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बिना मुआजवा दिए पंचायत की डेढ़ एकड़ भूमि पर पावर हाउस का काम कराने पर भड़के ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन
Updated Wed, 22 Nov 2017 08:54 PM IST
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बिना मुआजवा दिए पंचायत की जमीन पर पावर हाउस बनाने पर भड़के ग्रामीण, प्रदर्शन
गांव मंसुरपुर के लोगों ने काम रुकवाने के बाद बिजली निगम के खिलाफ की जमकर नारेबाजी
अमर उजाला ब्यूरो
रादौर। बिजली निगम द्वारा गांव मंसुरपुर की डेढ़ एकड़ भूमि पर अवैध रूप से पावर हाउस बनाने का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने बुधवार को जोरदार प्रदर्शन किया। गुस्साएं ग्रामीणों ने मंसुरपुर के सरपंच बलिंद्र मलिक के नेतृत्व में मामले को लेकर सरकार विरोधी नारेबाजी की वहीं, उन्होंने बिजली निगम द्वारा करवाए जा रहे कार्यों को रुकवा दिया।
ग्रामीणों ने कहा कि जब तक पंचायत को भूमि का मुआवजा और गांव के बच्चों को बिजली निगम में नौकरी नहीं मिल जाती और पावर हाउस का नाम बंसतपुर पावर हाउस की जगह मंसुरपुर पावर हाउस नहीं रखा जाता, तब तक वह बिजली निगम का पावर हाउस नहीं बनने देंगे। सरपंच बलिंद्र मलिक ने बताया कि सरकार द्वारा गांव मंसुरपुर पंचायत की लगभग आठ एकड़ भूमि भजनलाल सरकार में पावर हाउस बनाने के लिए अधिग्रहण की गई थी। बिजली निगम ने पावर हाउस बनाने के लिए आठ एकड़ भूमि की जगह पंचायत की साढ़े नौ एकड़ भूमि को अधिग्रहण कर लिया। पंचायत ने उपरोक्त भूमि की निशानदेही ली तो पंचायत को पता लगा कि बिजली निगम ने पंचायत की डेढ़ एकड़ भूमि ज्यादा अधिग्रहण कर ली है और इस भूमि का पंचायत को मुआवजा भी नहीं दिया है। इसके बाद बिजली निगम ने उपरोक्त डेढ़ एकड़ भूमि पर अवैध तरीके से पावर हाउस बनाना शुरू कर दिया है। इसको लेकर वह अधिकारियों से मिले, लेकिन अधिकारियों ने पंचायत को मुआवजा देने की बजाण् टाल-मटोल की नीति अपनाई। इसके बाद बुधवार को गांव की पंचायत मामले को लेकर जिला न्यायालय में गई। पंचायत के वकील सतीश सांगवान धौलरा ने न्यायालय में पंचायत का पक्ष रखा। पंचायत ने न्यायालय में न्यायाधीश के समक्ष कहा कि बिजली निगम ने बिना मुआवजा दिए पंचायत की डेढ़ एकड़ भूमि पर पावर हाउस बनाना शुरू कर दिया है, जो सरासर गलत है। इसके बाद न्यायालय ने मामले को लेकर स्थगन आदेश जारी करते हुए बिजली निगम को बिना मुआवजा दिए पावर हाउस न बनाने के आदेश दिए। मौके पर सरपंच बलिंद्र मलिक, ओमप्रकाश, गुरदीप पंच, जयपाल, कदम सिंह, धर्म सिंह, राजकुमार, गेंदाराम नंबरदार, जसवंत सिंह मौजूद रहे।
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गांव मंसुरपुर के लोगों ने काम रुकवाने के बाद बिजली निगम के खिलाफ की जमकर नारेबाजी
अमर उजाला ब्यूरो
रादौर। बिजली निगम द्वारा गांव मंसुरपुर की डेढ़ एकड़ भूमि पर अवैध रूप से पावर हाउस बनाने का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने बुधवार को जोरदार प्रदर्शन किया। गुस्साएं ग्रामीणों ने मंसुरपुर के सरपंच बलिंद्र मलिक के नेतृत्व में मामले को लेकर सरकार विरोधी नारेबाजी की वहीं, उन्होंने बिजली निगम द्वारा करवाए जा रहे कार्यों को रुकवा दिया।
ग्रामीणों ने कहा कि जब तक पंचायत को भूमि का मुआवजा और गांव के बच्चों को बिजली निगम में नौकरी नहीं मिल जाती और पावर हाउस का नाम बंसतपुर पावर हाउस की जगह मंसुरपुर पावर हाउस नहीं रखा जाता, तब तक वह बिजली निगम का पावर हाउस नहीं बनने देंगे। सरपंच बलिंद्र मलिक ने बताया कि सरकार द्वारा गांव मंसुरपुर पंचायत की लगभग आठ एकड़ भूमि भजनलाल सरकार में पावर हाउस बनाने के लिए अधिग्रहण की गई थी। बिजली निगम ने पावर हाउस बनाने के लिए आठ एकड़ भूमि की जगह पंचायत की साढ़े नौ एकड़ भूमि को अधिग्रहण कर लिया। पंचायत ने उपरोक्त भूमि की निशानदेही ली तो पंचायत को पता लगा कि बिजली निगम ने पंचायत की डेढ़ एकड़ भूमि ज्यादा अधिग्रहण कर ली है और इस भूमि का पंचायत को मुआवजा भी नहीं दिया है। इसके बाद बिजली निगम ने उपरोक्त डेढ़ एकड़ भूमि पर अवैध तरीके से पावर हाउस बनाना शुरू कर दिया है। इसको लेकर वह अधिकारियों से मिले, लेकिन अधिकारियों ने पंचायत को मुआवजा देने की बजाण् टाल-मटोल की नीति अपनाई। इसके बाद बुधवार को गांव की पंचायत मामले को लेकर जिला न्यायालय में गई। पंचायत के वकील सतीश सांगवान धौलरा ने न्यायालय में पंचायत का पक्ष रखा। पंचायत ने न्यायालय में न्यायाधीश के समक्ष कहा कि बिजली निगम ने बिना मुआवजा दिए पंचायत की डेढ़ एकड़ भूमि पर पावर हाउस बनाना शुरू कर दिया है, जो सरासर गलत है। इसके बाद न्यायालय ने मामले को लेकर स्थगन आदेश जारी करते हुए बिजली निगम को बिना मुआवजा दिए पावर हाउस न बनाने के आदेश दिए। मौके पर सरपंच बलिंद्र मलिक, ओमप्रकाश, गुरदीप पंच, जयपाल, कदम सिंह, धर्म सिंह, राजकुमार, गेंदाराम नंबरदार, जसवंत सिंह मौजूद रहे।
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