{"_id":"5aa578b24f1c1bbb758b4eed","slug":"152079401718-yamuna-nagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नेशनल मेडिकल काउंसिल बिल के विरोध में डॉक्टरों ने निकाली साईकिल रैली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नेशनल मेडिकल काउंसिल बिल के विरोध में डॉक्टरों ने निकाली साईकिल रैली
Updated Mon, 12 Mar 2018 12:24 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नेशनल मेडिकल काउंसिल बिल के विरोध में डॉक्टरों ने निकाली साइकिल रैली
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। सरकार के नेशनल मेडिकल काउंसिल बिल के विरोध में आईएमए से जुड़े जिले के निजी डॉक्टरों ने रविवार को साइकिल रैली निकाली।
रैली मॉडल टाउन के नेहरू पार्क से शुरू होकर प्यारा चौक समेत मॉडल टाउन के विभिन्न मार्गों से होकर पार्क पर आकर संपन्न हुई। आईएमए के प्रधान डॉ. डीके सोनी ने कहा कि अभी एमबीबीएस करने के बाद डॉक्टर प्रैक्टिस कर सकते हैं, लेकिन बिल लागू होने के बाद सरकार एक टेस्ट लेगी। यह टेस्ट पास करने वाला ही प्रैक्टिस कर पाएगा। अगर यह टेस्ट पास नहीं होता तो एमबीबीएस की डिग्री कोई मायने नहीं रखती। यह सरकार का नियम प्राइवेट डॉक्टर्स समेत मेडिकल की पढ़ाई कर रहे युवाओं के खिलाफ है। डॉक्टर राजन शर्मा ने कहा कि सरकार से वे लगातार सुरक्षित माहौल देने की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार उन्हें आज तक यह मुहैया नहीं कर पाई। उल्टा नए-नए नियम उन पर थोपे जा रहे हैं। उनका कहना है कि अगर कोई गंभीर मरीज अस्पताल में आ जाता है तो डॉक्टर उसका इलाज करने से डरता है। मौके पर डॉ. एवीएस रवि, डॉ. विक्रम भारती, डॉ. सुनीला सोनी आदि रहे।
फोटो-23
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। सरकार के नेशनल मेडिकल काउंसिल बिल के विरोध में आईएमए से जुड़े जिले के निजी डॉक्टरों ने रविवार को साइकिल रैली निकाली।
रैली मॉडल टाउन के नेहरू पार्क से शुरू होकर प्यारा चौक समेत मॉडल टाउन के विभिन्न मार्गों से होकर पार्क पर आकर संपन्न हुई। आईएमए के प्रधान डॉ. डीके सोनी ने कहा कि अभी एमबीबीएस करने के बाद डॉक्टर प्रैक्टिस कर सकते हैं, लेकिन बिल लागू होने के बाद सरकार एक टेस्ट लेगी। यह टेस्ट पास करने वाला ही प्रैक्टिस कर पाएगा। अगर यह टेस्ट पास नहीं होता तो एमबीबीएस की डिग्री कोई मायने नहीं रखती। यह सरकार का नियम प्राइवेट डॉक्टर्स समेत मेडिकल की पढ़ाई कर रहे युवाओं के खिलाफ है। डॉक्टर राजन शर्मा ने कहा कि सरकार से वे लगातार सुरक्षित माहौल देने की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार उन्हें आज तक यह मुहैया नहीं कर पाई। उल्टा नए-नए नियम उन पर थोपे जा रहे हैं। उनका कहना है कि अगर कोई गंभीर मरीज अस्पताल में आ जाता है तो डॉक्टर उसका इलाज करने से डरता है। मौके पर डॉ. एवीएस रवि, डॉ. विक्रम भारती, डॉ. सुनीला सोनी आदि रहे।
फोटो-23