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रोडवेज के लिए इंतजार होगा कम, 63 नए ड्राइवर आने से बढ़ेंगे फेरे

Sun, 06 May 2018 12:05 AM IST
Updated Sun, 06 May 2018 12:05 AM IST
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रोडवेज के लिए इंतजार होगा कम, 63 नए ड्राइवर आने से बढ़ेंगे फेरे
रोडवेज के लिए इंतजार होगा कम, 63 नए ड्राइवर आने से बढ़ेंगे फेरे
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यमुनानगर डिपो को मिले 63 चालक, ऑनरूट 132 बसों पर हुए 226 चालक
20 नए क्लर्क आने से सभी 184 परिचालक लगाए ऑनरूट, पहले कई परिचालक कर रहे थे क्लर्क का काम
राहुल शर्मा
यमुनानगर।
रोडवेज से सफर करने वाले यात्रियों को अब बसों के लिए ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। यमुनानगर डिपो की बसों को 63 नए ड्राइवर मिल गए हैं। इसके साथ ही 20 नए क्लर्कों ने भी ज्वाइन कर लिया है। इसके चलते जिन ड्राइवरों व कंडक्टरों को क्लर्क का काम सौंपा गया था, उन्हें भी अब ऑनरूट कर दिया गया है। इससे स्टाफ की तंगी से खड़ी बसें भी रूट पर चल सकेंगी। पहले 163 चालक ऑन रूट थे और रोटेशन में प्रतिदिन 132 बसें ही रूट पर निकल पाती थी, लेकिन स्टाफ बढ़ने के बाद जहां बसों के फेरों में बढ़ोतरी होगी, वहीं ऑन रूट बसों की संख्या भी बढ़ जाएगी।
बॉक्स:
38 ने किया ज्वाइन, बाकि करेंगे अगले सप्ताह-
हेडक्वार्टर से यमुनानगर डिपो में 63 नए चालकों को नियुक्ति दी गई है। इनमें 38 ने ज्वाइन भी कर लिया है। ऑनरूट 132 बसों पर चालकों की संख्या 163 से बढ़कर 226 हो गई है। इसी तरह डिपो पर 20 क्लर्कों की ज्वाइनिंग के बाद सभी 184 परिचालक भी ऑनरूट बसों में लगा दिए गए हैं। यानि यमुनानगर से रोडवेज बसों में सफर करने वाले यात्रियों को चालकों-परिचालकों की कमी में ज्यादा देर इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
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बॉक्स: ये थी स्थिति
225 बसों के कोटे वाले यमुनानगर डिपो में फिलहाल 167 बसें हैं, जिनमें 132 बसें ऑनरूट हैं। पांच बसें ट्रेनिंग स्कूल में रहती हैं। जबकि 30 बसें स्टाफ की कमी और सर्विस के लिए वर्कशॉप में खड़ी रहती थी। नियमों के तहत 10 बसों के लिए 14 चालक होने चाहिए।
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चक्कर मिस होने से यात्री परेशान
स्टाफ की कमी के चलते कई रूटों पर चक्कर भी मिस करने पड़ते थे। जिसके चलते यात्रियों खासकर स्कूल-कॉलेज में पढ़ने वाले बच्चों और नौकरी पेशा लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ती थी। उन्हें गंतव्य तक पहुंचने के लिए काफी समय बसों के इंतजार मेां खराब करना पड़ता था। यात्रियों की परेशानी के साथ चालकों पर भी काफी दबाव पड़ रहा था। इसी तरह क्लर्कों की कमी में कई परिचालकों को र्क्क का काम देखना पड़ता था। इससे परिचालकों पर भी दो-तरफा दबाव बना हुआ था। स्टाफ बढ़ने से ये दिक्कतें दूर हो गई हैं।
बॉक्स
राजस्व में होगा इजाफा-
दिल्ली, चंडीगढ़, सहित प्रदेश के लगभग सभी जिलों में चक्कर लगाने वाली बसों से मौजूदा समय में प्रतिदिन औसतन करीब 14 लाख की कमाई हो है। जबकि नए चालकों के आने से वर्कशॉप व बस स्टैंड में खड़ी बसों के चलने और फेरे बढ़ाए जाने पर डिपो से रोडवेज को कमाई के साथ सरकार को होने वाले राजस्व में भी वृद्धि हो सकेगी।

वर्जन
- अधिकतर नए स्टाफ ने ज्वाइन कर लिया है। जो बचे हुए हैं, वे भी अगले सप्ताह ड्यूटी पर आ जाएंगे। अब कोई टाइम मिस नहीं हो सकेगा। फेरे ज्यादा होने से यात्रियों को तो फायदा होगा ही राजस्व भी बढ़ेगा।
रविंद्र पाठक, जीएम, रोडवेज यमुनानगर।
फोटो-10 व 11
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