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धरना-प्रदर्शन करने के बाद गन्ना किसानों को 12 करोड़ का भुगतान
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। धरना-प्रदर्शन करने के बाद सरस्वती शुगर मिल ने किसानों को गन्ने का भुगतान करना शुरू कर दिया है। अब मिल ने 12 करोड़ रुपये का भुगतान किसानों को किया है। अभी भी 100 करोड़ की राशि बकाया है। मिल में 16 नवंबर को गन्ने की पेराई की शुरूआत हुई थी। तब से 30 नवंबर तक के करीब 60 करोड़ रुपये बकाया है, जिसे अब धीरे-धीरे कर चुकाया जा रहा है।
सरस्वती शुगर मिल में गन्ने की पेराई को शुरू हुए एक माह से अधिक का समय हो चुका है। मिल में गन्ना डालने के बाद किसानों के हाथ खाली थे। भुगतान न होने के कारण किसान आर्थिक तंगी के दौर से गुजर रहे थे। जब किसानों के सामने ज्यादा दिक्कत आने लगी तो उन्होंने लघु सचिवालय में धरना देकर विरोध किया था। सरकार के पास विरोध का मामला पहुंचने के बाद सब्सिडी का नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया था। सरस्वती शुगर मिल में अब तक 30 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई हो चुकी है। गन्ने का प्रति क्विंटल 362 रुपये रेट तय है। मतलब एक दिन की पेमेंट साढ़े तीन करोड़ रुपये से अधिक है। 16 नवंबर को गन्ने का पेराई सीजन शुरू हो गया था। पेराई सीजन के अंत चलेगी।
सरस्वती शुगर मिल से यमुनानगर, अंबाला व कुरुक्षेत्र जिले के करीब 25 हजार किसान जुड़े हैं। केन कंट्रोल बोर्ड की नौ सितंबर को बैठक हुई थी। इसमें गन्ने के रेट का निर्णय हुआ था। साथ ही यह निर्णय लिया गया था कि शुगर मिलों को सरकार की ओर से दी जानी वाली सब्सिडी का फार्मूला पिछले साल वाला ही रहेगा, जिस तर्ज पर तीन वर्ष से मिलों को सब्सिडी मिल रही है। गन्ने के निर्धारित रेट का नोटिफिकेशन जारी हो गया था, लेकिन सब्सिडी का नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया था। इस पर मिल की ओर से भुगतान की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई थी।
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हमने नोटिफिकेशन जारी होने से पहले ही गन्ने का भुगतान शुरू कर दिया था। अब तक करीब 12 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया गया है। 30 नवंबर तक की लगभग 60 करोड़ की राशि है, उसी में से उसे भुगतान किया जा रहा है। किसानों को भुगतान में कोई दिक्कत आने नहीं दी जाएगी। - डीपी सिंह, सीनियर वाइस प्रेसीडेंट सरस्वती, शुगर मिल।
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यमुनानगर। धरना-प्रदर्शन करने के बाद सरस्वती शुगर मिल ने किसानों को गन्ने का भुगतान करना शुरू कर दिया है। अब मिल ने 12 करोड़ रुपये का भुगतान किसानों को किया है। अभी भी 100 करोड़ की राशि बकाया है। मिल में 16 नवंबर को गन्ने की पेराई की शुरूआत हुई थी। तब से 30 नवंबर तक के करीब 60 करोड़ रुपये बकाया है, जिसे अब धीरे-धीरे कर चुकाया जा रहा है।
सरस्वती शुगर मिल में गन्ने की पेराई को शुरू हुए एक माह से अधिक का समय हो चुका है। मिल में गन्ना डालने के बाद किसानों के हाथ खाली थे। भुगतान न होने के कारण किसान आर्थिक तंगी के दौर से गुजर रहे थे। जब किसानों के सामने ज्यादा दिक्कत आने लगी तो उन्होंने लघु सचिवालय में धरना देकर विरोध किया था। सरकार के पास विरोध का मामला पहुंचने के बाद सब्सिडी का नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया था। सरस्वती शुगर मिल में अब तक 30 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई हो चुकी है। गन्ने का प्रति क्विंटल 362 रुपये रेट तय है। मतलब एक दिन की पेमेंट साढ़े तीन करोड़ रुपये से अधिक है। 16 नवंबर को गन्ने का पेराई सीजन शुरू हो गया था। पेराई सीजन के अंत चलेगी।
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सरस्वती शुगर मिल से यमुनानगर, अंबाला व कुरुक्षेत्र जिले के करीब 25 हजार किसान जुड़े हैं। केन कंट्रोल बोर्ड की नौ सितंबर को बैठक हुई थी। इसमें गन्ने के रेट का निर्णय हुआ था। साथ ही यह निर्णय लिया गया था कि शुगर मिलों को सरकार की ओर से दी जानी वाली सब्सिडी का फार्मूला पिछले साल वाला ही रहेगा, जिस तर्ज पर तीन वर्ष से मिलों को सब्सिडी मिल रही है। गन्ने के निर्धारित रेट का नोटिफिकेशन जारी हो गया था, लेकिन सब्सिडी का नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया था। इस पर मिल की ओर से भुगतान की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई थी।
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हमने नोटिफिकेशन जारी होने से पहले ही गन्ने का भुगतान शुरू कर दिया था। अब तक करीब 12 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया गया है। 30 नवंबर तक की लगभग 60 करोड़ की राशि है, उसी में से उसे भुगतान किया जा रहा है। किसानों को भुगतान में कोई दिक्कत आने नहीं दी जाएगी। - डीपी सिंह, सीनियर वाइस प्रेसीडेंट सरस्वती, शुगर मिल।