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ऑस्ट्रेलिया भेजने के नाम पर 10 लाख रुपये हड़पे
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यमुनानगर। जगाधरी स्थित ग्रीन विहार कॉलोनी निवासी रणजीत सिंह को आस्ट्रेलिया भेजने के नाम पर एक व्यक्ति ने उससे 10 लाख रुपये हड़प लिए। आरोपी ने आस्ट्रेलिया भेजने के लिए 12 लाख रुपये में सौदा तय किया था। दो लाख रुपये वीजा लगने के बाद देने तय हुए थे, लेकिन दस लाख रुपये लेकर आरोपी ने उसे आस्ट्रेलिया नहीं भेजा और न ही उसका पासपोर्ट वापस किया। पुलिस ने रणजीत सिंह की शिकायत पर आरोपी व्यक्ति के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
रणजीत सिंह ने शहर जगाधरी पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 2018 में उसकी मुलाकात गोमती मोहल्ला जगाधरी निवासी अंकुश शर्मा के साथ हुई थी। आरोपी का जगाधरी लक्कड़ मंडी में एक दुकान पर आना जाना था। जहां उससे उसकी मुलाकात हुई थी। अंकुश शर्मा ने उसे कहा कि उसके काफी रिश्तेदार आस्ट्रेलिया में गए हुए हैं और कई रिश्तेदारों को वहां की पीआर भी मिली हुई है। उनके माध्यम से उसने कई लोगों को आस्ट्रेलिया भेजकर नौकरी पर लगवाया है। अब वे वहां रहकर दो से ढाई लाख रुपये प्रतिमाह कमा रहे हैं। आरोपी की बातें सुनकर उसे भी आस्ट्रेलिया जाकर रुपये कमाने की इच्छा हुई। इसलिए वह आरोपी की बातों में आ गया। आरोपी ने उसे आस्ट्रेलिया भेजने के नाम पर 12 लाख रुपये खर्च आने की बात कही। जिसमें से 10 लाख रुपये पहले व दो लाख रुपये वीजा लगने के बाद देने तय हुए। उसने बताया कि उसने आरोपी को जुलाई 2018 से जनवरी 2019 तक 10 लाख रुपये, पासपोर्ट, आईडी, फोटोग्राफ व अन्य दस्तावेज दे दिए। आरोपी ने उसे ऑस्ट्रेलिया के वीजा की फाइल का काम छह माह में पूरा होने की बात कही। वीजा लगते ही आरोपी ने उसे आस्ट्रेलिया भेजने की बात कही, लेकिन निर्धारित समय के बाद भी आरोपी ने उसे आस्ट्रेलिया नहीं भेजा। जब उसने इस संबंध में आरोपी से बात की तो उसने कहा कि जाने की तैयारी रखो, वीजा लगते ही आस्ट्रेलिया भेज दिया जाएगा। मई 2019 में जब उसने आरोपी से बातचीत की तो उसने कहा कि आस्ट्रेलिया सरकार नए वीजा जारी नहीं कर रही है। नए वीजे अगले साल की शुरुआत में खुल जाएंगे। उसने आरोपी से अपना पासपोर्ट व रुपये वापस मांगे जिसकी एवज में आरोपी ने उसे दस लाख रुपये का चेक दिया, लेकिन चेक बाउंस हो गया। जब उसने इस संबंध में आरोपी से बातचीत की तो उसने उसे रुपये व वीजा देने से साफ मना कर दिया और दोबारा पैसे मांगने पर उसे झूठे केस में फंसाने व जान से मारने की धमकी दी। परेशान होकर उसने आरोपी के खिलाफ पुलिस में शिकायत दी।
जांच अधिकारी एएसआई जसविंद्र कुमार का कहना है कि आरोपी अंकुश शर्मा के खिलाफ धोखाधड़ी व इमीग्रेशन एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
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रणजीत सिंह ने शहर जगाधरी पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 2018 में उसकी मुलाकात गोमती मोहल्ला जगाधरी निवासी अंकुश शर्मा के साथ हुई थी। आरोपी का जगाधरी लक्कड़ मंडी में एक दुकान पर आना जाना था। जहां उससे उसकी मुलाकात हुई थी। अंकुश शर्मा ने उसे कहा कि उसके काफी रिश्तेदार आस्ट्रेलिया में गए हुए हैं और कई रिश्तेदारों को वहां की पीआर भी मिली हुई है। उनके माध्यम से उसने कई लोगों को आस्ट्रेलिया भेजकर नौकरी पर लगवाया है। अब वे वहां रहकर दो से ढाई लाख रुपये प्रतिमाह कमा रहे हैं। आरोपी की बातें सुनकर उसे भी आस्ट्रेलिया जाकर रुपये कमाने की इच्छा हुई। इसलिए वह आरोपी की बातों में आ गया। आरोपी ने उसे आस्ट्रेलिया भेजने के नाम पर 12 लाख रुपये खर्च आने की बात कही। जिसमें से 10 लाख रुपये पहले व दो लाख रुपये वीजा लगने के बाद देने तय हुए। उसने बताया कि उसने आरोपी को जुलाई 2018 से जनवरी 2019 तक 10 लाख रुपये, पासपोर्ट, आईडी, फोटोग्राफ व अन्य दस्तावेज दे दिए। आरोपी ने उसे ऑस्ट्रेलिया के वीजा की फाइल का काम छह माह में पूरा होने की बात कही। वीजा लगते ही आरोपी ने उसे आस्ट्रेलिया भेजने की बात कही, लेकिन निर्धारित समय के बाद भी आरोपी ने उसे आस्ट्रेलिया नहीं भेजा। जब उसने इस संबंध में आरोपी से बात की तो उसने कहा कि जाने की तैयारी रखो, वीजा लगते ही आस्ट्रेलिया भेज दिया जाएगा। मई 2019 में जब उसने आरोपी से बातचीत की तो उसने कहा कि आस्ट्रेलिया सरकार नए वीजा जारी नहीं कर रही है। नए वीजे अगले साल की शुरुआत में खुल जाएंगे। उसने आरोपी से अपना पासपोर्ट व रुपये वापस मांगे जिसकी एवज में आरोपी ने उसे दस लाख रुपये का चेक दिया, लेकिन चेक बाउंस हो गया। जब उसने इस संबंध में आरोपी से बातचीत की तो उसने उसे रुपये व वीजा देने से साफ मना कर दिया और दोबारा पैसे मांगने पर उसे झूठे केस में फंसाने व जान से मारने की धमकी दी। परेशान होकर उसने आरोपी के खिलाफ पुलिस में शिकायत दी।
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जांच अधिकारी एएसआई जसविंद्र कुमार का कहना है कि आरोपी अंकुश शर्मा के खिलाफ धोखाधड़ी व इमीग्रेशन एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
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