{"_id":"5b00741f4f1c1be6408b693b","slug":"15267563783-yamuna-nagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"हाइवे के गड्ढे बन रहे हैं मुसीबत, बड़े हादसे के इंतजार में अधिकारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाइवे के गड्ढे बन रहे हैं मुसीबत, बड़े हादसे के इंतजार में अधिकारी
Updated Sun, 20 May 2018 12:29 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एनएच 73 में बने गड्ढे दे रहे हादसे को न्योता, अधिकारी बने मूकदर्शक
अमर उजाला ब्यूरो
खिजराबाद।
नेशनल हाइवे नंबर 73 की हालत बुरी तरह से खराब हो चुकी है। जगाधरी से लेकर हिमाचल बॉर्डर तक रोड टूटा पड़ा है। गड्ढों की वजह से कई बार हादसे भी हो चुके हैं, इसके बावजूद न तो एनएचएआई और न ही स्थानीय अधिकारी कोई एक्शन ले रहे। जिससे हाइवे पर कभी कोई कोई बड़ा हादसा भी हो सकता है। कलेसर, अराईयांवाला, किशनपुरा आदि जगहों पर स्थिति और भी खराब है। हाइवे पर वाहनों की रफ्तार अधिक होने से गड्ढों के न दिखने से हादसे हो रहे हैं। बरसात के सीजन में तो हाइवे पर पानी जमा हो जाता है। जो किसी गांव की सड़क जैसी हालत बन जाती है।
यहां है खतरनाक स्थिति
छछरौली से आगे शेरपुर मोड़ के पास सड़क कई जगह से उखड़ी हुई है। शेरपुर मोड़ से आगे ऊर्जनी गांव के पास नेशनल हाईवे में कई जगह गहरे गड्ढे बने हुए हैं। ऊर्जनी से भीलपुरा मोड़ के पास कई गहरे गड्ढे बने हुए हैं। जिनमें से सारा मटेरियल निकलकर बाहर आ चुका है। भीलपुरा से पिपली माजरा के पास भी सड़क उखड़ चुकी है। इससे राहगीर परेशान हो रहे है। पिपली माजरा से आगे मलिकपुर के पास भी नेशनल हाइवे में गड्ढे बने हुए है। गुलाबगढ़ के पास नेशनल हाइवे एक ही जगह से लगभग बारह फुट तक क्षतिग्रस्त हो चुका है। चुहुड़पुर कलां के पास भी यही हालत है। सबसे व्यस्त किशनपुरा चौक पर खतरनाक गड्ढे बने हुए हैं।
नेशनल हाइवे 73 की रिपेयर के लिए एस्टीमेट भेजा गया था, जो कि पास होकर आ गया है और जगाधरी से लेकर हिमाचल की सीमा तक लगभग 45 लाख रुपये की लागत से नेशनल हाइवे को रिपेयर किया जाना है।
विज्ञापन
जसविंद्र सिंह, डायरेक्टर, नेशनल हाइवे प्रोजेक्ट
फोटो: 09
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
खिजराबाद।
नेशनल हाइवे नंबर 73 की हालत बुरी तरह से खराब हो चुकी है। जगाधरी से लेकर हिमाचल बॉर्डर तक रोड टूटा पड़ा है। गड्ढों की वजह से कई बार हादसे भी हो चुके हैं, इसके बावजूद न तो एनएचएआई और न ही स्थानीय अधिकारी कोई एक्शन ले रहे। जिससे हाइवे पर कभी कोई कोई बड़ा हादसा भी हो सकता है। कलेसर, अराईयांवाला, किशनपुरा आदि जगहों पर स्थिति और भी खराब है। हाइवे पर वाहनों की रफ्तार अधिक होने से गड्ढों के न दिखने से हादसे हो रहे हैं। बरसात के सीजन में तो हाइवे पर पानी जमा हो जाता है। जो किसी गांव की सड़क जैसी हालत बन जाती है।
यहां है खतरनाक स्थिति
छछरौली से आगे शेरपुर मोड़ के पास सड़क कई जगह से उखड़ी हुई है। शेरपुर मोड़ से आगे ऊर्जनी गांव के पास नेशनल हाईवे में कई जगह गहरे गड्ढे बने हुए हैं। ऊर्जनी से भीलपुरा मोड़ के पास कई गहरे गड्ढे बने हुए हैं। जिनमें से सारा मटेरियल निकलकर बाहर आ चुका है। भीलपुरा से पिपली माजरा के पास भी सड़क उखड़ चुकी है। इससे राहगीर परेशान हो रहे है। पिपली माजरा से आगे मलिकपुर के पास भी नेशनल हाइवे में गड्ढे बने हुए है। गुलाबगढ़ के पास नेशनल हाइवे एक ही जगह से लगभग बारह फुट तक क्षतिग्रस्त हो चुका है। चुहुड़पुर कलां के पास भी यही हालत है। सबसे व्यस्त किशनपुरा चौक पर खतरनाक गड्ढे बने हुए हैं।
विज्ञापन
नेशनल हाइवे 73 की रिपेयर के लिए एस्टीमेट भेजा गया था, जो कि पास होकर आ गया है और जगाधरी से लेकर हिमाचल की सीमा तक लगभग 45 लाख रुपये की लागत से नेशनल हाइवे को रिपेयर किया जाना है।
विज्ञापन
जसविंद्र सिंह, डायरेक्टर, नेशनल हाइवे प्रोजेक्ट
फोटो: 09