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सशोधित-स्टेट पेज के लिए, माइनिंग माफिया उतरे गुंडागर्दी पर, ओवरलोड ट्रकों को रोकने के लिए बैठे ग्रामीणों पर किया हमला
Updated Thu, 24 May 2018 12:49 AM IST
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माइनिंग माफिया उतरा गुंडागर्दी पर, ओवरलोड ट्रकों को रोकने के लिए बैठे ग्रामीणों पर किया हमला
- हमले में ब्लॉक समिति मेंबर सहित चार लोग घायल, सीसीटीवी में कैद हुई घटना
- पुलिस ने कहा जिनके नाम दिए गए हैं, वे सीसीटीवी में नहीं हैं
- शहजादपुर बहरामपुर मार्ग से ओवरलोड को लेकर दस घंटे पहले बनी थी सहमति
- ग्रामीणों ने स्पीकर पर लगाएं गंभीर आरोप, बोले सरकार की छत्रछाया में अवैध माइनिंग व ओवरलोडिंग हो रही है
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर।
जिले में माइनिंग माफिया अब गुंडागर्दी पर उतर आया है। दो डंपरों में सवार होकर आएं बेखौफ गुंडों ने मंगलवार आधी रात को अपने घरों के बाहर बैठे ग्रामीणों पर लाठी व डंडों से हमला कर दिया। इतना ही नहीं हमलावरों ने उन पर डंपर चढ़ाने की भी कोशिश की, लेकिन ग्रामीणों ने किसी तरह पीछे हटकर अपनी जान बचाई। हमले में ब्लॉक समिति के सदस्य संजय कुमार, धर्मेश, दिनेश कुमार व साहिल घायल हो गए। जिन्हें ट्रॉमा सेंटर में भर्ती करवाया गया। रात का यह सारा घटनाक्रम एक मकान के बाहर लगे सीसीटीवी में कैद हो गया। यह फुटेज सुबह सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। इतनी बड़ी घटना होने के बाद भी पुलिस प्रशासन ने कोई एक्शन नहीं लिया तो लोगों का गुस्सा और भड़क गया। बुधवार को लोगों ने गांव में जमकर हंगामा किया। साथ ही सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वहीं शाम को क्रेशर मालिकों ने भी डीसी गिरीश अरोड़ा से मिलकर अपना पक्ष रखा। डीसी ने मामले की जांच करवाने की बात कही है।
स्पीकर पर लगाएं आरोप
साबापुर निवासी रोशनलाल कंबोज, रघुनाथ, संजय कुमार, पवन कुमार, महिपाल, सुरेश कुमार, राजेंद्र कुमार, मोहिंद्र कुमार, राजकुमार आदि ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि स्पीकर कंवरलपाल गुर्जर की शह पर यह अवैध खनन और ओवरलोडिंग की जा रही है। जब हम ओवरलोडिंग का विरोध कर रहे हैं तो लोगों पर हमला करवाया जा रहा है। पुलिस ने अभी तक एफआईआर भी दर्ज नहीं की है। उल्टा पुलिस अधिकारी हमारे खिलाफ ही एफआईआर दर्ज करने की धमकी दे रहे हैं।
ये है मामला
ग्रामीणों का कहना है कि बहरामपुर रोड से निकल रहे ओवरलोड वाहनों को रोकने के लिए कुछ दिनों पहले एसपी व डीसी को शिकायत दी थी, लेकिन प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई। जिसके बाद पांच गांवों के लोगों की पंचायत हुई थी। जिसमें ग्रामीणों ने स्वयं मार्ग से निकलने वाले वाहनों को रोकने का फैसला लिया और वाहनों को रोकना शुरू किया। इसी को लेकर क्रेशर मालिक, ट्रांसपोर्टरों व ग्रामीणों के बीच टकराव बन गया है।
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राजनीतिक स्वार्थ का आरोप
वहीं स्क्रीनिंग प्लांट व स्टोन क्रेशर एसोसिएशन के प्रधान प्रीतपाल का कहना है कि वे कानूनी तरीके से खनन कर रहे हैं। कुछ लोग अपने राजनीतिक स्वार्थ के कारण ग्रामीणों को भड़का रहे हैं। हमने उनकी हर शर्त मान ली है, इसके बावजूद वे गाड़ियों को नहीं निकलने दे रहे हैं। वे ड्राइवरों के साथ मारपीट और छीना झपटी करते हैं।
डीएसपी जगाधरी राजेंद्र कुमार का कहना है कि मामले की सूचना मिलते ही बुड़िया एसएचओ हरदीपेंद्र सिंह पुलिस बल सहित मौके पर पहुंचे थे। घायलों के बयान लिए जा रहे हैं। जिन हमलावरों के नाम बताएं गए हैं, वे सीसीटीवी फुटेज में नहीं दिखाए दे रहे। मामले की जांच की जा रही है।
स्टोन क्रेशर मालिकों व गांव वालों के बीच सहमति बन गई थी। इसके बाद फिर से विवाद हुआ है। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे आपसी सहमति से निपटारा करवाएं।
-गिरीश अरोड़ा, डीसी
फोटो नंबर 15 से 21
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- हमले में ब्लॉक समिति मेंबर सहित चार लोग घायल, सीसीटीवी में कैद हुई घटना
- पुलिस ने कहा जिनके नाम दिए गए हैं, वे सीसीटीवी में नहीं हैं
- शहजादपुर बहरामपुर मार्ग से ओवरलोड को लेकर दस घंटे पहले बनी थी सहमति
- ग्रामीणों ने स्पीकर पर लगाएं गंभीर आरोप, बोले सरकार की छत्रछाया में अवैध माइनिंग व ओवरलोडिंग हो रही है
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर।
जिले में माइनिंग माफिया अब गुंडागर्दी पर उतर आया है। दो डंपरों में सवार होकर आएं बेखौफ गुंडों ने मंगलवार आधी रात को अपने घरों के बाहर बैठे ग्रामीणों पर लाठी व डंडों से हमला कर दिया। इतना ही नहीं हमलावरों ने उन पर डंपर चढ़ाने की भी कोशिश की, लेकिन ग्रामीणों ने किसी तरह पीछे हटकर अपनी जान बचाई। हमले में ब्लॉक समिति के सदस्य संजय कुमार, धर्मेश, दिनेश कुमार व साहिल घायल हो गए। जिन्हें ट्रॉमा सेंटर में भर्ती करवाया गया। रात का यह सारा घटनाक्रम एक मकान के बाहर लगे सीसीटीवी में कैद हो गया। यह फुटेज सुबह सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। इतनी बड़ी घटना होने के बाद भी पुलिस प्रशासन ने कोई एक्शन नहीं लिया तो लोगों का गुस्सा और भड़क गया। बुधवार को लोगों ने गांव में जमकर हंगामा किया। साथ ही सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वहीं शाम को क्रेशर मालिकों ने भी डीसी गिरीश अरोड़ा से मिलकर अपना पक्ष रखा। डीसी ने मामले की जांच करवाने की बात कही है।
स्पीकर पर लगाएं आरोप
साबापुर निवासी रोशनलाल कंबोज, रघुनाथ, संजय कुमार, पवन कुमार, महिपाल, सुरेश कुमार, राजेंद्र कुमार, मोहिंद्र कुमार, राजकुमार आदि ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि स्पीकर कंवरलपाल गुर्जर की शह पर यह अवैध खनन और ओवरलोडिंग की जा रही है। जब हम ओवरलोडिंग का विरोध कर रहे हैं तो लोगों पर हमला करवाया जा रहा है। पुलिस ने अभी तक एफआईआर भी दर्ज नहीं की है। उल्टा पुलिस अधिकारी हमारे खिलाफ ही एफआईआर दर्ज करने की धमकी दे रहे हैं।
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ये है मामला
ग्रामीणों का कहना है कि बहरामपुर रोड से निकल रहे ओवरलोड वाहनों को रोकने के लिए कुछ दिनों पहले एसपी व डीसी को शिकायत दी थी, लेकिन प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई। जिसके बाद पांच गांवों के लोगों की पंचायत हुई थी। जिसमें ग्रामीणों ने स्वयं मार्ग से निकलने वाले वाहनों को रोकने का फैसला लिया और वाहनों को रोकना शुरू किया। इसी को लेकर क्रेशर मालिक, ट्रांसपोर्टरों व ग्रामीणों के बीच टकराव बन गया है।
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राजनीतिक स्वार्थ का आरोप
वहीं स्क्रीनिंग प्लांट व स्टोन क्रेशर एसोसिएशन के प्रधान प्रीतपाल का कहना है कि वे कानूनी तरीके से खनन कर रहे हैं। कुछ लोग अपने राजनीतिक स्वार्थ के कारण ग्रामीणों को भड़का रहे हैं। हमने उनकी हर शर्त मान ली है, इसके बावजूद वे गाड़ियों को नहीं निकलने दे रहे हैं। वे ड्राइवरों के साथ मारपीट और छीना झपटी करते हैं।
डीएसपी जगाधरी राजेंद्र कुमार का कहना है कि मामले की सूचना मिलते ही बुड़िया एसएचओ हरदीपेंद्र सिंह पुलिस बल सहित मौके पर पहुंचे थे। घायलों के बयान लिए जा रहे हैं। जिन हमलावरों के नाम बताएं गए हैं, वे सीसीटीवी फुटेज में नहीं दिखाए दे रहे। मामले की जांच की जा रही है।
स्टोन क्रेशर मालिकों व गांव वालों के बीच सहमति बन गई थी। इसके बाद फिर से विवाद हुआ है। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे आपसी सहमति से निपटारा करवाएं।
-गिरीश अरोड़ा, डीसी
फोटो नंबर 15 से 21