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आपति हुई खारिज तो पार्षद से मिलने आना पड़ेगा 10 किलोमीटर दूर

Sun, 22 Apr 2018 01:00 AM IST
Updated Sun, 22 Apr 2018 01:00 AM IST
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आपति हुई खारिज तो पार्षद से मिलने आना पड़ेगा 10 किलोमीटर दूर
आपत्ति हुई खारिज तो पार्षद से मिलने आना पड़ेगा 10 किलोमीटर दूर
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वार्ड नंबर 12 की वार्डबंदी के विरोध में भाजपा और इनेलो पार्षद
-औरंगाबाद, इशोपुर, पताशगढ़ व ममीदी को वार्ड नंबर 12 में शामिल करने का विरोध
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। वार्डबंदी की एडहाक कमेटी ने वार्डबंदी के ड्राफ्ट को पास कर इसे सरकार के पास भेज दिया है। इस ड्राफ्ट से विपक्ष के साथ-साथ सत्ता पक्ष के पार्षद भी संतुष्ट नहीं है। वार्डबंदी में वार्ड नंबर 12 में किए गए फेरबदल का न सिर्फ विपक्ष बल्कि सत्ता पक्ष के पार्षद भी विरोध कर रहे हैं। इस वार्डबंदी में वार्ड नंबर 12 में ममीदी, औरंगाबाद, पताशगढ़ व इशोपुर को शामिल किया गया है। जबकि वार्ड नंबर 12 पश्चिमी यमुना नहर पार का वार्ड है, जिसमें बाडीमाजरा, ताजकपुर, पांसरा, दौलतपुर, शादीपुर आदि मोहल्ले आते हैं।
वार्डबंदी में वार्ड नंबर 12 में शामिल किए गए ममीदी, औरंगाबाद पताशगढ़, व इशोपुर मौजूदा वार्ड नंबर 12 से 8 से 10 किलोमीटर दूर है। वार्ड नंबर 12 की पार्षद प्रिया भी उनके वार्ड में दूर के इलाकों को शामिल किए जाने का विरोध कर रही है। प्रिया ने इसे बेतुकी वार्डबंदी करार देते हुए कहा कि इतनी दूर के इलाके शामिल करने से उन इलाके के लोगों को ही नुकसान होगा। वार्ड बंदी में जो इलाके शामिल किए गए हैं, उनकी आबादी करीब 3 हजार है। वहीं, इन इलाकों को छोड़कर पूरे वार्ड की आबादी करीब 17 हजार है। आबादी को देखते हुए ममीदी, औरंगाबाद, पताशगढ़ व ईशोपुर से किसी के पार्षद चुने जाने की संभावना न के बराबर है। यदि ऐसा हुआ तो इन इलाकों के लोगों को पार्षद के पास आने के लिए 8 से 10 किलोमीटर की दौड़ लगानी पड़ेगी। यदि उन इलाकों में से कोई पार्षद बन जाता है तो इधर के लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।
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इसलिए आना पड़ता है पार्षद के पास
वार्ड के लोगों को किसी ने किसी काम से पार्षद के पास आना पड़ता है। कभी राशन कार्ड तो कभी सर्टिफिकेट बनाने के लिए पार्षद के साइन करवाने पड़ते हैं। वहीं, सरकारी योजनाओं को फायदा लेने के लिए भी फार्म पर पार्षद के साइन होते हैं।
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न नहर और न हाइवे कर सकते हैं पार
नगर निगम एक्ट के मुताबिक नहर और हाइवे पार के इलाकों को एक वार्ड में शामिल नहीं किया जा सकता। लेकिन वार्ड नंबर 12 में पश्चिमी यमुना नहर के साथ-साथ सहारनपुर-कुरुक्षेत्र स्टेट हाइवे पार के इलाकों को वार्ड में शामिल किया गया है।


लोग भी नहीं चाहते दूर के वार्ड में शामिल होना
वार्ड नंबर 12 में 8 से 10 किलोमीटर दूर के जिन इलाकों को शामिल किया गया हैं, वे फिलहाल वार्ड नंबर 14. 17 व 18 में आते हैं। वार्ड नंबर 18 के भाजपा पार्षद कर्मवीर सेठी ने बताया कि इन गांवों के लोगों ने उन्हें गांव में बुलाया था। वे इतनी दूर के वार्ड में शामिल नहीं होना चाहते। इस कारण डीसी के समक्ष मैने भी इसका विरोध किया था। गांव वालों की ओर से डीसी को लिखित में आपत्ति दी गई है।
फोटो-10,12
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