{"_id":"597f825f4f1c1b64238b4665","slug":"15015287582-yamuna-nagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"रेलवे वैंडर्स पर न दे ध्यान, तो करेंगे हड़ताल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रेलवे वैंडर्स पर न दे ध्यान, तो करेंगे हड़ताल
Updated Tue, 01 Aug 2017 12:50 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रेलवे वैंडर्स पर दे ध्यान वर्ना करेंगे हड़ताल
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। रेलवे वैंडर्स कामगार संघ की राष्ट्रस्तरीय बैठक रविवार देर शाम अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन के पास स्थित यादव धर्मशाला में हुई। बैठक में नॉर्दर्न रेलवे जोन के सभी मंडलों के वैंडर्स ने भाग लिया। बैठक में दिल्ली, गाजियाबाद, मेरठ, मुजफ्फरनगर, यमुनानगर-जगाधरी, अंबाला, कुरुक्षेत्र, करनाल, पानीपत, सोनीपत, पटियाला, भटिंडा, नाभा, धूरी, लुधियाना, जालंधर, अमृतसर, फिरोजपुर, जम्मू, मुरादाबाद, बरेली, लखनऊ, हरिद्वार, देहरादून, रूड़की, लक्सर स्टेशन के वैंडर्स ने भाग लिया। बैठक में रेलवे की ओर से वैंडर्स की उत्थान की कोई नीति न बनाने और कैटरिंग ठेकेदारों की ओर से उनका शोषण किए जाने का आरोप लगाया। वैंडर्स ने रेलवे कैंटरिंग ठेके को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया और इसी तर्ज पर रेलवे से नई नीति बनाने की मांग की।
रेलवे वैंडर्स कामगार संघ के अश्वनी शर्मा ने यमुनानगर लौटने पर बताया कि बताया कि वैंडर्स सालों से रेलवे कैंटरिंग में ठेकेदार के अधीन काम कर रहे हैं। ठेकेदारों की ओर से वैंडर्स का रेलवे अधिकारियों की मिली भगत के चलते शोषण किया जा रहा है। आजादी के बाद भी रेलवे ने कैटरिंग वैंडर्स के लिए कोई नीति नहीं है। लाखों वैंडर्स यात्रियों को सुविधा देते हुए हादसों का शिकार होकर जान गवां चुके हैं और अपाहिज हो चुके हैं। लेकिन न तो रेलवे ने और न ही कैटरिंग ठेकेदारों ने उन्हें कोई मुआवजा दिया। वैंडर्स ने मांग की है कि रेलवे वैंडर्स की उत्थान के लिए नीति बनाए और उन्हें सुविधाएं दी जाए।
पुराने वैंडर्स को मिले ठेका
अश्वनी शर्मा, सतप्रकाश ने बताया कि दशकों से एक ही ठेकेदार कई स्टेशनों पर दर्जनों स्टाल चलाता आ रहा है। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने रेलवे कैटरिंग को लेकर एक फैसला दिया है, जिसके आधार पर एक व्यक्ति को पूरे भारत में एक ही स्टाल, फूड प्लाजा इत्यादि का ठेका दिया जाएगा। इसी को लेकर रेलवे ने भी ठेकेदारों को अपना एक यूनिट चयनित कर सूचित करने के बारे पत्र जारी किया था। वैंडर्स का कहना है अभी एक ठेकेदार के पास कई स्टाल हैं। अब जब रेलवे ने पत्र जारी किया है तो पुराने ठेकेदारों को एक स्टाल रख अन्य छोड़ने होंगे। वहीं रेलवे शेष स्टाल्स पर नए टैंडर करने की योजना बना रहा है। लेकिन शेष स्टाल पुराने वैंडर्स के नाम ही अलाट किए जाने चाहिए। इससे लोगों को स्वरोजगार मिलेगा और कैटरिंग को लेकर पारदर्शिता आएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। रेलवे वैंडर्स कामगार संघ की राष्ट्रस्तरीय बैठक रविवार देर शाम अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन के पास स्थित यादव धर्मशाला में हुई। बैठक में नॉर्दर्न रेलवे जोन के सभी मंडलों के वैंडर्स ने भाग लिया। बैठक में दिल्ली, गाजियाबाद, मेरठ, मुजफ्फरनगर, यमुनानगर-जगाधरी, अंबाला, कुरुक्षेत्र, करनाल, पानीपत, सोनीपत, पटियाला, भटिंडा, नाभा, धूरी, लुधियाना, जालंधर, अमृतसर, फिरोजपुर, जम्मू, मुरादाबाद, बरेली, लखनऊ, हरिद्वार, देहरादून, रूड़की, लक्सर स्टेशन के वैंडर्स ने भाग लिया। बैठक में रेलवे की ओर से वैंडर्स की उत्थान की कोई नीति न बनाने और कैटरिंग ठेकेदारों की ओर से उनका शोषण किए जाने का आरोप लगाया। वैंडर्स ने रेलवे कैंटरिंग ठेके को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया और इसी तर्ज पर रेलवे से नई नीति बनाने की मांग की।
रेलवे वैंडर्स कामगार संघ के अश्वनी शर्मा ने यमुनानगर लौटने पर बताया कि बताया कि वैंडर्स सालों से रेलवे कैंटरिंग में ठेकेदार के अधीन काम कर रहे हैं। ठेकेदारों की ओर से वैंडर्स का रेलवे अधिकारियों की मिली भगत के चलते शोषण किया जा रहा है। आजादी के बाद भी रेलवे ने कैटरिंग वैंडर्स के लिए कोई नीति नहीं है। लाखों वैंडर्स यात्रियों को सुविधा देते हुए हादसों का शिकार होकर जान गवां चुके हैं और अपाहिज हो चुके हैं। लेकिन न तो रेलवे ने और न ही कैटरिंग ठेकेदारों ने उन्हें कोई मुआवजा दिया। वैंडर्स ने मांग की है कि रेलवे वैंडर्स की उत्थान के लिए नीति बनाए और उन्हें सुविधाएं दी जाए।
विज्ञापन
पुराने वैंडर्स को मिले ठेका
अश्वनी शर्मा, सतप्रकाश ने बताया कि दशकों से एक ही ठेकेदार कई स्टेशनों पर दर्जनों स्टाल चलाता आ रहा है। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने रेलवे कैटरिंग को लेकर एक फैसला दिया है, जिसके आधार पर एक व्यक्ति को पूरे भारत में एक ही स्टाल, फूड प्लाजा इत्यादि का ठेका दिया जाएगा। इसी को लेकर रेलवे ने भी ठेकेदारों को अपना एक यूनिट चयनित कर सूचित करने के बारे पत्र जारी किया था। वैंडर्स का कहना है अभी एक ठेकेदार के पास कई स्टाल हैं। अब जब रेलवे ने पत्र जारी किया है तो पुराने ठेकेदारों को एक स्टाल रख अन्य छोड़ने होंगे। वहीं रेलवे शेष स्टाल्स पर नए टैंडर करने की योजना बना रहा है। लेकिन शेष स्टाल पुराने वैंडर्स के नाम ही अलाट किए जाने चाहिए। इससे लोगों को स्वरोजगार मिलेगा और कैटरिंग को लेकर पारदर्शिता आएगी।
विज्ञापन