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हटाए गए गेस्ट टीचर्स ने किए जूते पॉलिस और मांगी भीख
Updated Sat, 07 Oct 2017 01:03 AM IST
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हटाए गए गेस्ट टीचर्स ने किया पॉलिश, मांगी भीख
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। हटाए गए जेबीटी गेस्ट ने शुक्रवार को सरकार के फैसले के खिलाफ नए तरीके से प्रदर्शन किया। अतिथि अध्यापकों ने पहले संत निरंकारी सत्संग भवन से फव्वारा चौक तक रेलवे रोड पर पैदल रोष मार्च निकाला। इसके बाद सड़क किनारे फड़ी लगाकर किसी ने सब्जी बेची, तो किसी ने जूते पॉलिश किए। वहीं महिला गेस्ट ने भी चूड़ियां और कपड़े बेचे। नौकरी न रहने पर कंगाल होने की दशा को दिखाने प्रदर्शनकारियों का कहना था कि सरकार ने उन्हें ऐसे हाल में नौकरी से निकाला है कि वे कहीं और नौकरी भी नहीं कर सकते। ऐसे में उनके पास भीख मांगने और सब्जी बेचने के अलावा कोई काम नहीं।
समस्त अतिथि अध्यापक के बैनर तले सैकड़ाें हटाए गए जेबीटी गेस्ट शुक्रवार शाम को रेलवे रोड पर संत निरंकारी सत्संग भवन के सामने एकत्र हुए। यहां उन्हाेंने प्रधान नितिन लाम्बा और सुमन बख्शी के नेतृत्व में सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। हाथों में सरकार विरोधी नारे वाले बैनर लेकर रेलवे रोड पर आ गए। रेलवे रोड पर रोष मार्च निकालते हुए सभी अतिथि अध्यापक फव्वारा चौक से होते हुए वापस सत्संग भवन पर आए। प्रधान नितिन लाम्बा और सुमन बख्शी ने कहा कि 12 साल लगातार शिक्षा विभाग में यमुनानगर के विद्यालयों में कार्य करने के बाद अब हरियाणा सरकार ने आज 971 परिवारों को सड़क पर लाकर खड़ा कर दिया है। अब कोई भी शिक्षक अन्य कार्य करने के लायक नहीं रहा। ऐसे में उनका परिवार भी आर्थिक तंगी के दौर से गुजर रहा है। यह सब सरकार की गलत नीतियों की वजह से हुआ है। उन्होंने कहा कि सत्ता में आने से पहले सरकार ने वादा किया था कि सभी गेस्ट जेबीटी को पहली कलम से पक्का किया जाएगा। पक्का करना तो दूर, अब उन्हें हटाया जा रहा है। सरकार ने धोखा किया है। प्रदर्शन में विनोद, राजीव चंदाखेडी, ललित शर्मा, सुमन, विनोद, नवीन बाला, कमल, किरण, राजीव, पदम, कुलविंद्र कौर, सतवंत कौर, अरूण लता, हरीचंद, सविता, सुनीता, उज्जवल, रिम्पल आदि मौजूद रहे।
सरकार ने किया भीख मांगने और फड़ी लगाने पर मजबूर
रेलवे रोड किनारे फड़ी लगाकर सब्जी और अन्य सामान बेच रहे गेस्ट अध्यापकों ने कहा कि नौकरी से हटाए जाने के बाद अपने परिवार का खर्च चलाने और त्यौहार मनाने को पैसे जुटाने के लिए वे सड़क किनारे फड़ी लगाने का मजबूर हैं। शिक्षक जो कि राष्ट्र निर्माता है, उसको सड़कों पर फड़ी लगाने को मजबूर होना पड़ रहा है। वे भीख मांगने को मजबूर हो रहे हैं।
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बिना पैसे त्यौहार मनाएं कैसे
प्रदर्शन कर रहे अतिथि अध्यापकों ने कहा कि एक माह से ऊपर हो गया उन्हें बाहर निकाले हुए। हटाए जाने पर उनके घरों के चुल्हे भी बुझ गए हैं। त्यौहार आ गए हैं, ऐसे में उनकी जेब में पैसे तक नहीं रहे। हटाए गए अध्यापक मानसिक तौर पर बीमार हो रहे हैं। नौकरी से हटाए जाने के बाद जब उनकी जेब में पैसे ही नहीं रहेंगे तो वे त्यौहार कैसे मनाएंगे।
तुरंत प्रभाव से गेस्ट का किया जाए समायोजन
जेबीटी गेस्ट ने कहा दिल्ली में गेस्ट अध्यापकों को पक्का करने की कवायद शुरू हो गई है। हमारी मांग है कि हटाए गए सभी गेस्ट अध्यापकों का समायोजन तुरंत प्रभाव से किया जाए। यदि उनकी मांगों को पूरा किया जाए। सरकार अपना वादा पूरा करें। जब तक सरकार उनकी मांगों को पूरा नहीं करेंगी, उनका आंदोलन ऐसे ही जारी रहेगा।
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अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। हटाए गए जेबीटी गेस्ट ने शुक्रवार को सरकार के फैसले के खिलाफ नए तरीके से प्रदर्शन किया। अतिथि अध्यापकों ने पहले संत निरंकारी सत्संग भवन से फव्वारा चौक तक रेलवे रोड पर पैदल रोष मार्च निकाला। इसके बाद सड़क किनारे फड़ी लगाकर किसी ने सब्जी बेची, तो किसी ने जूते पॉलिश किए। वहीं महिला गेस्ट ने भी चूड़ियां और कपड़े बेचे। नौकरी न रहने पर कंगाल होने की दशा को दिखाने प्रदर्शनकारियों का कहना था कि सरकार ने उन्हें ऐसे हाल में नौकरी से निकाला है कि वे कहीं और नौकरी भी नहीं कर सकते। ऐसे में उनके पास भीख मांगने और सब्जी बेचने के अलावा कोई काम नहीं।
समस्त अतिथि अध्यापक के बैनर तले सैकड़ाें हटाए गए जेबीटी गेस्ट शुक्रवार शाम को रेलवे रोड पर संत निरंकारी सत्संग भवन के सामने एकत्र हुए। यहां उन्हाेंने प्रधान नितिन लाम्बा और सुमन बख्शी के नेतृत्व में सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। हाथों में सरकार विरोधी नारे वाले बैनर लेकर रेलवे रोड पर आ गए। रेलवे रोड पर रोष मार्च निकालते हुए सभी अतिथि अध्यापक फव्वारा चौक से होते हुए वापस सत्संग भवन पर आए। प्रधान नितिन लाम्बा और सुमन बख्शी ने कहा कि 12 साल लगातार शिक्षा विभाग में यमुनानगर के विद्यालयों में कार्य करने के बाद अब हरियाणा सरकार ने आज 971 परिवारों को सड़क पर लाकर खड़ा कर दिया है। अब कोई भी शिक्षक अन्य कार्य करने के लायक नहीं रहा। ऐसे में उनका परिवार भी आर्थिक तंगी के दौर से गुजर रहा है। यह सब सरकार की गलत नीतियों की वजह से हुआ है। उन्होंने कहा कि सत्ता में आने से पहले सरकार ने वादा किया था कि सभी गेस्ट जेबीटी को पहली कलम से पक्का किया जाएगा। पक्का करना तो दूर, अब उन्हें हटाया जा रहा है। सरकार ने धोखा किया है। प्रदर्शन में विनोद, राजीव चंदाखेडी, ललित शर्मा, सुमन, विनोद, नवीन बाला, कमल, किरण, राजीव, पदम, कुलविंद्र कौर, सतवंत कौर, अरूण लता, हरीचंद, सविता, सुनीता, उज्जवल, रिम्पल आदि मौजूद रहे।
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सरकार ने किया भीख मांगने और फड़ी लगाने पर मजबूर
रेलवे रोड किनारे फड़ी लगाकर सब्जी और अन्य सामान बेच रहे गेस्ट अध्यापकों ने कहा कि नौकरी से हटाए जाने के बाद अपने परिवार का खर्च चलाने और त्यौहार मनाने को पैसे जुटाने के लिए वे सड़क किनारे फड़ी लगाने का मजबूर हैं। शिक्षक जो कि राष्ट्र निर्माता है, उसको सड़कों पर फड़ी लगाने को मजबूर होना पड़ रहा है। वे भीख मांगने को मजबूर हो रहे हैं।
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बिना पैसे त्यौहार मनाएं कैसे
प्रदर्शन कर रहे अतिथि अध्यापकों ने कहा कि एक माह से ऊपर हो गया उन्हें बाहर निकाले हुए। हटाए जाने पर उनके घरों के चुल्हे भी बुझ गए हैं। त्यौहार आ गए हैं, ऐसे में उनकी जेब में पैसे तक नहीं रहे। हटाए गए अध्यापक मानसिक तौर पर बीमार हो रहे हैं। नौकरी से हटाए जाने के बाद जब उनकी जेब में पैसे ही नहीं रहेंगे तो वे त्यौहार कैसे मनाएंगे।
तुरंत प्रभाव से गेस्ट का किया जाए समायोजन
जेबीटी गेस्ट ने कहा दिल्ली में गेस्ट अध्यापकों को पक्का करने की कवायद शुरू हो गई है। हमारी मांग है कि हटाए गए सभी गेस्ट अध्यापकों का समायोजन तुरंत प्रभाव से किया जाए। यदि उनकी मांगों को पूरा किया जाए। सरकार अपना वादा पूरा करें। जब तक सरकार उनकी मांगों को पूरा नहीं करेंगी, उनका आंदोलन ऐसे ही जारी रहेगा।