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मंच पर रंगारंग प्रस्तुति से बिखेरी सांस्कृतिक छठा
Updated Thu, 30 Nov 2017 12:47 AM IST
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मंच पर रंगारंग प्रस्तुति से बिखेरी सांस्कृतिक छठा
जिलास्तरीय गीता जंयती महोत्सव के दूसरे दिन विभिन्न शिक्षण संस्थाओं के विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। जगाधरी के सिविल लाइन स्थित जैन मंदिर के समीप स्थित ग्राउंड में चल रहे जिलास्तरीय गीता जयंती महोत्सव के दूसरे दिन विभिन्न शिक्षण संस्थाओं के विद्यार्थियों ने धार्मिक और सांस्कृतिक छठा बिखेरते कार्यक्रमाें की प्रस्तुति दी। गीता पूजन के साथ शुरू हुए कार्यक्रम में स्कूल -कॉलेजों के छात्र-छात्राओं और सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के कलाकारों ने रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किए। श्रीकृष्ण सेवा समिति द्वारा प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। गीता जयंती समारोह के दूसरे दिन के कार्यक्रम में बोलते हुए डीसी रोहतास सिंह खर्ब ने कहा कि गीता राष्ट्रीय स्तर पर ही नहीं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विख्यात है। गीता के बारे विश्व के अनेक विद्वानों ने अपनी-अपनी भाषा में टिप्पणियां की हैं और इसे महान ग्रंथ की उपाधि दी है। गीता ज्ञान का अथाह भंडार है और गीता विश्व का ऐसा ग्रंथ है, जिसकी रचना युद्ध स्थल पर हुई है। दुनिया की 21वीं सदी की सभी समस्याओं का हल श्रीमद्भागवत गीता में निहित है। गीता सार्वभौमिक व सर्वकालिक है। इस सृष्टि पर जब तक मानव जीवन है तब तक गीता का महत्व दुनिया के प्रत्येक व्यक्ति के लिए है। इसलिए हम सभी को अपना जीवन सफल बनाने के लिए गीता ग्रंथ का अध्ययन अवश्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि गीता से हमें बहुत ज्ञान प्राप्त होता है, गीता सार में कहा गया है कि कर्म करते रहे, फल की चिंता मत करें, इस सार के अनुसार यदि कर्म करने के पश्चात हमें सफलता नहीं मिलती, तब भी हमें कर्म अवश्य करना चाहिए। क्योंकि ऐसा करने से हमारी कर्म करने की प्रवृति में कोई परिवर्तन नहीं होगा। उन्होंने कहा कि हमें जो मिला है, उसमें ही हमें संतोष करना चाहिए और अपने जीवन में यह संकल्प लें कि हम गीता का प्रतिदिन अध्ययन करें और गीता में निहित ज्ञान के भंडार को घर-घर तक अवश्य पहुंचाएं तो निश्चित रूप से हमारा विकास होगा। मौके पर एडीसी केके. भादु, जगाधरी एसडीएम भारत भूषण कौशिक, जिला राजस्व अधिकारी हरिओम बिशभनोई, जगाधरी के तहसीलदार दर्शन सिंह, सर्वशिक्षा अभियान से डॉ. धर्मवीर आदि अधिकारी और श्री कृष्ण सेवा समिति के पदाधिकारी व अन्य सदस्य मौजूद रहे।
फोटो-6 व 7
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जिलास्तरीय गीता जंयती महोत्सव के दूसरे दिन विभिन्न शिक्षण संस्थाओं के विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। जगाधरी के सिविल लाइन स्थित जैन मंदिर के समीप स्थित ग्राउंड में चल रहे जिलास्तरीय गीता जयंती महोत्सव के दूसरे दिन विभिन्न शिक्षण संस्थाओं के विद्यार्थियों ने धार्मिक और सांस्कृतिक छठा बिखेरते कार्यक्रमाें की प्रस्तुति दी। गीता पूजन के साथ शुरू हुए कार्यक्रम में स्कूल -कॉलेजों के छात्र-छात्राओं और सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के कलाकारों ने रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किए। श्रीकृष्ण सेवा समिति द्वारा प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। गीता जयंती समारोह के दूसरे दिन के कार्यक्रम में बोलते हुए डीसी रोहतास सिंह खर्ब ने कहा कि गीता राष्ट्रीय स्तर पर ही नहीं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विख्यात है। गीता के बारे विश्व के अनेक विद्वानों ने अपनी-अपनी भाषा में टिप्पणियां की हैं और इसे महान ग्रंथ की उपाधि दी है। गीता ज्ञान का अथाह भंडार है और गीता विश्व का ऐसा ग्रंथ है, जिसकी रचना युद्ध स्थल पर हुई है। दुनिया की 21वीं सदी की सभी समस्याओं का हल श्रीमद्भागवत गीता में निहित है। गीता सार्वभौमिक व सर्वकालिक है। इस सृष्टि पर जब तक मानव जीवन है तब तक गीता का महत्व दुनिया के प्रत्येक व्यक्ति के लिए है। इसलिए हम सभी को अपना जीवन सफल बनाने के लिए गीता ग्रंथ का अध्ययन अवश्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि गीता से हमें बहुत ज्ञान प्राप्त होता है, गीता सार में कहा गया है कि कर्म करते रहे, फल की चिंता मत करें, इस सार के अनुसार यदि कर्म करने के पश्चात हमें सफलता नहीं मिलती, तब भी हमें कर्म अवश्य करना चाहिए। क्योंकि ऐसा करने से हमारी कर्म करने की प्रवृति में कोई परिवर्तन नहीं होगा। उन्होंने कहा कि हमें जो मिला है, उसमें ही हमें संतोष करना चाहिए और अपने जीवन में यह संकल्प लें कि हम गीता का प्रतिदिन अध्ययन करें और गीता में निहित ज्ञान के भंडार को घर-घर तक अवश्य पहुंचाएं तो निश्चित रूप से हमारा विकास होगा। मौके पर एडीसी केके. भादु, जगाधरी एसडीएम भारत भूषण कौशिक, जिला राजस्व अधिकारी हरिओम बिशभनोई, जगाधरी के तहसीलदार दर्शन सिंह, सर्वशिक्षा अभियान से डॉ. धर्मवीर आदि अधिकारी और श्री कृष्ण सेवा समिति के पदाधिकारी व अन्य सदस्य मौजूद रहे।
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