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प्लाई बेचने के नाम पर फैक्टरी संचालक से हड़पे 15 लाख रुपये

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 20 May 2021 01:46 AM IST
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15 lakh rupees from factory operator in the name of selling ply
यमुनानगर। मुंबई की मारुति प्लाईवुड फर्म के दो पार्टनरों पर सुघ की गुमत्री प्लाईवुड फैक्टरी के संचालक कोमल गोगिया ने 15 लाख रुपये ठगने का आरोप लगाया है। आरोप है कि आरोपियों ने पहले फैक्टरी संचालक को प्लाईवुड का व्यापार कर विश्वास में लिया, फिर तीन चेक देकर उधार 15 लाख रुपये ले लिए। जब फैक्टरी संचालक ने चेक बैंक में लगाए तो वह बाउंस हो गए। अब आरोपियों ने रुपये देने से मना कर दिया है। यही नहीं आरोपियों ने खुद को गुमत्री प्लाईवुड फैक्टरी की फर्जी मुहर व बिल देकर मुंबई में अन्य फर्म से डेढ़ लाख रुपये लेकर हड़प लिए। पुलिस ने मामले में दोनों आरोपियों पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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जगाधरी की राजेश कॉलोनी निवासी कोमल गोगिया ने बुड़िया थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसकी सुघ गांव में गुमत्री प्लाईवुड फैक्टरी है। फैक्टरी के निदेशक व मालिक उसके पिता घनश्याम गोगिया हैं। वे कई वर्षों से देश भर में कई प्रतिष्ठित फर्मों व कंपनियों के साथ व्यवसाय कर रहे हैं। कंपनी की सारी देखरेख व व्यापार वह खुद देखते हैं। जून 2019 से महाराष्ट्र के पुणे के आंबेडकर नगर निवासी आनंद रामलखन मिश्रा व मुंबई के सुभाष नगर निवासी आशीष मिश्रा उसके साथ प्लाईवुड प्रोडक्ट की खरीद करते थे। दोनों आरोपी मुंबई में मारुति प्लाईवुड फर्म में पार्टनर हैं। वह आरोपियों से सारा व्यवसाय फोन के माध्यम से करता था। शुरू में आरोपियों के साथ उसका अच्छा व्यापार चला। जिससे उसके आरोपियों से अच्छी व्यवसायिक संबंध बन गए। दिसंबर 2019 में आरोपियों ने उससे फर्म की आर्थिक हालात ठीक नहीं होने पर 15 लाख रुपये की मांग की। तब आरोपियों ने यह रकम कुछ समय बाद लौटाने का उसे आश्वासन दिया। आरोपियों से अच्छे व्यापारिक संबंध होने के कारण उसने आरोपियों को यमुनानगर बुलाया। दिसंबर 2019 के अंतिम सप्ताह में दोनों आरोपी दो अन्य व्यक्तियों शुभम कुमार व संदीप मिश्रा के साथ यहां आए। इकरारनामा होने के बाद उसने 27 दिसंबर 2019 को आरोपियों की फर्म के अकाउंट में 11 लाख रुपये और आरोपी आनंद रामलखन मिश्रा के अकाउंट में चार लाख रुपये जमा करवा दिए। इसकी एवज में आरोपियों ने उनकी कंपनी के हक में आगामी तारीख के 15 लाख रुपये के तीन चेक लिए। लेकिन वे चैक बैंक में बाउंस हो गए। जब उसने आरोपियों से फोन पर संपर्क करना चाहा तो आरोपियों ने फोन नहीं उठाया। परेशान होकर उन्होंने इसकी शिकायत पुलिस को दी। पुलिस ने मामले में दोनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी व अमानत में खयानत के आरोप में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच अधिकारी लखविंद्र सिंह का कहना है कि मामले में दोनों आरोपियों पर धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी।
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