{"_id":"5a1870fb4f1c1b001c8b4d89","slug":"151155134315-yamuna-nagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गेहूं में पोटाश व सल्फर की पूर्ति हेतू करें जिप्सम का प्रयोग: डॉ. नरेंद्र गोयल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गेहूं में पोटाश व सल्फर की पूर्ति हेतू करें जिप्सम का प्रयोग: डॉ. नरेंद्र गोयल
Updated Sat, 25 Nov 2017 01:19 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
गेहूं में पोटाश व सल्फर की पूर्ति हेतू करें जिप्सम का प्रयोग: डॉ. नरेंद्र गोयल
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। कृषि विज्ञान केंद्र दामला की ओर से खंड छछरौली के गांव खदरी में गेहूं की वैज्ञानिक खेती विषय पर किसान गोष्टी कराई गई। इसमें कृषि विज्ञान केंद्र दामला के प्रधान वैज्ञानिक व वरिष्ठ संयोजक डॉ. बलदेव कांबोज, वरिष्ठ मृदा वैज्ञानिक डॉ. नरेंद्र गोयल व जिला कृषि वानिकी विशेषज्ञ अनिल कुमार ने गेहूं व पॉप्लर संबंधी वैज्ञानिक जानकारी दी। केंद्र के प्रधान वैज्ञानिक एवं संयोजक डॉ. बलदेव कांबोज ने किसानों से अपील की कि किसी भी फसल अवशेष को आग न लगाएं। उन्होंने बताया कि धान की कम्बाईन से कटी पराली में गेहूं की बिजाई हैप्पी सीडर मशीन से करने से न केवल प्रदूषण कम किया जा सकता है, बल्कि भूमि व जल का सरंक्षण भी होता है। उन्होंने किसानों से पॉप्लर व गेहूं की नवीनतम कृषि तकनीकों को अपनाने की सलाह दी। डॉ. नरेंद्र गोयल मृदा वैज्ञानिक ने मिट्टी व पानी की जांच का महत्व बताते हुए संतुलित उर्वरक प्रयोग पर जोर दिया। उन्होंने गेहूं में पोटाश व सल्फर की पूर्ति के लिए जिप्सम के प्रयोग पर बल दिया। उन्होंने जमीन की उपजाऊ शक्ति बढ़ाने के लिए हरी खाद के रूप में ढैंचा, गोबर की खाद, मिल की मली प्रयोग की सलाह दी। केंद्र के जिला विस्तार कृषि वानिकी विशेषज्ञ ने पॉप्लर व गेहूं की खेती में मुख्य कृषि कार्यों की चर्चा करते हुए पर्यावरण सुरक्षा के लिए ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाने पर जोर दिया। गोष्ठी में किसानों ने पॉप्लर, गन्ना व अन्य फसलों में आने वाली कृषि समस्याओं के बारे में विस्तार से चर्चा की। डॉ. बलदेव कांबोज ने कृषि समस्याओं को संबंधित विभागों तक पहुंचाने का आश्वासन देते हुए कृषि में नई जानकारी मोबाइल, इंटरनेट आदि से लाभ उठाने को कहा। गोष्ठी में गांव खदरी के 40 प्रगतिशील किसानों ने हिस्सा लिया।
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। कृषि विज्ञान केंद्र दामला की ओर से खंड छछरौली के गांव खदरी में गेहूं की वैज्ञानिक खेती विषय पर किसान गोष्टी कराई गई। इसमें कृषि विज्ञान केंद्र दामला के प्रधान वैज्ञानिक व वरिष्ठ संयोजक डॉ. बलदेव कांबोज, वरिष्ठ मृदा वैज्ञानिक डॉ. नरेंद्र गोयल व जिला कृषि वानिकी विशेषज्ञ अनिल कुमार ने गेहूं व पॉप्लर संबंधी वैज्ञानिक जानकारी दी। केंद्र के प्रधान वैज्ञानिक एवं संयोजक डॉ. बलदेव कांबोज ने किसानों से अपील की कि किसी भी फसल अवशेष को आग न लगाएं। उन्होंने बताया कि धान की कम्बाईन से कटी पराली में गेहूं की बिजाई हैप्पी सीडर मशीन से करने से न केवल प्रदूषण कम किया जा सकता है, बल्कि भूमि व जल का सरंक्षण भी होता है। उन्होंने किसानों से पॉप्लर व गेहूं की नवीनतम कृषि तकनीकों को अपनाने की सलाह दी। डॉ. नरेंद्र गोयल मृदा वैज्ञानिक ने मिट्टी व पानी की जांच का महत्व बताते हुए संतुलित उर्वरक प्रयोग पर जोर दिया। उन्होंने गेहूं में पोटाश व सल्फर की पूर्ति के लिए जिप्सम के प्रयोग पर बल दिया। उन्होंने जमीन की उपजाऊ शक्ति बढ़ाने के लिए हरी खाद के रूप में ढैंचा, गोबर की खाद, मिल की मली प्रयोग की सलाह दी। केंद्र के जिला विस्तार कृषि वानिकी विशेषज्ञ ने पॉप्लर व गेहूं की खेती में मुख्य कृषि कार्यों की चर्चा करते हुए पर्यावरण सुरक्षा के लिए ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाने पर जोर दिया। गोष्ठी में किसानों ने पॉप्लर, गन्ना व अन्य फसलों में आने वाली कृषि समस्याओं के बारे में विस्तार से चर्चा की। डॉ. बलदेव कांबोज ने कृषि समस्याओं को संबंधित विभागों तक पहुंचाने का आश्वासन देते हुए कृषि में नई जानकारी मोबाइल, इंटरनेट आदि से लाभ उठाने को कहा। गोष्ठी में गांव खदरी के 40 प्रगतिशील किसानों ने हिस्सा लिया।