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124 पंचायतों ने कामकाज बंद कर सरकार के विधायकों व नुमाइंदों को गांवों में घुसने न देने का लिया ऐलान
Updated Mon, 02 Apr 2018 12:29 AM IST
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124 पंचायतों ने ठप किया कामकाज
विधायकों और सरकार के नुमाइंदों को गांव घुसने नहीं देंगी पंचायतें, सरकार के खिलाफ प्रदर्शन
सरपंचों के निर्णय से पंचायतों में चल रहे पांच करोड़ के गलियां-नालियों व ट्यूबवेल आदि काम होंगे बाधित
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर/छछरौली। चंडीगढ़ में सरपंचों व सचिवों के साथ किए व्यवहार के विरोध में खिजराबाद-छछरौली के 124 सरपंचों ने एलान किया कि सरकार के विधायकों और नुमाइंदों को गांवों में नहीं घुसने देंगे। साथ ही सरकार द्वारा उनकी मांगें पूरी न किए जाने तक पंचायतों के कामकाज पूरी तरह बंद रखने और जरूरत पड़ने पर सामूहिक इस्तीफा देने की चेतावनी दी। सरपंचों ने यह निर्णय रविवार को छछरौली रेस्ट हाउस में बैठक कर लिए। इसके बाद मौके पर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रोष जताया गया।
छछरौली रेस्ट हाउस में खिजराबाद-छछरौली के 124 पंचायतों के सरपंचों की सरपंच एसोसिएशन के ब्लॉक छछरौली प्रधान विरेंद्र सिंह व ब्लॉक खिजराबाद प्रधान प्रवीण कुमार की अध्यक्षता में बैठक हुई। विरेंद्र सिंह व प्रवीण कुमार ने बताया कि प्रदेश के सभी सरपंच पंचायतों को ई-पंचायत करने का विरोध कर रहे हैं। इस बारे में पूरे प्रदेश के सरपंच व ग्राम सचिव चंडीगढ़ में अपनी मांग को शांतिप्रिय ढंग से सरकार के सम्मुख रखने के लिए गए थे। पहले तो सरपंचों को बिना बात के गिरफ्तार कर लिया गया और उसके बाद सरपंचों व ग्राम सचिवों का प्रतिनिधिमंडल को बातचीत के लिए सीएम हाउस बुलाकर अपमानित किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री से ऐसी बात सुनकर उम्मीद लेकर गए सरपंच वहां से उल्टा अपमानित होकर लौटे हैं। प्रदेश के सीएम द्वारा सरपंचों व सचिवों को अपमानित करने पर खिजराबाद व छछरौली के सभी सरपंचों ने बैठक कर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। साथ ही सरकार द्वारा उनकी मागें पूरी न किए जाने तक पंचायती कामकाज बंद रखने और अपने-अपने गांवों में सरकार के विधायकों व नुमाइंदों को प्रवेश न करने देने का निर्णय लिया है। इसके अलावा सरकार जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं करेगी, तब तक सरपंच किसी सरकारी कार्यक्रम में हिस्सा नहीं लेंगे। साथ ही जरूरत पड़ने पर सामूहिक रूप से इस्तीफा देने से भी पीछे नहीं हटेंगे।
पांच करोड़ के चल रहे काम होंगे बाधित
ब्लॉक छछरौली व खिजराबाद के अंतर्गत 124 पंचायतें आती हैं। दोनों ब्लॉकों में करीब पांच करोड़ रुपये के गलियों-नालियों, धर्मशाला, बारातघर व पेयजल की सुविधा के लिए ट्यूबवेल आदि का काम चल रहा है। सरपंचों ने निर्णय लिया है कि उक्त सभी कार्य अगली मीटिंग तक पूरी तरह से बंद रखे जाएंगे।
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ये हैं मांगें
ई-पंचायत के लिए पंचायतघर, फर्नीचर, कंप्यूटर व ऑपरेटर व चौकीदार व सफाई कर्मी मुहैया कराया जाए।
हर तीन पंचायतों पर एक जेई व एक ग्राम सचिव लगाया जाए।
ई-पंचायत में जो प्रावधान है, एफएफसी के तहत मिलने वाले फंड को तीन गुना किया जाए।
पंचायत को अधिकार दिया जाए कि विकास कार्य में लगी लेबर के लिए सेल्फ चेक काट दिया जाए।
पंचायत कार्यों के मिलने वाले सभी फंड जैसे की शिवालिक बोर्ड, डी-प्लान, ब्लॉक समिति, जिला परिषद आदि ग्राम पंचायत के अधीन हो।
ग्राम पंचायत को पंचायती राज एक्ट के अंतर्गत पूरी शक्ति प्रदान की जाएं।
20 लाख तक की सीमा समाप्त की जाए।
पीएमएवाई स्कीम के तहत शहर की तर्ज पर गांवों में सर्वे कराया जाए।
2002 के बाद कोई राशन कार्ड नहीं बने, उनका सर्वे कराकर नए राशन कार्ड बनाए जाएं।
ग्राम सभा द्वारा पारित सभी विकास कार्यों के लिए फंड दिया जाए।
विधायकों की तर्ज पर पंचों व सरपंचों का मानदेय बढ़ाया जाए व उनकी पेंशन निर्धारित की जाए।
---------
मामला संज्ञान में नहीं है। सोमवार को इस बारे में जानकारी लेंगे। विभाग की ओर से विकास कार्यों को पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।
-जोगेश कुमार, बीडीपीओ, छछरौली।
फोटो-19 व 20
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विधायकों और सरकार के नुमाइंदों को गांव घुसने नहीं देंगी पंचायतें, सरकार के खिलाफ प्रदर्शन
सरपंचों के निर्णय से पंचायतों में चल रहे पांच करोड़ के गलियां-नालियों व ट्यूबवेल आदि काम होंगे बाधित
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर/छछरौली। चंडीगढ़ में सरपंचों व सचिवों के साथ किए व्यवहार के विरोध में खिजराबाद-छछरौली के 124 सरपंचों ने एलान किया कि सरकार के विधायकों और नुमाइंदों को गांवों में नहीं घुसने देंगे। साथ ही सरकार द्वारा उनकी मांगें पूरी न किए जाने तक पंचायतों के कामकाज पूरी तरह बंद रखने और जरूरत पड़ने पर सामूहिक इस्तीफा देने की चेतावनी दी। सरपंचों ने यह निर्णय रविवार को छछरौली रेस्ट हाउस में बैठक कर लिए। इसके बाद मौके पर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रोष जताया गया।
छछरौली रेस्ट हाउस में खिजराबाद-छछरौली के 124 पंचायतों के सरपंचों की सरपंच एसोसिएशन के ब्लॉक छछरौली प्रधान विरेंद्र सिंह व ब्लॉक खिजराबाद प्रधान प्रवीण कुमार की अध्यक्षता में बैठक हुई। विरेंद्र सिंह व प्रवीण कुमार ने बताया कि प्रदेश के सभी सरपंच पंचायतों को ई-पंचायत करने का विरोध कर रहे हैं। इस बारे में पूरे प्रदेश के सरपंच व ग्राम सचिव चंडीगढ़ में अपनी मांग को शांतिप्रिय ढंग से सरकार के सम्मुख रखने के लिए गए थे। पहले तो सरपंचों को बिना बात के गिरफ्तार कर लिया गया और उसके बाद सरपंचों व ग्राम सचिवों का प्रतिनिधिमंडल को बातचीत के लिए सीएम हाउस बुलाकर अपमानित किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री से ऐसी बात सुनकर उम्मीद लेकर गए सरपंच वहां से उल्टा अपमानित होकर लौटे हैं। प्रदेश के सीएम द्वारा सरपंचों व सचिवों को अपमानित करने पर खिजराबाद व छछरौली के सभी सरपंचों ने बैठक कर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। साथ ही सरकार द्वारा उनकी मागें पूरी न किए जाने तक पंचायती कामकाज बंद रखने और अपने-अपने गांवों में सरकार के विधायकों व नुमाइंदों को प्रवेश न करने देने का निर्णय लिया है। इसके अलावा सरकार जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं करेगी, तब तक सरपंच किसी सरकारी कार्यक्रम में हिस्सा नहीं लेंगे। साथ ही जरूरत पड़ने पर सामूहिक रूप से इस्तीफा देने से भी पीछे नहीं हटेंगे।
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पांच करोड़ के चल रहे काम होंगे बाधित
ब्लॉक छछरौली व खिजराबाद के अंतर्गत 124 पंचायतें आती हैं। दोनों ब्लॉकों में करीब पांच करोड़ रुपये के गलियों-नालियों, धर्मशाला, बारातघर व पेयजल की सुविधा के लिए ट्यूबवेल आदि का काम चल रहा है। सरपंचों ने निर्णय लिया है कि उक्त सभी कार्य अगली मीटिंग तक पूरी तरह से बंद रखे जाएंगे।
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ये हैं मांगें
ई-पंचायत के लिए पंचायतघर, फर्नीचर, कंप्यूटर व ऑपरेटर व चौकीदार व सफाई कर्मी मुहैया कराया जाए।
हर तीन पंचायतों पर एक जेई व एक ग्राम सचिव लगाया जाए।
ई-पंचायत में जो प्रावधान है, एफएफसी के तहत मिलने वाले फंड को तीन गुना किया जाए।
पंचायत को अधिकार दिया जाए कि विकास कार्य में लगी लेबर के लिए सेल्फ चेक काट दिया जाए।
पंचायत कार्यों के मिलने वाले सभी फंड जैसे की शिवालिक बोर्ड, डी-प्लान, ब्लॉक समिति, जिला परिषद आदि ग्राम पंचायत के अधीन हो।
ग्राम पंचायत को पंचायती राज एक्ट के अंतर्गत पूरी शक्ति प्रदान की जाएं।
20 लाख तक की सीमा समाप्त की जाए।
पीएमएवाई स्कीम के तहत शहर की तर्ज पर गांवों में सर्वे कराया जाए।
2002 के बाद कोई राशन कार्ड नहीं बने, उनका सर्वे कराकर नए राशन कार्ड बनाए जाएं।
ग्राम सभा द्वारा पारित सभी विकास कार्यों के लिए फंड दिया जाए।
विधायकों की तर्ज पर पंचों व सरपंचों का मानदेय बढ़ाया जाए व उनकी पेंशन निर्धारित की जाए।
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मामला संज्ञान में नहीं है। सोमवार को इस बारे में जानकारी लेंगे। विभाग की ओर से विकास कार्यों को पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।
-जोगेश कुमार, बीडीपीओ, छछरौली।
फोटो-19 व 20