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जिसने अमर कथा सुन ली हो, वह कैसे मर सकता है
Updated Wed, 30 May 2018 12:52 AM IST
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शुकदेव महाराज का जन्म प्रसंग सुनाया
यमुनानगर। कथा व्यास स्वामी इंद्रेश महाराज ने मंगलवार को शुकदेव महाराज का जन्म प्रसंग सुनाया।
स्वामी इंद्रेश गांव गोविंद पुरी में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन प्रवचन कर रहे थे। इलेवन स्टार मार्निंग क्लब की ओर से आयोजित इस कथा में राकेश त्यागी, मनोज त्यागी, नीटू, गौरव, मायाराम, भीम, श्रवण व सुरेश ने व्यास पूजा किया।
स्वामी इंद्रेश ने मौके पर जहां पुरुषोत्तम मास की महिमा बताई। स्वामी इंद्रेश ने कथा में यह भी वर्णन किया कि किस प्रकार भगवान शिव ने पार्वती माता को अमर कथा सुनाई। इसे शुकदेव महाराज ने सुना व वह अमर हो गए। हालांकि जब भगवान शिव को पता चला कि पार्वती माता बीच में ही सो गई थी, हुंकार तोता ही भरता रहा तो उन्हें गुस्सा आया और वे त्रिशूल उठा कर सुक को मारने दौड़े। लेकिन पार्वती माता ने कहा कि जिसने अमर कथा सुन ली हो तो वह कैसे मर सकता है। मौके पर भजनों का भी श्रद्धालुओं ने जमकर आनंद उठाया।
फोटो नंबर 5
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यमुनानगर। कथा व्यास स्वामी इंद्रेश महाराज ने मंगलवार को शुकदेव महाराज का जन्म प्रसंग सुनाया।
स्वामी इंद्रेश गांव गोविंद पुरी में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन प्रवचन कर रहे थे। इलेवन स्टार मार्निंग क्लब की ओर से आयोजित इस कथा में राकेश त्यागी, मनोज त्यागी, नीटू, गौरव, मायाराम, भीम, श्रवण व सुरेश ने व्यास पूजा किया।
स्वामी इंद्रेश ने मौके पर जहां पुरुषोत्तम मास की महिमा बताई। स्वामी इंद्रेश ने कथा में यह भी वर्णन किया कि किस प्रकार भगवान शिव ने पार्वती माता को अमर कथा सुनाई। इसे शुकदेव महाराज ने सुना व वह अमर हो गए। हालांकि जब भगवान शिव को पता चला कि पार्वती माता बीच में ही सो गई थी, हुंकार तोता ही भरता रहा तो उन्हें गुस्सा आया और वे त्रिशूल उठा कर सुक को मारने दौड़े। लेकिन पार्वती माता ने कहा कि जिसने अमर कथा सुन ली हो तो वह कैसे मर सकता है। मौके पर भजनों का भी श्रद्धालुओं ने जमकर आनंद उठाया।
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फोटो नंबर 5