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134ए को लेकर घमासान जारी, चौथाई विद्यार्थियों को नहीं मिला दाखिला

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 12 Feb 2022 02:18 AM IST
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134e ko lekar ghamaasaan jaaree, chauthaee vidyaarthiyon ko nahin mila daakhila
यमुनानगर। 134ए पर चला घमासान रुकने का नाम नहीं ले रहा है। शैक्षणिक स्तर खत्म होने वाला है और अभी तक एक चौथाई पात्र विद्यार्थी दाखिले से वंचित है। इसके चलते अभिभावकों व विद्यार्थियों को उनका साल खराब होने की चिंता सता रही है।
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बच्चों के भविष्य को लेकर अभिभावक कई बार प्रदर्शन कर चुके हैं। अभिभावक जागरण मंच इस बारे जिला शिक्षा अधिकारी, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, उपायुक्त सहित सरकार को ज्ञापन व मांग पत्र दे चुका है। वहीं 134ए को लेकर सरकार व निजी स्कूलों में दाखिला देने को लेकर सहमति नहीं बन पाई है। सरकार के निर्णय के खिलाफ कुछ निजी स्कूल उच्च न्यायालय चले गए हैं। ऐसे में उन स्कूलों में विद्यार्थियों को दाखिला उच्च न्यायालय के आदेशों के बाद ही हो पाएगा। वहीं दूसरी तरफ सीबीएसई की ओर से वार्षिक परीक्षा के संकेत दे दिए गए हैं, यदि अब भी विद्यार्थियों को दाखिला नहीं मिल पाया तो 134ए के नियम का औचित्य नहीं रह जाएगा।
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निजी स्कूलों ने 134ए के तहत दाखिला देने को लेकर पिछली राशि रुकी होने का भी हवाला दिया गया था। जिसके बाद सरकार की ओर से स्कूलों की राशि जारी कर दी गई है। जिले से कुल 37 स्कूलों को यह राशि जारी की है। चूंकि इतने ही स्कूलों ने राशि के लिए आवेदन किया था। विभाग की ओर से 37 स्कूलों के लिए साढ़े 57 लाख रुपये की राशि जारी की गई है। 134ए के तहत दाखिला देने के सरकार के आदेश को कुछ निजी स्कूलों ने संगठन के माध्यम से हाईकोर्ट में चुनौती दी है। जिसके तहत संगठन संबंधित किसी स्कूल ने दाखिला नहीं दिया है।
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हाईकोर्ट के आदेश के बाद इस पर निर्णय लिया जाएगा। इस बारे डिस्ट्रिक प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के प्रधान मनोरंजन साहनी ने बताया कि 134ए के तहत सरकार ने नियमों को ध्यान में नहीं रखा है। सरकार की लापरवाही के कारण पूरी व्यवस्था बिगड़ गई है। सरकार को यह आदेश पहले जारी करने चाहिए थे। जबकि अक्तूबर के अंत में इसके आदेश जारी किए गए। दिसंबर तक आवेदन लिए गए, जबकि इस समय सत्र पूरा हो जाता है, सिलेबस समाप्त हो जाता है। ऐसे समय में दाखिला नहीं दिया जा सकता है। जबकि सरकार व विभाग की ओर से इसका दबाव दिया जा रहा था। वहीं सरकार की ओर से 134ए के तहत दिया जाने वाला शुल्क भी कम है। सरकार से इसे बढ़ाने की मांग भी की जा चुकी है। ऐसे में संगठन ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर की है। उच्च न्यायालय के आदेश के बाद ही स्कूल इस पर निर्णय लेंगे।
बाक्स
अभी 350 से ज्यादा विद्यार्थी दाखिला से वंचित
134ए के तहत दाखिला का दूसरा चरण शुरू हो चुका है। जिसके अंतर्गत विद्यार्थियों को 18 फरवरी तक दाखिले दिए जाएंगे। अभी 134ए के पहले चरण में दाखिला लेने की आखिरी तारीख 15 जनवरी थी। परंतु सभी को स्कूलों में प्रवेश नहीं मिल पाया। 2046 विद्यार्थियों में से केवल 1063 को ही दाखिला मिल पाया है। 506 विद्यार्थियों के दाखिले नहीं हो पाए हैं। वहीं 477 के दाखिले स्कूलों ने रद्द कर दिए हैं। अब दूसरे चरण में 141 विद्यार्थियों को दाखिला दिया गया है। जबकि अन्यों के लिए प्रक्रिया चल रही है।
सख्ती से लागू हो आदेश
अभिभावक जागरण मंच के पदाधिकारी अधिवक्ता साहिब सिंह गुर्जर ने कहा कि सरकार ने इस बार 134ए के आदेश जारी कर नियम की औपचारिकताएं पूरी की हैं। सरकार के निर्णय का खामियाजा विद्यार्थियों को भुगतना पड़ रहा है। निजी स्कूल विद्यार्थियों व अभिभावकों को परेशान कर रहे हैं। निजी स्कूल दाखिले में देरी कर रहे हैं, ताकि अभिभावक परेशान होकर पूरी फीस जमा करवा कर दाखिला लेने को मजबूर हों। ऐसे में सरकार व विभाग को इसके लिए सख्ती से काम करना होगा।

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वर्जन
134ए नियम के तहत पात्रों को दाखिला दिया जा रहा है। पहला चरण पूरा हो चुका है। जबकि दूसरा चरण 18 फरवरी तक चलेगा। दूसरे चरण में 141 को दाखिला दे दिया गया है। जबकि अन्यों की प्रक्रिया चल रही है।
-रामदिया गागट, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी।
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