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एक दर्जन कॉलोनियों पर हाईटेंशन हॉरर

Sun, 22 Jan 2017 12:00 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, पानीपत।
अमर उजाला ब्यूरो, पानीपत। Updated Sun, 22 Jan 2017 12:00 AM IST
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यमुनानगर - फोटो : यमुनानगर
अमर उजाला ब्यूरो
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यमुनानगर। सावधान! अगर आप घर की छत पर किसी काम से गए तो जरा संभलकर जाएगा। कहीं घर के ऊपर से गुजर रहे हाईटेंशन तार आपको चपेट में न ले लें। चूंकि इसका खामियाजा आपको जान देकर चुकाना पड़ सकता है। यह हालात शहर की एक दर्जन कॉलोनियों के हैं। जहां छतों से महज कुछ इंच के फासले से हाईटेंशन तार गुजर रहे हैं, जो कभी भी बड़े हादसे की वजह बन सकते हैं। करीब 50 हजार की आबादी इसी डर के सायं में जी रही है। दशकों से क्षेत्रवासी हाईटेंशन तारों को हटाने की मांग कर रहे हैं, बावजूद इसके बिजली निगम की ओर से इस दिशा में कोई स्थायी समाधान नहीं किया जा सका है।
बता दें कि शहर में हरबंसपुरा, चौपड़ा गार्डन, जम्मू कॉलोनी, कृष्णा कॉलोनी, हमीदा कॉलोनी, बैंक कॉलोनी, सरोजनी कॉलोनी, लाजपत नगर, इंद्रा कॉलोनी, गांधीनगर, बूटर कॉलोनी समेत अन्य कालोनियों से हाईटेंशन तार गुजर रहे हैं। कई जगह हाईटेंशन तारों की ऊंचाई छत से महज कुछ इंच ऊपर है और हर वक्त हादसे का भय रहता है। बीते वर्षों में हुए हादसों के डर से अधिकांश कॉलोनियों के लोगों ने छतों पर जाना ही छोड़ दिया है। उन्हें धूप में कोई करना हो तो मजबूरन किसी दूसरे के घर जाना पड़ता है। उक्त कॉलोनियों में बसी करीब 50 हजार की आबादी तीन दशक से इन्हीं परेशानियों से दो-चार हो रही है।
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-अधिकारियों से लेकर सरकार से भी कर चुके मांग, तीन दशक बाद भी समस्या जस की तस-
क्षेत्रवासी रामस्वरूप, विजय, जयप्रकाश, बलदेव चंद, आनंद कुमार, कृष्णलाल, हरबंस सिंह, सुनील धीमान, सुरेंद्र कौर, सुमन, ओमप्रकाश, रामआवध तिवारी, रेखा रानी, अशोक चड्ढा, सतीश, यशपाल ने बताया कि हाईटेंशन तारों से हो रही समस्या को लेकर कई बार बिजली निगम समेत प्रशासनिक अधिकारियों से गुहार लगा चुके हैं, परंतु कोई कार्रवाई नहीं होती है। इस बारे में सरकार से भी कई बार पत्राचार के माध्यम से हाईटेंशन तारों को आबादी से दूर करने की मांग की जा चुकी है। बावजूद इसके करीब तीन दशक से उनकी समस्या जस की तस है। उन्होंने मजबूरन छतों पर जाना ही छोड़ दिया है।
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बीते वर्षों में हुए बड़े हादसों पर एक नजर: 2009 में लाजपत नगर में तीन साल की बच्ची हाइटेंशन की तार की चपेट में आने से उसकी मौत हो गई थी। 2010 में हमीदा कॉलोनी में अयूब नाम का युवक गंभीर रूप से झुलस गया था वहीं, चौपड़ा गार्डन में भी हाईटेंशन तार से एक युवक की मौत हो गई थी। इसके साथ ही गुलाब नगर में भी हाइटेंशन तार से झुलस कर युवक को अपनी दोनों टांगे खोनी पड़ी थी। 2012 में हरबंसपुरा कॉलोनी में एक मकान की छत पर काम कर रहे दो मजदूर हाइटेंशन तार की चपेट में आकर झुलस गए थे।

वर्जन
जिन कॉलोनियों से हाईटेंशन तार गुजर रहे हैं। उनमें ज्यादा खतरनाक क्षेत्रों की सूची बनाई गई, जहां से तारों को दूर करने की प्रक्रिया जारी है। जबकि कई जगह से हाईटेंशन तार को हटाया जा चुका है।
आरके खन्ना, एसई, बिजली निगम, यमुनानगर।
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