताया कि रादौर क्षेत्र में पहली सरकारी आईटीआई बनाने के लिए युद्धस्तर पर कार्य होना चाहिए था। करोडों रुपये की लागत से बनने वाली सरकारी आईटीआई के निर्माण का कार्य महीनों बाद भी शुरू न होने से सभी निराश है। सरकार को चाहिए कि जल्द से जल्द आईटीआई का निर्माण कार्य शुरू करवाया जाए, जिससे क्षेत्र के युवा आईटीआई में तकनीकि शिक्षा ग्रहण कर रोजगार पा सके।
इस बारे पीडब्ल्यूडी विभाग के एसडीओ जगमालसिंह ने बताया कि सरकारी आईटीआई का डिजाइन पास होने के लिए सरकार के पास भेजा गया है। डिजाइन पास होने के बाद आईटीआई बनाने के लिए टेंडर किया जाएगा। जिसके बाद आईटीआई बनाने का कार्य शुरू करवा दिया जाएगा।
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अमर उजाला ब्यूरो
रादौर। लगभग पांच महीने बीत जाने के बावजूद आज तक गांव नाचरौन में क्षेत्र की लगभग आठ एकड़ पंचायती भूमि पर छह करोड़ की लागत से बनने वाली पहली सरकारी आईटीआई बनने का कार्य शुरू नहीं हो पाया है। 29 जनवरी को प्रदेश के उद्योगमंत्री विपुल गोयल ने सरकारी आईटीआई की गांव नाचरौन में आधारशिला रखी थी। कार्यक्रम में मंत्री ने घोषणा की थी कि एक वर्ष में सरकारी आईटीआई बनकर तैयार हो जाएगी। लेकिन पांच महीने बीत जाने के बावजूद आज तक पीडब्ल्यूडी विभाग की ओर से पंचायती भूमि पर आईटीआई बनाने का कार्य शुरू न किए जाने से क्षेत्र के लोगों में भारी रोष है। ऐसे में मंत्री के दावे झूठे साबित होते नजर आ रहे है।
क्षेत्र निवासी पवन कुमार, शिवकुमार, धीरपाल, विक्की ने बताया कि रादौर क्षेत्र में पहली सरकारी आईटीआई बनाने के लिए युद्धस्तर पर कार्य होना चाहिए था। करोडों रुपये की लागत से बनने वाली सरकारी आईटीआई के निर्माण का कार्य महीनों बाद भी शुरू न होने से सभी निराश है। सरकार को चाहिए कि जल्द से जल्द आईटीआई का निर्माण कार्य शुरू करवाया जाए, जिससे क्षेत्र के युवा आईटीआई में तकनीकि शिक्षा ग्रहण कर रोजगार पा सके।
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इस बारे पीडब्ल्यूडी विभाग के एसडीओ जगमालसिंह ने बताया कि सरकारी आईटीआई का डिजाइन पास होने के लिए सरकार के पास भेजा गया है। डिजाइन पास होने के बाद आईटीआई बनाने के लिए टेंडर किया जाएगा। जिसके बाद आईटीआई बनाने का कार्य शुरू करवा दिया जाएगा।
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