फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Yamuna Nagar News ›   परिजनों का आरोप, तड़पता रहा बच्चा, नहीं मिली एम्बुलैंस, डॉक्टर भी लापरवाह, ट्रामा में दम तोड़ा सीएमओ बोले, कहीं पर लापरवाही हुई

परिजनों का आरोप, तड़पता रहा बच्चा, नहीं मिली एम्बुलैंस, डॉक्टर भी लापरवाह, ट्रामा में दम तोड़ा सीएमओ बोले, कहीं पर लापरवाही हुई

Wed, 06 Jun 2018 12:39 AM IST
Updated Wed, 06 Jun 2018 12:39 AM IST
विज्ञापन
परिजनों का आरोप, तड़पता रहा बच्चा, नहीं मिली एम्बुलैंस, डॉक्टर भी लापरवाह, ट्रामा में दम तोड़ा सीएमओ बोले, कहीं पर लापरवाही हुई
परिजनों का आरोप, तड़पता रहा बच्चा, नहीं मिली एंबुलेंस, डॉक्टर भी लापरवाह, ट्रॉमा में दम तोड़ा
विज्ञापन

सीएमओ बोले, कहीं पर लापरवाही हुई है तो होगी जांच, स्टाफ दोषी मिला तो कार्रवाई करूंगा
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। अगर आप मोबाइल चार्ज करते समय बातचीत या फिर म्यूजिक सुनने के आदी है तो अपनी आदत बदल लें। यह आदत आपके लिए जानलेवा हो सकता है। गांव पांडो निवासी युवक ने इसी वजह से अपनी जान गंवा दी। मोबाइल चार्ज करते वक्त वह गाने सुन रहा था, इसी दौरान अचानक से तेज बिजली आ गई और उसकी करंट लगने से मौत हो गई। घटना के बाद से परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। ग्रामीणों का आरोप है कि साढौरा सरकारी अस्पताल में ईसीजी नहीं हुई। ट्रॉमा सेंटर के लिए रेफर करवाया तो एंबुलेंस नहीं मिली। जिसके चलते उनका बच्चा तड़पता रहा। बाद में वे अपनी निजी कार से ट्रॉमा सेंटर लेकर पहुंचे। यहां भी स्टाफ ने इलाज में लापरवाही बरती। बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिलने से उनके बेटे की मौत हुई है। फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। बुधवार को शव का पोस्टमार्टम करवाया जाएगा। पीएम रिपोर्ट मिलने के बाद ही युवक की मौत की सही वजह स्पष्ट हो पाएगी।
मां सुरेखा ने रोते हुए बताया कि रात भर ड्यूटी करके घर लौटने के बाद उसने खाना भी नहीं खाया था। शर्ट निकालते हुए नहाने की बात कही थी। वह अपने बेटे के लिए खाना बनाने चली गई। कुछ ही समय में उसके बेटे के चिल्लाने की आवाज आई तो वह दौड़कर कमरे में गई तो उसका बेटा बेसुध पड़ा था। पिता कृष्णलाल ने बताया कि उसने ड्राइवरी करके अपने बच्चों को पढ़ाया लिखाया। कॉलेज के बाद वह नेवी में भर्ती होना चाहता था। इसके लिए काफी समय से वह तैयारी भी कर रहा था और कुछ दिन पहले ही फार्म भी भरे थे। वह हमेशा बड़ा अफसर बनने की बात कहता था। परिवार पर बोझ न पड़े इसलिए दिन में पढ़ाई व डिफेंस की तैयारी तथा रात को अनाज मंडी के एक गोदाम पर चौकीदार का काम भी करता था। उसने कुछ दिन पहले ही लावा कंपनी का मोबाइल खरीदा था। परिजनों का कहना है कि किन परिस्थितियों में करंट लगा, उन्हें नहीं पता। दो भाइयों में ठाठ सिंह बड़ा था। उसका छोटा भाई राम 10वीं में पढ़ता है।
विज्ञापन


साढौरा अस्पताल में नहीं मिली सुविधाएं : बरखाराम, जरनैल सिंह, कुलदीप कुमार, सोनू, मांगे, सोमचंद, मांगाराम, संजीव कुमार, अमित कुमार, चंद्रभान आदि ने बताया कि करंट लगने पर वे ठाठ सिंह को साढौरा स्थित सरकारी अस्पताल में लेकर गए थे। वहां ईसीजी मशीन तो थी, लेकिन ऑपरेट करने वाला डॉक्टर नहीं था। मौजूद डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के लिए उसे ट्रॉमा सेंटर में रेफर कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि रेफर करने के बाद उन्हें एंबुलेंस की सुविधा नहीं मिली। इस दौरान उनका बच्चा तड़पता रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन

ट्रामा में चतुर्थ श्रेणी ने की ईसीजी : परिजनों का आरोप है कि ट्रॉमा सेंटर में मौजूद डॉक्टर अन्य कामों में व्यस्त थे। जबकि चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ने उनके बेटे का ईसीजी किया। अगर समय पर बच्चे का इलाज हो जाता तो उसे बचाया जा सकता था।

-सीएमओ डॉ. कुलदीप सिंह का कहना है कि साढ़ौरा अस्पताल में भी ईसीजी की सुविधा है। गंभीर हालत होने की वजह से युवक को ट्रॉमा सेंटर में रेफर किया गया। अस्पताल में अत्याधुनिक ईसीजी मशीन लगी है। जिसे आपरेट करने के लिए तमाम स्टाफ को ट्रेनिंग दी गई थी ताकि इमरजेंसी में मौके पर मौजूद सभी स्टाफ आपरेट कर सकें। इस केस में अगर किसी स्तर पर लापरवाही हुई है तो इसकी जांच करवाई जाएगी। कोई स्टाफ दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ एक्शन भी लिया जाएगा।

फोटो 20, 21, 22, 23
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed