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ग्रामीणों ने रूकवाया पुल का काम, खराब मैटिरियल का आरोप ठेकेदार ने में मानी गलती, बोला-दोबारा तोड़कर बना दूंगा

Sat, 02 Jun 2018 12:40 AM IST
Updated Sat, 02 Jun 2018 12:40 AM IST
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ग्रामीणों ने रूकवाया पुल का काम, खराब मैटिरियल का आरोप ठेकेदार ने में मानी गलती, बोला-दोबारा तोड़कर बना दूंगा
ग्रामीणों ने रुकवाया पुल का काम, खराब सामग्री लगाने का आरोप
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- ठेकेदार ने में मानी गलती, बोला-दोबारा तोड़कर बना दूंगा
अमर उजाला ब्यूरो
खिजराबाद। गांव शहजादवाला में मेघूवाला और शहजादवाला को जोड़ने वाले पुल में प्रयोग हो रही निम्न स्तर की सामग्री लगाने से नाराज ग्रामीणों ने शुक्रवार को पुल के निर्माण का कार्य को रुकवा दिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि पुल के निर्माण में निम्न स्तर की सामग्री का प्रयोग हो रहा है जिससे पुल ज्यादा टिकाऊ और मजबूत नहीं बनेगा। बाढ़ के सीजन में मार्केटिंग बोर्ड द्वारा बनवाया जा रहा है यह पुल कभी भी ढह जाएगा।
ग्रामीण विजयपाल, राजेश कुमार, संजय कुमार, दाता राम, साधा राम, सुनहरा, नकली राम, जगबीर सिंह, संजीव कुमार आदि का कहना है कि इतने सालों में पहली बार मेघूवाला और शहजादवाला को जोड़ने वाले पुल के लिए ग्रांट मंजूर हुई है, लेकिन ठेकेदार द्वारा पुल निर्माण की नींव में ही खराब सामग्री का प्रयोग होने से ग्रामीणों ने इसका विरोध किया। ग्रामीणों के विरोध करने पर ठेकेदार ने अपनी गलती मानी और किए गए काम को तोड़कर दोबारा बनाने के आश्वासन पर ही ग्रामीणों का गुस्सा कम हुआ।
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तीन करोड़ रुपये का बजट : लगभग एक किलोमीटर लंबे इस पुल के लिए लगभग तीन करोड़ रुपये का बजट जारी किया गया है। लोगों का आरोप है कि पटरी बनाने के लिए ठेकेदार ने रेतीली मिट्टी प्रयोग किया है जो नियमों का उल्लंघन है। इसके लिए खेत की मिट्टी का प्रयोग होना चाहिए था। ठेकेदार ने रेतीली मिट्टी का प्रयोग कर लाखों रुपये का गोलमाल किया है।
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कई गांवों को होगा फायदा : मेघूवाला से शहजादवाला जाने के लिए चिक्कन वाली नदी को पार करके जाना पड़ता था। शहजादवाला से आगे लगभग एक दर्जन गांवों में जाने के लिए भी ग्रामीण इसी रास्ते का प्रयोग करते हैं। बरसात के सीजन में चिक्कन वाली नदी में बाढ़ का पानी या नदी का जलस्तर बढ़ने से यह रास्ता बंद हो जाता था और ग्रामीणों को लगभग बीस किलोमीटर लंबी दूरी का रास्ता प्रयोग करना पड़ता था।


इस बारे में मार्केटिंग बोर्ड के एक्सईएन अतुल गर्ग का कहना है कि मुझे इस बात की सूचना मिली थी कि पुल के निर्माण में घटिया सामग्री प्रयोग की जा रही है। कार्यालय की ओर से ठेकेदार के नाम पर चिट्ठी जारी की दी गई है और ठेकेदार अपने स्तर पर बने हुए काम को दोबारा तोड़कर बनाएगा। यदि उसने ऐसा नहीं किया तो उसकी पेमेंट रोक दी जाएगी।

मौके पर मैं खुद मौजूद नहीं था। मुंशी व मजदूरों की गलती से यह काम हो गया। मैं नींव को तुड़वा कर दोबारा बनवा दूंगा।
-के एल ठकराल, ठेकेदार
फोटो नंबर 7, 8
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