{"_id":"3e19d5be02f221e27d66c0d44508356a","slug":"wheat-seed-subsidy-sale-in-black-investigation-team-in-sirsa","type":"story","status":"publish","title_hn":"सब्सिडी का गेहूं बीज ब्लैक में बेचने पर पंचकूला से जांच टीम सिरसा पहुंची ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सब्सिडी का गेहूं बीज ब्लैक में बेचने पर पंचकूला से जांच टीम सिरसा पहुंची
सिरसा/ब्यूरो
Updated Thu, 05 Dec 2013 10:23 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरियाणा के जिला सिरसा में हरियाणा बीज विकास निगम के अधिकारियों की मिलीभगत से खुले बाजार में ब्लैक में बेचे जा रहे सब्सिडी की गेहूं घोटाले की जांच के लिए वीरवार को पंचकूला से जांच टीम सिरसा पहुंची।
जांच टीम ने बीज विकास निगम का दौरा कर रिकार्ड देखने के अलावा आधा दर्जन गोदामों की भी जांच की। तीन सदस्यीय जांच टीम का नेतृत्व चीफ मार्केटिंग मैनेजर नरेंद्रपाल धनखड़ कर रहे थे।
इसके अलावा टीम में राजबीर और बलवान सिंह शामिल हैं। जांच टीम ने पूरे प्रकरण में अतिरिक्त उपायुक्त शिव कुमार शर्मा से भी बातचीत की।
उधर, अतिरिक्त उपायुक्त शिव प्रसाद शर्मा से काफी कोशिश के बाद भी बातचीत नहीं हो सकी।
किसान नेता प्रहलाद सिंह भारूखेड़ा की शिकायत पर बुधवार को सब्सिडी के गेहूं के दो ट्रक बीज आईटीआई के नजदीक एक प्राइवेट गोदाम में मिले थे।
भारुखेड़ा के मुताबिक बीज निगम के अधिकारी काफी समय से मिलीभगत कर किसानों के हकों पर डाका डाल रहे थे। सरकारी गेहूं बाजार में बेचा जा रहा था।
कैसे होता है फर्जीवाड़ा...........
बीज विकास निगम के एएमओ की ओर से अपने क्षेत्र में बीज की फर्जी डिमांड की जाती है।
इस बारे में विभाग को पत्र लिखा जाता है। एएमओ ही आर्डर तैयार करता है और स्टोर कीपर तक पहुंचाया जाता है।
विभागीय अधिकारियों की सांठगांठ से स्टोर से बीज को विभागीय ठेकेदार से बीज को पहुंचाने के लिए कहा जाता है।
ट्रांसपोर्टर की ओर से गोदाम से बीज उठाने के बाद उसे आर्डर वाले स्थान पर भेजने की बजाय प्राइवेट गोदाम पर पहुंचा दिया जाता है।
प्राइवेट गोदाम वाले इसे बीज विक्रेताओं को उपलब्ध करवाते हैं। वहीं, डिमांड वाले कागजों में इसे किसानों को बेचा जाना दिखा दिया जाता है।
विज्ञापन
जांच टीम ने बीज विकास निगम का दौरा कर रिकार्ड देखने के अलावा आधा दर्जन गोदामों की भी जांच की। तीन सदस्यीय जांच टीम का नेतृत्व चीफ मार्केटिंग मैनेजर नरेंद्रपाल धनखड़ कर रहे थे।
विज्ञापन
इसके अलावा टीम में राजबीर और बलवान सिंह शामिल हैं। जांच टीम ने पूरे प्रकरण में अतिरिक्त उपायुक्त शिव कुमार शर्मा से भी बातचीत की।
उधर, अतिरिक्त उपायुक्त शिव प्रसाद शर्मा से काफी कोशिश के बाद भी बातचीत नहीं हो सकी।
किसान नेता प्रहलाद सिंह भारूखेड़ा की शिकायत पर बुधवार को सब्सिडी के गेहूं के दो ट्रक बीज आईटीआई के नजदीक एक प्राइवेट गोदाम में मिले थे।
भारुखेड़ा के मुताबिक बीज निगम के अधिकारी काफी समय से मिलीभगत कर किसानों के हकों पर डाका डाल रहे थे। सरकारी गेहूं बाजार में बेचा जा रहा था।
कैसे होता है फर्जीवाड़ा...........
बीज विकास निगम के एएमओ की ओर से अपने क्षेत्र में बीज की फर्जी डिमांड की जाती है।
इस बारे में विभाग को पत्र लिखा जाता है। एएमओ ही आर्डर तैयार करता है और स्टोर कीपर तक पहुंचाया जाता है।
विभागीय अधिकारियों की सांठगांठ से स्टोर से बीज को विभागीय ठेकेदार से बीज को पहुंचाने के लिए कहा जाता है।
ट्रांसपोर्टर की ओर से गोदाम से बीज उठाने के बाद उसे आर्डर वाले स्थान पर भेजने की बजाय प्राइवेट गोदाम पर पहुंचा दिया जाता है।
प्राइवेट गोदाम वाले इसे बीज विक्रेताओं को उपलब्ध करवाते हैं। वहीं, डिमांड वाले कागजों में इसे किसानों को बेचा जाना दिखा दिया जाता है।