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बस-ट्रेन फुल, भीड़ से सीट के लिए मारामारी-धक्कामुक्की
Updated Mon, 07 Aug 2017 12:40 AM IST
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बस-ट्रेन फुल, भीड़ से सीट के लिए मारामारी-धक्कामुक्की
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। रक्षाबंधन को लेकर बसों-ट्रेनों में भीड़ बढ़ गई है। बस-ट्रेन फुल हैं, कहीं भी तिल रखने तक की जगह नहीं हैं। सीटों के लिए मारामारी मची है, धक्कामुक्की तक का आलम है। एक बस आते ही लोग बैठने के लिए दौड़ लगाते नजर आए। रविवार दोपहर 12 बजे से ही यमुनानगर और जगाधरी बस स्टैंड पर ऐसा ही नजारा दिखा। इसके चलते रोडवेज की ओर से कई रूटों पर बढ़ाए गए बसों के फेरे भी नाकाफी साबित हुए। इससे मुफ्त सफर का लाभ उठाने बच्चों संग पहुंची महिलाओं के साथ अन्य यात्रियों को भी दिक्कतें हुईं। ट्रेनों में भी यही हाल दिखा, ज्यादातर ट्रेनों में लंबी वेटिंग चल रही है। आरक्षित कोचों में भी लोग खड़े होकर सफर करते दिखे।
बता दें कि प्रदेश सरकार की ओर से हर वर्ष की तरह इस बार भी रक्षाबंधन पर रविवार दोपहर 12 से सोमवार रात 12 बजे तक महिलाओं और उनके साथ 15 साल के किशोरों को मुफ्त यात्रा की सुविधा दी गई है। चूंकि किराया नहीं लगना है तो तमाम बहनें अपने साथ बच्चे भी लेकर घर से निकल रही हैं, यह उनकी समस्या और बढ़ा रहा है। यात्रियों के बढ़े दबाव से रोडवेज के सारे के सारे इंतजाम धरे के धरे रह गए हैं। बसों के फेरे बढ़ाए जाने के बाद भी बसें में ठसाठस भरी चल रही हैं। रविवार को पहले दिन यमुनानगर डिपो पर बसों की कमी के बीच यही स्थिति बनी रही।
आम दिनों में डिपो पर जरूरत 180 बसों की, जबकि हैं 162 बस
विभागीय सूत्रों की माने तो डिपो पर बीते वर्ष 175 बसों में से 13 बसें घट गई हैं। इनमें छह बसें कंडम होकर वर्कशाप में खड़ी हैं, जबकि सात को दूसरे जगहों पर भेज दिया गया है। मौजूदा समय में करीब 162 बसें हैं, जबकि मांग 180 बसों की है। बसों की संख्या कम होने से रविवार को मुफ्त सफर का लाभ उठाने वाली महिलाओं और बच्चों की भीड़ में बसों पर 35-40 प्रतिशत अधिक यात्रियों का बोझ पड़ गया। दोपहर 12 बजे से मुफ्त सफर की सेवा शुरू होते ही यमुनानगर और जगाधरी दोनों ही बस स्टैंड पर भीड़ के कारण बसों में चढ़ने के लिए मारा-मारी रही। दोपहर से ही टिकट काउंटरों पर महिलाओं की लंबी कतारें लगी रहीं। बसों की कमी के चलते अधिकांश महिलाओं को अपने बच्चों को गोद में लेकर और बैग नीचे रखकर बसों का काफी देर तक इंतजार करना पड़ा।
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बसों में सीट मिलना दूर चढ़ना भी मुश्किल
यमुनानगर बस स्टैंड पर बस का इंतजार कर रहीं रश्मी, सरोज, अवनी, संगीता ने बताया कि सरकार ने रक्षाबंधन के दिन बसों में महिलाओं के लिए किराया तो माफ कर दिया, लेकिन बसों में अधिक भीड़ होने के कारण सीट मिलना तो दूर बस में चढ़ना मुश्किल हो गया। बसों में अधिक भीड़ होने से सबसे अधिक परेशानी बच्चों और वृद्धों को हुई। फ्री बस सेवा के साथ बसों की संख्या इतनी बढ़ाई जानी चाहिए कि यात्रियों को एक से दो घंटे तक इंतजार न करना पड़े।
यूपी-हिमाचल की बसों सहित लोकल रूट की बसों के लिए किया घंटों इंतजार
प्रेमलता ने बताया कि उन्हें अंबाला जाना है, लेकिन आधे घंटे बाद भी बस नहीं आई है। इसी तरह कुसुम ने बताया कि उन्हें चंडीगढ़ जाना है, एक घंटे से बस इंतजार कर रहीं हैं। वर्कशॉप निवासी ममता को सहारनपुर के पिलखनी गांव में अपने भाई को राखी बांधने के लिए जाना था। वह दो घंटे से बस का इंतजार कर रही हैं, लेकिन कोई बस नहीं आई। इसी तरह सुनीता को पौंटासाहिब जाना था, वह भी दो घंटे तक बस की इंतजार में खड़ी रहीं। अमरपुरी निवासी मुकेश ने बताया कि वह अपनी पत्नी अंजली व बच्चों के साथ यमुनानगर बस स्टैंड में सहारनपुर की बस का करीब दो घंटे से इंतजार कर रहा है, लेकिन अभी तक यूपी की ओर जाने वाली कोई बस नहीं आई है। यही स्थिति जिले के लोकल रूटों पर भी रही, जिनमें जठलाना, बिलासपुर, खिजराबाद, मुस्तफाबाद, साढौरा, छछरौली आदि पर बसों की कम संख्या के कारण महिलाओं सहित अन्य यात्रियों को भी परेशानी हुई।
निजी बसों और वाहनों की रही चांदी
हरियाणा रोडवेज बसों में भारी भीड़ के कारण निजी बसों और वाहनों की चांदी रही, क्योंकि काफी यात्री रोडवेज बसों में चढ़ नहीं पाए या फिर भीड़ देखते ही वापस हो लिए। अधिकांश महिलाएं और अन्य यात्री निजी बसों, मैक्सी कैब व अन्य वाहनों का सहारा लेते दिखाई दिए। जिससे निजी वाहन चालकों की दिनभर चांदी रही।
विभाग की ओर से पूरा प्रयास किया जा रहा है कि रक्षाबंधन पर मुफ्त सफर में महिलाओं को किसी तरह की परेशानी न हो। इसके लिए अधिकारियों व कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है।
रविंद्र पाठक, जीएम, रोडवेज यमुनानगर।
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अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। रक्षाबंधन को लेकर बसों-ट्रेनों में भीड़ बढ़ गई है। बस-ट्रेन फुल हैं, कहीं भी तिल रखने तक की जगह नहीं हैं। सीटों के लिए मारामारी मची है, धक्कामुक्की तक का आलम है। एक बस आते ही लोग बैठने के लिए दौड़ लगाते नजर आए। रविवार दोपहर 12 बजे से ही यमुनानगर और जगाधरी बस स्टैंड पर ऐसा ही नजारा दिखा। इसके चलते रोडवेज की ओर से कई रूटों पर बढ़ाए गए बसों के फेरे भी नाकाफी साबित हुए। इससे मुफ्त सफर का लाभ उठाने बच्चों संग पहुंची महिलाओं के साथ अन्य यात्रियों को भी दिक्कतें हुईं। ट्रेनों में भी यही हाल दिखा, ज्यादातर ट्रेनों में लंबी वेटिंग चल रही है। आरक्षित कोचों में भी लोग खड़े होकर सफर करते दिखे।
बता दें कि प्रदेश सरकार की ओर से हर वर्ष की तरह इस बार भी रक्षाबंधन पर रविवार दोपहर 12 से सोमवार रात 12 बजे तक महिलाओं और उनके साथ 15 साल के किशोरों को मुफ्त यात्रा की सुविधा दी गई है। चूंकि किराया नहीं लगना है तो तमाम बहनें अपने साथ बच्चे भी लेकर घर से निकल रही हैं, यह उनकी समस्या और बढ़ा रहा है। यात्रियों के बढ़े दबाव से रोडवेज के सारे के सारे इंतजाम धरे के धरे रह गए हैं। बसों के फेरे बढ़ाए जाने के बाद भी बसें में ठसाठस भरी चल रही हैं। रविवार को पहले दिन यमुनानगर डिपो पर बसों की कमी के बीच यही स्थिति बनी रही।
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आम दिनों में डिपो पर जरूरत 180 बसों की, जबकि हैं 162 बस
विभागीय सूत्रों की माने तो डिपो पर बीते वर्ष 175 बसों में से 13 बसें घट गई हैं। इनमें छह बसें कंडम होकर वर्कशाप में खड़ी हैं, जबकि सात को दूसरे जगहों पर भेज दिया गया है। मौजूदा समय में करीब 162 बसें हैं, जबकि मांग 180 बसों की है। बसों की संख्या कम होने से रविवार को मुफ्त सफर का लाभ उठाने वाली महिलाओं और बच्चों की भीड़ में बसों पर 35-40 प्रतिशत अधिक यात्रियों का बोझ पड़ गया। दोपहर 12 बजे से मुफ्त सफर की सेवा शुरू होते ही यमुनानगर और जगाधरी दोनों ही बस स्टैंड पर भीड़ के कारण बसों में चढ़ने के लिए मारा-मारी रही। दोपहर से ही टिकट काउंटरों पर महिलाओं की लंबी कतारें लगी रहीं। बसों की कमी के चलते अधिकांश महिलाओं को अपने बच्चों को गोद में लेकर और बैग नीचे रखकर बसों का काफी देर तक इंतजार करना पड़ा।
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बसों में सीट मिलना दूर चढ़ना भी मुश्किल
यमुनानगर बस स्टैंड पर बस का इंतजार कर रहीं रश्मी, सरोज, अवनी, संगीता ने बताया कि सरकार ने रक्षाबंधन के दिन बसों में महिलाओं के लिए किराया तो माफ कर दिया, लेकिन बसों में अधिक भीड़ होने के कारण सीट मिलना तो दूर बस में चढ़ना मुश्किल हो गया। बसों में अधिक भीड़ होने से सबसे अधिक परेशानी बच्चों और वृद्धों को हुई। फ्री बस सेवा के साथ बसों की संख्या इतनी बढ़ाई जानी चाहिए कि यात्रियों को एक से दो घंटे तक इंतजार न करना पड़े।
यूपी-हिमाचल की बसों सहित लोकल रूट की बसों के लिए किया घंटों इंतजार
प्रेमलता ने बताया कि उन्हें अंबाला जाना है, लेकिन आधे घंटे बाद भी बस नहीं आई है। इसी तरह कुसुम ने बताया कि उन्हें चंडीगढ़ जाना है, एक घंटे से बस इंतजार कर रहीं हैं। वर्कशॉप निवासी ममता को सहारनपुर के पिलखनी गांव में अपने भाई को राखी बांधने के लिए जाना था। वह दो घंटे से बस का इंतजार कर रही हैं, लेकिन कोई बस नहीं आई। इसी तरह सुनीता को पौंटासाहिब जाना था, वह भी दो घंटे तक बस की इंतजार में खड़ी रहीं। अमरपुरी निवासी मुकेश ने बताया कि वह अपनी पत्नी अंजली व बच्चों के साथ यमुनानगर बस स्टैंड में सहारनपुर की बस का करीब दो घंटे से इंतजार कर रहा है, लेकिन अभी तक यूपी की ओर जाने वाली कोई बस नहीं आई है। यही स्थिति जिले के लोकल रूटों पर भी रही, जिनमें जठलाना, बिलासपुर, खिजराबाद, मुस्तफाबाद, साढौरा, छछरौली आदि पर बसों की कम संख्या के कारण महिलाओं सहित अन्य यात्रियों को भी परेशानी हुई।
निजी बसों और वाहनों की रही चांदी
हरियाणा रोडवेज बसों में भारी भीड़ के कारण निजी बसों और वाहनों की चांदी रही, क्योंकि काफी यात्री रोडवेज बसों में चढ़ नहीं पाए या फिर भीड़ देखते ही वापस हो लिए। अधिकांश महिलाएं और अन्य यात्री निजी बसों, मैक्सी कैब व अन्य वाहनों का सहारा लेते दिखाई दिए। जिससे निजी वाहन चालकों की दिनभर चांदी रही।
विभाग की ओर से पूरा प्रयास किया जा रहा है कि रक्षाबंधन पर मुफ्त सफर में महिलाओं को किसी तरह की परेशानी न हो। इसके लिए अधिकारियों व कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है।
रविंद्र पाठक, जीएम, रोडवेज यमुनानगर।