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बिजली की समस्या से परेशान किसानों ने बिजली निगम कार्यालय पर जड़ा ताला
Updated Tue, 04 Jul 2017 01:11 AM IST
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अफसरों की हीलाहवाली पर फूटा गुस्सा, ऑफिस पर जड़ा ताला
अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर। बिजली की समस्या का समाधान न होने पर सोमवार को किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। गांव बांसेवाला व मंधार फीडर के अंतर्गत आने वाले एक दर्जन गांवों के लोगों ने बिजली बोर्ड के कार्यालय को ताला जड़ दिया और धरने पर बैठ गए। एसडीओ सुरेश कुमार के आश्वासन पर करीब एक घंटे बाद ग्रामीणों ने गेट का ताला खोल दिया।
गांव बांसेवाला के ग्रामीण समय सिंह, रामचंद्र, जसबीर, देवीचंद, सतीश कुमार ने बताया कि गांव में लगे टयूबवेल की बिजली सप्लाई का ट्रांसफार्मर पिछले चार दिनों से खराब है। कई बार विभाग के अधिकारियाें को फोन किया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। इस पर ग्रामीणों ने बिलासपुर कार्यालय आकर एसडीओ व जेई से संपर्क किया तो उन्होंने कहा कि उनके पास गाड़ी का प्रबंध नहीं है। आप गाड़ी और चेन पुली का इंतजाम करा दो, हम अपने कर्मचारी भेजकर ट्रांसफार्मर उतरवा देंगे। ग्रामीणों का कहना है कि बिजली संकट को लेकर पिछले तीन दिनों से पीने के पानी की भारी किल्लत बनी हुई है। लोग हैंडपंपों से शोरायुक्त पानी पीने को मजबूर हैं। वहीं, पशुओं के लिए भी पीने के पानी की समस्या आन खड़ी हुई है। अधिकारी कोई बात सुनने को तैयार नहीं है। वहीं बांसेवाला की बिजली सप्लाई मछरौली व ताहरपुर के टयूबवैलों की सप्लाई के साथ जोड़ रखी है, जिस कारण उन्हें नियमित रूप से बिजली की सप्लाई नहीं हो पा रही है। इधर, मंधान फीडर के किसान रंजीत सिंह, रतन सिंह, बलविंद्र, हरपाल सिंह, गुरबक्श सिंह, राजेंद्र सिंह, हरविंद्र सिंह ने बताया कि उनके फीडर पर मंधार व मिल्कसुखी गांव पड़ते हैं। यहां एक साल से बिजली की सप्लाई के लिए केबल तार बदलवाने के लिए कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। हर बार अधिकारी व कर्मचारी यह कहकर टाल देते हैं कि अभी कर्मचारी नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि केबल तार कमजोर होने के कारण उन्हें पर्याप्त मात्रा में बिजली की सप्लाई नहीं मिलती। उन्हें टयूबवेलों के लिए केवल दो घंटे बिजली मिलती है।
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अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर। बिजली की समस्या का समाधान न होने पर सोमवार को किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। गांव बांसेवाला व मंधार फीडर के अंतर्गत आने वाले एक दर्जन गांवों के लोगों ने बिजली बोर्ड के कार्यालय को ताला जड़ दिया और धरने पर बैठ गए। एसडीओ सुरेश कुमार के आश्वासन पर करीब एक घंटे बाद ग्रामीणों ने गेट का ताला खोल दिया।
गांव बांसेवाला के ग्रामीण समय सिंह, रामचंद्र, जसबीर, देवीचंद, सतीश कुमार ने बताया कि गांव में लगे टयूबवेल की बिजली सप्लाई का ट्रांसफार्मर पिछले चार दिनों से खराब है। कई बार विभाग के अधिकारियाें को फोन किया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। इस पर ग्रामीणों ने बिलासपुर कार्यालय आकर एसडीओ व जेई से संपर्क किया तो उन्होंने कहा कि उनके पास गाड़ी का प्रबंध नहीं है। आप गाड़ी और चेन पुली का इंतजाम करा दो, हम अपने कर्मचारी भेजकर ट्रांसफार्मर उतरवा देंगे। ग्रामीणों का कहना है कि बिजली संकट को लेकर पिछले तीन दिनों से पीने के पानी की भारी किल्लत बनी हुई है। लोग हैंडपंपों से शोरायुक्त पानी पीने को मजबूर हैं। वहीं, पशुओं के लिए भी पीने के पानी की समस्या आन खड़ी हुई है। अधिकारी कोई बात सुनने को तैयार नहीं है। वहीं बांसेवाला की बिजली सप्लाई मछरौली व ताहरपुर के टयूबवैलों की सप्लाई के साथ जोड़ रखी है, जिस कारण उन्हें नियमित रूप से बिजली की सप्लाई नहीं हो पा रही है। इधर, मंधान फीडर के किसान रंजीत सिंह, रतन सिंह, बलविंद्र, हरपाल सिंह, गुरबक्श सिंह, राजेंद्र सिंह, हरविंद्र सिंह ने बताया कि उनके फीडर पर मंधार व मिल्कसुखी गांव पड़ते हैं। यहां एक साल से बिजली की सप्लाई के लिए केबल तार बदलवाने के लिए कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। हर बार अधिकारी व कर्मचारी यह कहकर टाल देते हैं कि अभी कर्मचारी नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि केबल तार कमजोर होने के कारण उन्हें पर्याप्त मात्रा में बिजली की सप्लाई नहीं मिलती। उन्हें टयूबवेलों के लिए केवल दो घंटे बिजली मिलती है।
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