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प्रस्तावित लीड- अन-अप्रूवड कॉलोनियों के लोगों को मिले सड़क-बिजली-पानी व सीवरेज, कल हाउस बैठक में उठेगा मुद्दा
Updated Mon, 12 Feb 2018 12:09 AM IST
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अन-अप्रूव्ड कॉलोनियों के लोगों को मिले सड़क-बिजली-पानी व सीवरेज, हाउस बैठक में उठेगा मुद्दा
मेयर सरोज बाला की अध्यक्षता में मंगलवार को होगी हाउस की बैठक, चर्चा को 49 प्रस्तावों का एजेंडा तैयार
वार्ड नंबर-5 से पार्षद देवेंद्र सिंह द्वारा रखा गया अन-अप्रूव्ड कॉलोनियों में बुनियादी सुविधाएं देने का प्रस्ताव
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। नगर निगम के गठन के बाद इसके दायरे में आने वाली 219 अन-अप्रूव्ड कॉलोनियों में अधिकांश ऐसी हैं, जहां लोग सड़क-बिजली-पानी व सीवरेज जैसी बुनियादी सुविधाओं से जूझ रहे हैं। चूंकि अन-अप्रूव्ड होने के कारण इनमें विकास कार्य नहीं हो पा रहे हैं। हालांकि साढ़े चार साल में हुई हाउस की दस बैठकों में पार्षदों ने हर बैठक में इनको वैध कराने का मुद्दा उठाया, फिर भी सरकार द्वारा नोटिफिकेशन जारी कर इन पर वैधता की मुहर नहीं लगाई जा सकी है। मंगलवार (कल) को मेयर सरोज बाला की अध्यक्षता में होने वाली हाउस बैठक में एक बार फिर यही मुद्दा उठेगा।
वार्ड नंबर-5 से पार्षद देवेंद्र सिंह ने बैठक के लिए तैयार एजेंडे में सभी वार्डों के अंतर्गत अन-अप्रू्व्ड कॉलोनियों में सड़क-बिजली-पानी व सीवरेज जैसी बुनियादी सुविधाएं देने का प्रस्ताव डाला है। देवेंद्र सिंह ने कहा कि उनके वार्ड में करीब एक दर्जन कॉलोनियों अन-अप्रूव्ड हैं। इस कारण वह चाहकर भी वहां काम नहीं करवा पा रहे हैं। यही समस्या अन्य वार्डों में है। अन-अप्रूवड कॉलोनियों को अप्रूव कराने का प्रस्ताव पार्षद हर हाउस बैठक में पास कर सरकार के पास भेजते हैं, बावजूद इसके अभी तक सरकार की ओर से इन्हें वैध कराने का कोई नोटिफिकेशन जारी नहीं किया है। जबकि अन-अप्रूव्ड कॉलोनियों में लोग करीब एक दशक से सड़क-बिजली-पानी व सीवरेज जैसी बुनियादी सुविधाओं से जूझ रहे हैं। मंगलवार की हाउस बैठक में सभी वार्डों में जितनी भी अन-अप्रूव्ड कॉलोनियां है, उनमें बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराए जाने का रास्ता खोलने की सरकार से मांग को लेकर पार्षद एकजुट हो मांग करेंगे।
विकास के साथ बुनियादी सुविधाओं को तरस रहे करीब डेढ़ लाख लोग
बता दें कि नगर निगम यमुनानगर-जगाधरी का गठन मार्च 2010 में हुआ था। इसमें यमुनानगर व जगाधरी शहर व 42 पंचायतों को शामिल किया गया था। निगम के आउटर एरिया की अधिकतर कॉलोनियां अन-अप्रूव्ड हैं। इनमें अधिकांश कॉलोनियां ऐसी हैं, जहां घरों में बिजली के मीटर लगे हैं और उनका हाउस टैक्स भी जा रहा है। लेकिन एरिया अन-अप्रूव्ड होने से वहां गलियां कच्ची हैं और पानी निकासी को सीवरेज, नाले-नालियां नहीं हैं। इसके अलावा पेयजल, स्ट्रीट लाइट जैसी सुविधाओं के अभाव में करीब डेढ़ लाख लोग सफर कर रहे हैं।
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पार्षद कर चुके 50 फीसदी विकास शुल्क देने की पॉलिसी का विरोध: हाउस में पार्षदों द्वारा बार-बार अन-अप्रूवर्ड कॉलोनियों का मुद्दा उठाने पर जनवरी-2017 में प्रदेश सरकार कॉलोनियों को नियमित करने के बदले पहले 50 फीसदी विकास शुल्क सरकार को देने की पॉलिसी लाई। इसके तहत हर अनियमित कॉलोनी में रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन गठित करने का प्रावधान रखा। साथ ही डेवलपमेंट चार्ज जमा कराने व एसोसिएशन गठित करने का जिम्मा पार्षदों का दिया गया। इस पर हाउस की बैठक में पार्षदों ने एतराज जताते हुए हंगामा कर दिया था।
सर्वे कंपनी ने पहले 105, फिर 79 की सौंपी सूची: विभागीय सूत्रों के मुताबिक नगर निगम ने 216 अवैध कॉलोनियों को वैध करने हेतू सर्वे का काम देहरादून की एक कंपनी को दिया। जिसने पहले 105 कॉलोनियों की सूची निगम को दी, लेकिन उसमें खामियों के चलते कंपनी द्वारा दोबारा 79 कॉलोनियों की सूची सौंपी गई। निगम अधिकारियों की ओर से भी आपत्तियां दूर कर प्रस्ताव स्थानीय निकाय विभाग को सूची भेज दी गई। लेकिन सरकार द्वारा कोई नोटिफिकेशन जारी न होने से इन कॉलोनियों पर वैधता की मुहर नहीं लग पाई है।
बॉक्स
अकेले मेयर के वार्ड में 27-28 कॉलोनियां अन-अप्रूव्ड: नगर निगम मेयर के वार्ड नंबर-20 में ही करीब 27-28 कॉलोनियां अन-अप्रूव्ड हैं। इसे स्वीकारते हुए मेयर सरोज बाला ने कहा कि 13 की हाउस बैठक का एजेंडा तैयार है, जिसमें 49 प्रस्ताव हैं। इनमें एक अन-अप्रूव्ड कॉलोनियों में बुनियादी सुविधाएं देने का प्रस्ताव भी शामिल हैं।
कल की हाउस बैठक में ये प्रस्ताव भी रहेंगे अहम
मंगलवार की हाउस बैठक के लिए तैयार एजेंडे में कुल 49 प्रस्ताव हैं, जिनमें मुख्य रूप से सभी वार्डों में 50-50 लाख रुपये विकास कार्यों के लिए देने, हर वार्ड में पांच-पांच लाख रुपये के स्पीड ब्रेकर लगाने, हर वार्ड में सीसीटीवी कैमरे लगाने, सभी वार्डों में बरसात से पहले सीवरेज के गड्ढे साफ कराने व डिच ड्रेेन साफ करने आदि प्रस्ताव अहम रहेंगे।
फोटो-10, 11, 12
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मेयर सरोज बाला की अध्यक्षता में मंगलवार को होगी हाउस की बैठक, चर्चा को 49 प्रस्तावों का एजेंडा तैयार
वार्ड नंबर-5 से पार्षद देवेंद्र सिंह द्वारा रखा गया अन-अप्रूव्ड कॉलोनियों में बुनियादी सुविधाएं देने का प्रस्ताव
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। नगर निगम के गठन के बाद इसके दायरे में आने वाली 219 अन-अप्रूव्ड कॉलोनियों में अधिकांश ऐसी हैं, जहां लोग सड़क-बिजली-पानी व सीवरेज जैसी बुनियादी सुविधाओं से जूझ रहे हैं। चूंकि अन-अप्रूव्ड होने के कारण इनमें विकास कार्य नहीं हो पा रहे हैं। हालांकि साढ़े चार साल में हुई हाउस की दस बैठकों में पार्षदों ने हर बैठक में इनको वैध कराने का मुद्दा उठाया, फिर भी सरकार द्वारा नोटिफिकेशन जारी कर इन पर वैधता की मुहर नहीं लगाई जा सकी है। मंगलवार (कल) को मेयर सरोज बाला की अध्यक्षता में होने वाली हाउस बैठक में एक बार फिर यही मुद्दा उठेगा।
वार्ड नंबर-5 से पार्षद देवेंद्र सिंह ने बैठक के लिए तैयार एजेंडे में सभी वार्डों के अंतर्गत अन-अप्रू्व्ड कॉलोनियों में सड़क-बिजली-पानी व सीवरेज जैसी बुनियादी सुविधाएं देने का प्रस्ताव डाला है। देवेंद्र सिंह ने कहा कि उनके वार्ड में करीब एक दर्जन कॉलोनियों अन-अप्रूव्ड हैं। इस कारण वह चाहकर भी वहां काम नहीं करवा पा रहे हैं। यही समस्या अन्य वार्डों में है। अन-अप्रूवड कॉलोनियों को अप्रूव कराने का प्रस्ताव पार्षद हर हाउस बैठक में पास कर सरकार के पास भेजते हैं, बावजूद इसके अभी तक सरकार की ओर से इन्हें वैध कराने का कोई नोटिफिकेशन जारी नहीं किया है। जबकि अन-अप्रूव्ड कॉलोनियों में लोग करीब एक दशक से सड़क-बिजली-पानी व सीवरेज जैसी बुनियादी सुविधाओं से जूझ रहे हैं। मंगलवार की हाउस बैठक में सभी वार्डों में जितनी भी अन-अप्रूव्ड कॉलोनियां है, उनमें बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराए जाने का रास्ता खोलने की सरकार से मांग को लेकर पार्षद एकजुट हो मांग करेंगे।
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विकास के साथ बुनियादी सुविधाओं को तरस रहे करीब डेढ़ लाख लोग
बता दें कि नगर निगम यमुनानगर-जगाधरी का गठन मार्च 2010 में हुआ था। इसमें यमुनानगर व जगाधरी शहर व 42 पंचायतों को शामिल किया गया था। निगम के आउटर एरिया की अधिकतर कॉलोनियां अन-अप्रूव्ड हैं। इनमें अधिकांश कॉलोनियां ऐसी हैं, जहां घरों में बिजली के मीटर लगे हैं और उनका हाउस टैक्स भी जा रहा है। लेकिन एरिया अन-अप्रूव्ड होने से वहां गलियां कच्ची हैं और पानी निकासी को सीवरेज, नाले-नालियां नहीं हैं। इसके अलावा पेयजल, स्ट्रीट लाइट जैसी सुविधाओं के अभाव में करीब डेढ़ लाख लोग सफर कर रहे हैं।
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पार्षद कर चुके 50 फीसदी विकास शुल्क देने की पॉलिसी का विरोध: हाउस में पार्षदों द्वारा बार-बार अन-अप्रूवर्ड कॉलोनियों का मुद्दा उठाने पर जनवरी-2017 में प्रदेश सरकार कॉलोनियों को नियमित करने के बदले पहले 50 फीसदी विकास शुल्क सरकार को देने की पॉलिसी लाई। इसके तहत हर अनियमित कॉलोनी में रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन गठित करने का प्रावधान रखा। साथ ही डेवलपमेंट चार्ज जमा कराने व एसोसिएशन गठित करने का जिम्मा पार्षदों का दिया गया। इस पर हाउस की बैठक में पार्षदों ने एतराज जताते हुए हंगामा कर दिया था।
सर्वे कंपनी ने पहले 105, फिर 79 की सौंपी सूची: विभागीय सूत्रों के मुताबिक नगर निगम ने 216 अवैध कॉलोनियों को वैध करने हेतू सर्वे का काम देहरादून की एक कंपनी को दिया। जिसने पहले 105 कॉलोनियों की सूची निगम को दी, लेकिन उसमें खामियों के चलते कंपनी द्वारा दोबारा 79 कॉलोनियों की सूची सौंपी गई। निगम अधिकारियों की ओर से भी आपत्तियां दूर कर प्रस्ताव स्थानीय निकाय विभाग को सूची भेज दी गई। लेकिन सरकार द्वारा कोई नोटिफिकेशन जारी न होने से इन कॉलोनियों पर वैधता की मुहर नहीं लग पाई है।
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अकेले मेयर के वार्ड में 27-28 कॉलोनियां अन-अप्रूव्ड: नगर निगम मेयर के वार्ड नंबर-20 में ही करीब 27-28 कॉलोनियां अन-अप्रूव्ड हैं। इसे स्वीकारते हुए मेयर सरोज बाला ने कहा कि 13 की हाउस बैठक का एजेंडा तैयार है, जिसमें 49 प्रस्ताव हैं। इनमें एक अन-अप्रूव्ड कॉलोनियों में बुनियादी सुविधाएं देने का प्रस्ताव भी शामिल हैं।
कल की हाउस बैठक में ये प्रस्ताव भी रहेंगे अहम
मंगलवार की हाउस बैठक के लिए तैयार एजेंडे में कुल 49 प्रस्ताव हैं, जिनमें मुख्य रूप से सभी वार्डों में 50-50 लाख रुपये विकास कार्यों के लिए देने, हर वार्ड में पांच-पांच लाख रुपये के स्पीड ब्रेकर लगाने, हर वार्ड में सीसीटीवी कैमरे लगाने, सभी वार्डों में बरसात से पहले सीवरेज के गड्ढे साफ कराने व डिच ड्रेेन साफ करने आदि प्रस्ताव अहम रहेंगे।
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