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अर्पण भाव का नाम ही प्रेमा भक्ति : वर्मा
Updated Mon, 21 Aug 2017 12:33 AM IST
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अर्पण भाव का नाम ही प्रेमा भक्ति : वर्मा
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। संत निरंकारी सत्संग भवन में रविवार को अंग्रेजी सत्संग इंचार्ज एनडी वर्मा की अध्यक्षता में सत्संग का आयोजन किया गया। मंच संचालन महात्मा जेके नारंग किया। सत्संग की शुरुआत पावन अवतारवाणी के गायन से हुई। सत्संग में संतों महापुरुषों ने भजन, कविताओं के माध्यम से एकता, भाईचारे और अमन का संदेश दिया।
महात्मा एनडी वर्मा ने प्रवचन में कहा कि, प्रेमा भक्ति केवल अर्पण भाव का नाम है। इस निराकार के आगे जो तन-मन-धन अर्पण कर देता है और इसी के नाम में खो जाता है, वही इस निरंकार परमात्मा के नजदीक पहुंचता है। यह सच्चा प्यार ऐसा प्यार है, जो बालक और माता के बीच का होता है। मां का सहज प्रेम बच्चे के साथ होता है वो उसका पालन-पोषण या रात-रात भर करती है। इस प्रेम को चार चांद तब लगते है जब दोनों तरफ से प्रेम होता है, जो अध्यात्मिक प्रेम कहलाता है। उधर, गांव शहजादपुर में स्थित संत निरंकारी मंडल की ब्रांच बुड़िया के भवन स्थल पर जगाधरी से आए महात्मा अजमेर सिंह की अध्यक्षता में सत्संग का आयोजन किया गया। महात्मा अजमेर सिंह ने अपने प्रवचनों में इंसान को प्रेम और भाईचारा बनाए रखने का संदेश दिया। मुखी महात्मा अश्वनी कुमार व अन्य महापुरुषों ने महात्मा अजमेर सिंह का निरंकारी मिशन का प्रतीक सफेद दुपट्टा पहनाकर स्वागत किया।
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अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। संत निरंकारी सत्संग भवन में रविवार को अंग्रेजी सत्संग इंचार्ज एनडी वर्मा की अध्यक्षता में सत्संग का आयोजन किया गया। मंच संचालन महात्मा जेके नारंग किया। सत्संग की शुरुआत पावन अवतारवाणी के गायन से हुई। सत्संग में संतों महापुरुषों ने भजन, कविताओं के माध्यम से एकता, भाईचारे और अमन का संदेश दिया।
महात्मा एनडी वर्मा ने प्रवचन में कहा कि, प्रेमा भक्ति केवल अर्पण भाव का नाम है। इस निराकार के आगे जो तन-मन-धन अर्पण कर देता है और इसी के नाम में खो जाता है, वही इस निरंकार परमात्मा के नजदीक पहुंचता है। यह सच्चा प्यार ऐसा प्यार है, जो बालक और माता के बीच का होता है। मां का सहज प्रेम बच्चे के साथ होता है वो उसका पालन-पोषण या रात-रात भर करती है। इस प्रेम को चार चांद तब लगते है जब दोनों तरफ से प्रेम होता है, जो अध्यात्मिक प्रेम कहलाता है। उधर, गांव शहजादपुर में स्थित संत निरंकारी मंडल की ब्रांच बुड़िया के भवन स्थल पर जगाधरी से आए महात्मा अजमेर सिंह की अध्यक्षता में सत्संग का आयोजन किया गया। महात्मा अजमेर सिंह ने अपने प्रवचनों में इंसान को प्रेम और भाईचारा बनाए रखने का संदेश दिया। मुखी महात्मा अश्वनी कुमार व अन्य महापुरुषों ने महात्मा अजमेर सिंह का निरंकारी मिशन का प्रतीक सफेद दुपट्टा पहनाकर स्वागत किया।
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