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पथराला-सोम नदी में आया उफान, ऑवरफ्लो होकर आबादी की तरफ खतरा बन बढ़ रहा पानी
Updated Mon, 07 Aug 2017 12:44 AM IST
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पथराला-सोम नदी उफनीं, आबादी की तरफ किया रुख
अमर उजाला
छछरौली। पहाड़ों और नगली उत्तरी क्षेत्र में शनिवार रात हुई बारिश से पथराला और सोम नदी उफनने लगी हैं। इससे नदियों का पानी आबादी की तरफ बढ़ने लगा है। पथराला में रविवार सुबह से पानी आना शुरू हुआ, जो शाम तक छछरौली के साथ लगते दर्जनों गांवों के खेतों में पहुंच गया। धीरे-धीरे यह पानी गांवों की तरफ बढ़ रहा है, मगर प्रशासन की तरफ से बाढ़ संभावित क्षेत्रों में इंतजाम न होने से ग्रामीणों का चैन छिन गया है।
बीती रात पहाड़ों और छछरौली, नगली उत्तरी क्षेत्र में तेज बारिश हुई थी। इससे उफन रही नदियाें ने गांवों का रुख पार कर लिया है। रविवार दोपहर को पथराला और सोमनदी का पानी दसौरी, उर्जनी, याकूबपुर, बलौली, चुहडपुर खुर्द आदि के खेतों और आबादी के पास पहुंच गया। बाढ़ की आशंका से ग्रामीण डरे हुए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि, क्षेत्र में कहीं पर भी बाढ़ से बचाव के इंतजाम नहीं किए गए हैं।
जलभराव से दिक्कत
जलभराव से कई जगह लोगों को आवाजाही में दिक्कत का सामना करना पड़ा। कई जगहों छछरौली और आसपास के क्षेत्र में पानी की वजह से लोगों को सड़क पार करने के लिए कई घंटों का इंतजार करना पड़ा। इसमें सबसे बड़ी लापरवाही अधिकारियों की है, जिन्होंने समय रहते पानी निकासी के स्थाई इंतजाम नहीं कराए। इस बारे में प्रशासन को भी कई बार अवगत कराया जा चुका है, लेकिन समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ।
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याकूबपुर जाने वाला रास्ता पांच घंटे रहा बंद
क्षेत्र में हुई तेज बारिश और नदी में आए उफान से सारा पानी याकूबपुर की सड़क पर आ गया। पानी आने से रास्ता बंद हो गया। लगभग पांच घंटे के बाद रास्ते से पानी कम हुआ। लोगों ने सडक पार करने के ट्रैक्टर का सहारा लिया।
रायपुर-डमौली के स्कूल में भरा पथराले का पानी
सोमनदी और पथराला में आया पानी ओवरफ्लो होकर रायपुर-डमौली के सरकारी स्कूल में घुस गया। रविवार होने के कारण अनहोनी टल गई। ऐसे में अगर स्कूल में बच्चे होते तो क्या होता, जहां पर डमौली का स्कूल है, उसके साथ में पथराला नदी है। इसमें आए बरसात में पानी आ जाता है। प्रशासन की ओर से स्कूल को बाढ़ के पानी से बचाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए। इस कारण स्कूल में बच्चों के लिए खतरा रहता है।
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अमर उजाला
छछरौली। पहाड़ों और नगली उत्तरी क्षेत्र में शनिवार रात हुई बारिश से पथराला और सोम नदी उफनने लगी हैं। इससे नदियों का पानी आबादी की तरफ बढ़ने लगा है। पथराला में रविवार सुबह से पानी आना शुरू हुआ, जो शाम तक छछरौली के साथ लगते दर्जनों गांवों के खेतों में पहुंच गया। धीरे-धीरे यह पानी गांवों की तरफ बढ़ रहा है, मगर प्रशासन की तरफ से बाढ़ संभावित क्षेत्रों में इंतजाम न होने से ग्रामीणों का चैन छिन गया है।
बीती रात पहाड़ों और छछरौली, नगली उत्तरी क्षेत्र में तेज बारिश हुई थी। इससे उफन रही नदियाें ने गांवों का रुख पार कर लिया है। रविवार दोपहर को पथराला और सोमनदी का पानी दसौरी, उर्जनी, याकूबपुर, बलौली, चुहडपुर खुर्द आदि के खेतों और आबादी के पास पहुंच गया। बाढ़ की आशंका से ग्रामीण डरे हुए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि, क्षेत्र में कहीं पर भी बाढ़ से बचाव के इंतजाम नहीं किए गए हैं।
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जलभराव से दिक्कत
जलभराव से कई जगह लोगों को आवाजाही में दिक्कत का सामना करना पड़ा। कई जगहों छछरौली और आसपास के क्षेत्र में पानी की वजह से लोगों को सड़क पार करने के लिए कई घंटों का इंतजार करना पड़ा। इसमें सबसे बड़ी लापरवाही अधिकारियों की है, जिन्होंने समय रहते पानी निकासी के स्थाई इंतजाम नहीं कराए। इस बारे में प्रशासन को भी कई बार अवगत कराया जा चुका है, लेकिन समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ।
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याकूबपुर जाने वाला रास्ता पांच घंटे रहा बंद
क्षेत्र में हुई तेज बारिश और नदी में आए उफान से सारा पानी याकूबपुर की सड़क पर आ गया। पानी आने से रास्ता बंद हो गया। लगभग पांच घंटे के बाद रास्ते से पानी कम हुआ। लोगों ने सडक पार करने के ट्रैक्टर का सहारा लिया।
रायपुर-डमौली के स्कूल में भरा पथराले का पानी
सोमनदी और पथराला में आया पानी ओवरफ्लो होकर रायपुर-डमौली के सरकारी स्कूल में घुस गया। रविवार होने के कारण अनहोनी टल गई। ऐसे में अगर स्कूल में बच्चे होते तो क्या होता, जहां पर डमौली का स्कूल है, उसके साथ में पथराला नदी है। इसमें आए बरसात में पानी आ जाता है। प्रशासन की ओर से स्कूल को बाढ़ के पानी से बचाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए। इस कारण स्कूल में बच्चों के लिए खतरा रहता है।