{"_id":"599dd7c54f1c1bcb6f8b471d","slug":"150351663818-yamuna-nagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"किसानों ने विधायक कार्यालय के अंदर डेरा डाल की सरकार विरोधी नारेबाजी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
किसानों ने विधायक कार्यालय के अंदर डेरा डाल की सरकार विरोधी नारेबाजी
Updated Thu, 24 Aug 2017 01:05 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
किसानों ने विधायक कार्यालय में डाला डेरा, प्रदर्शन किया
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। दादूपुर-नलवी नहर को बंद करने पर भड़के किसानों ने बुधवार को यमुनानगर विधायक के कार्यालय के अंदर डेरा डाल दिया। विधायक के कार्यालय में बैठकर किसानों ने प्रदर्शन किया। बाद में भारतीय किसान यूनियन के नेतृत्व में विधायक घनश्याम दास अरोड़ा को ज्ञापन सौंपा। उधर, विधायक का कहना है कि वह किसानों की प्रतीक्षा करने के बाद मंदिर गए थे। इस दरमयान किसानों ने स्पीकर कंवरपाल को ज्ञापन देकर नहर को बंद न करने और उनका मुआवजा जल्द दिलाने की मांग की।
जगाधरी अनाज मंडी में बुधवार को किसानों के अनिश्चितकालीन धरने का दूसरा दिन था। धरने पर बैठे किसान दोपहर करीब साढ़े 12 बजे माडल टाउन में विधायक यमुनानगर घनश्याम दास के कार्यालय पर पहुंचे। किसानों ने आते ही सरकार के खिलाफ नारेबाजी करनी शुरू कर दी। विधायक की इंतजार में कार्यालय के अंदर बैठ गए। उनके आने पर ज्ञापन सौंपा। किसान नेता नेता हरपाल सुढ़ेल ने कहा कि किसान करीब 30 साल से मुआवजे की लड़ाई लड़ रहे हैं। जिस समय नहर की खोदाई की गई थी उस समय किसानों ने बहुत कम दामों में अपनी जमीन किसानों को दी थी। वर्ष 2006 में इस नहर को शुरू किया गया था। साथ लगते गांवों के किसान इसके पानी से सिंचाई करते हैं। अचानक ही सरकार ने इस नहर को बंद करने का निर्णय ले लिया। यह किसानों के हित में नहीं है। उनकी मांग है कि नहर को बंद न किया जाए। इस मौके पर सतीश, प्रेम सिंह, सेवा राम सहित काफी संख्या में किसान उपस्थित रहे।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। दादूपुर-नलवी नहर को बंद करने पर भड़के किसानों ने बुधवार को यमुनानगर विधायक के कार्यालय के अंदर डेरा डाल दिया। विधायक के कार्यालय में बैठकर किसानों ने प्रदर्शन किया। बाद में भारतीय किसान यूनियन के नेतृत्व में विधायक घनश्याम दास अरोड़ा को ज्ञापन सौंपा। उधर, विधायक का कहना है कि वह किसानों की प्रतीक्षा करने के बाद मंदिर गए थे। इस दरमयान किसानों ने स्पीकर कंवरपाल को ज्ञापन देकर नहर को बंद न करने और उनका मुआवजा जल्द दिलाने की मांग की।
जगाधरी अनाज मंडी में बुधवार को किसानों के अनिश्चितकालीन धरने का दूसरा दिन था। धरने पर बैठे किसान दोपहर करीब साढ़े 12 बजे माडल टाउन में विधायक यमुनानगर घनश्याम दास के कार्यालय पर पहुंचे। किसानों ने आते ही सरकार के खिलाफ नारेबाजी करनी शुरू कर दी। विधायक की इंतजार में कार्यालय के अंदर बैठ गए। उनके आने पर ज्ञापन सौंपा। किसान नेता नेता हरपाल सुढ़ेल ने कहा कि किसान करीब 30 साल से मुआवजे की लड़ाई लड़ रहे हैं। जिस समय नहर की खोदाई की गई थी उस समय किसानों ने बहुत कम दामों में अपनी जमीन किसानों को दी थी। वर्ष 2006 में इस नहर को शुरू किया गया था। साथ लगते गांवों के किसान इसके पानी से सिंचाई करते हैं। अचानक ही सरकार ने इस नहर को बंद करने का निर्णय ले लिया। यह किसानों के हित में नहीं है। उनकी मांग है कि नहर को बंद न किया जाए। इस मौके पर सतीश, प्रेम सिंह, सेवा राम सहित काफी संख्या में किसान उपस्थित रहे।
विज्ञापन