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एक मच्छर ने ऐसा काटा कि दो लोग बीमारी की चपेट में
कुरुक्षेत्र
Updated Sun, 08 Sep 2013 12:13 AM IST
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हरियाणा के कुरुक्षेत्र में डेंगू ने कुरुक्षेत्र में भी दस्तक दी है। सेक्टर-पांच वासी अजय कुमार और सलारपुर रोड पर गांव गोबिंदपुरा वासी महिला रेश्मा डेंगू की चपेट में हैं।
फिलहाल दोनों की हालत खतरे से बाहर बताई गई है। इसकी पुष्टि जिला के चीफ मेडिकल ऑफिसर डा. शिव कुमार ने की है।
उन्होंने बताया कि सेक्टर-पांच और गोबिंद पुरा में दो टीमें भेजकर एंटी लारवा कराया गया है और सैंपल लिए गए हैं।
डेंगू से बचाव के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है। सेक्टर पांच में 25 लोगों की टीम को एंटी लारवा के लिए भेजा गया है।
यह टीम मरीज के घर सहित आसपास के एरिया में फोगिंग और घरों की टंकियों की जांच के साथ-साथ लोगों को डेंगू के बारे में जागरूक करेगी।
उन्होंने बताया कि शनिवार सुबह से ही टीम ने सेक्टर पांच में कार्रवाई शुरू कर दी।
मलेरिया विभाग के निरीक्षक कर्ण सिंह, पूर्णमल के अलावा 10 हेल्थ वर्कर और 15 फिल्ड वर्कर मौके पर पहुंचे और डोर टु डोर जांच की।
इस टीम में शामिल निरीक्षक ने बताया कि मरीज अजय कुमार के घर में रखे कूलर के पानी में डेंगू फैलाने वाला लारवा पाया गया है।
उन्होंने बताया कि गांव गोबिंद पुरा में छह सैंपल लिए गए, जिनमें सभी नेगेटिव मिले हैं। सीएमओ डा. शिव कुमार ने लोगों से अपील की कि स्वास्थ्य विभाग के निर्देशों का पालन करें।
वहीं सीएमओ ने अमर उजाला से बातचीत में साधारण और खतरनाक डेंगू के लक्षण, उपाय और सावधानियों बारे जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि जिला अस्पताल में स्पेशल डेंगू वार्ड स्थापित कर दिया गया है।इसमें दो बेड लगाए गए हैं।
ये लक्षण हैं साधारण डेंगू
हड्डी तोड़ बुखार (जोड़ो में दर्द वाला बुखार)
सिर में दर्द होना
आंखों के चारों ओर दर्द
शरीर पर छोटे-छोटे लाल दाने होना
कलेजे में जलन का अहसास और भूख की कमी महसूस होना और उल्टी आने मन होना
बचाव के उपाय
इसका उपचार आराम करें
बुखार होने पर पैरासिटामोल की गोली लें
नमकीन और मीठी शिकंजी पीएं
एस्प्रीन की गोली घटा सकती है प्लेटलेट्स
इसमें एस्प्रीन की गोली न लें, क्योंकि इससे प्लेटलेट्स की संख्या कम हो सकती है।
प्लेटलेट्स संख्या डेढ़ लाख से साढ़े चार लाख तक नार्मल होती है, तो डेढ़ लाख से घट कर 80 हजार हो जाए तो चेतावनी होती है कि तुरंत मरीज को दाखिल कराएं और 30 हजार से कम होने पर मरीज की जान का भी खतरा हो सकता है
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खतरनाक डेंगू
खतरनाक डेंगू में जो लक्षण है वे साधारण में नहीं होते।
इस बुखार में लाल दाने छोटे, नहीं बल्कि बड़े चकतों के रुप हो सकते हैं, खून जमने की प्रतिक्रिया कम होने लगती है, जिसमें आंखों में खून आना, नाक से खून बहना, मसूड़ों में से खून बहना, खून की उल्टी आना, मल में खून आना, महिलाओं में इस बुखार के दौरान माहवारी का लंबे समय तक होना।
इनमें बुखार के साथ कोई भी लक्षण हो तो मरीज को तुरंत अस्पताल में दाखिल कराएं।
ऐसे में मरीज को प्लेटलेट्स चढ़ाए जाते हैं, ताकि प्लेटनेट चढ़ा कर उसकी जान बचाई जा सके और प्लेटलेट्स स्प्रेटर मशीन करनाल और पीजीआई रोहतक में उपलब्ध है।
यह सावधानी बरतें
एडिज मच्छर दिन में काटता है और साफ पानी में रहता है।
इसके लिए बरसात के बाद कहीं भी टूटी हुई मटकी, टायर फूलदान, जहां भी पानी एकत्रित हो सकता है उसे खाली करें, कूलर का पानी बदलते रहें, क्योंकि मच्छर साफ पानी में अंडे देता, अंडों से प्यूपा, प्यूपा से लारवा और लारवा से मच्छर बनता है।
अंडों से मच्छर बनने में 10 दिन लगते हैं।
दस दिन की क्रिया को ब्रेक करने के लिए सावधानी बरतने की जरूरत है।
सीएमओ की अपील
घर के आसपास जहां भी पानी एकत्रित हो वहां एक चम्मच काला तेल या मिट्टी का तेल सप्ताह में एक बार डाल दें। जोहड़ के आसपास भी ये डाला जा सकता है।
जिला स्वास्थ्य विभाग के प्रबंध एवं सुविधाएं
-हर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर एंटी लारवा दवाई उपलब्ध है
-इंटी लारवा का छिड़काव नियमित रुप से किया जा रहा है
-टेमीफाक्स नामक दवा साफ पानी की टंकियों में भी डाली जा सकती है। ये दवा उक्त केंद्रों में उपलब्ध है
-एलएनजेपी अस्पताल में दो बेड का डेंगू वार्ड बनाया गया है
-फोगिंग की सुविधा दी जा रही है, जहां भी केस मिलता है, वहां आसपास फोगिंग कराई जाएगी
-जिन एरिया में मलेरिया ज्यादा था वहां डेल्टा मैथरिन नामक दवा का छिड़काव किया जा रहा है।
-एलाइजा रीडर मशीन मलेरिया विभाग में रखी गई है, जिससे डेंगू की जांच हो सकती है।
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फिलहाल दोनों की हालत खतरे से बाहर बताई गई है। इसकी पुष्टि जिला के चीफ मेडिकल ऑफिसर डा. शिव कुमार ने की है।
उन्होंने बताया कि सेक्टर-पांच और गोबिंद पुरा में दो टीमें भेजकर एंटी लारवा कराया गया है और सैंपल लिए गए हैं।
डेंगू से बचाव के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है। सेक्टर पांच में 25 लोगों की टीम को एंटी लारवा के लिए भेजा गया है।
यह टीम मरीज के घर सहित आसपास के एरिया में फोगिंग और घरों की टंकियों की जांच के साथ-साथ लोगों को डेंगू के बारे में जागरूक करेगी।
उन्होंने बताया कि शनिवार सुबह से ही टीम ने सेक्टर पांच में कार्रवाई शुरू कर दी।
मलेरिया विभाग के निरीक्षक कर्ण सिंह, पूर्णमल के अलावा 10 हेल्थ वर्कर और 15 फिल्ड वर्कर मौके पर पहुंचे और डोर टु डोर जांच की।
इस टीम में शामिल निरीक्षक ने बताया कि मरीज अजय कुमार के घर में रखे कूलर के पानी में डेंगू फैलाने वाला लारवा पाया गया है।
उन्होंने बताया कि गांव गोबिंद पुरा में छह सैंपल लिए गए, जिनमें सभी नेगेटिव मिले हैं। सीएमओ डा. शिव कुमार ने लोगों से अपील की कि स्वास्थ्य विभाग के निर्देशों का पालन करें।
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वहीं सीएमओ ने अमर उजाला से बातचीत में साधारण और खतरनाक डेंगू के लक्षण, उपाय और सावधानियों बारे जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि जिला अस्पताल में स्पेशल डेंगू वार्ड स्थापित कर दिया गया है।इसमें दो बेड लगाए गए हैं।
ये लक्षण हैं साधारण डेंगू
हड्डी तोड़ बुखार (जोड़ो में दर्द वाला बुखार)
सिर में दर्द होना
आंखों के चारों ओर दर्द
शरीर पर छोटे-छोटे लाल दाने होना
कलेजे में जलन का अहसास और भूख की कमी महसूस होना और उल्टी आने मन होना
बचाव के उपाय
इसका उपचार आराम करें
बुखार होने पर पैरासिटामोल की गोली लें
नमकीन और मीठी शिकंजी पीएं
एस्प्रीन की गोली घटा सकती है प्लेटलेट्स
इसमें एस्प्रीन की गोली न लें, क्योंकि इससे प्लेटलेट्स की संख्या कम हो सकती है।
प्लेटलेट्स संख्या डेढ़ लाख से साढ़े चार लाख तक नार्मल होती है, तो डेढ़ लाख से घट कर 80 हजार हो जाए तो चेतावनी होती है कि तुरंत मरीज को दाखिल कराएं और 30 हजार से कम होने पर मरीज की जान का भी खतरा हो सकता है
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खतरनाक डेंगू
खतरनाक डेंगू में जो लक्षण है वे साधारण में नहीं होते।
इस बुखार में लाल दाने छोटे, नहीं बल्कि बड़े चकतों के रुप हो सकते हैं, खून जमने की प्रतिक्रिया कम होने लगती है, जिसमें आंखों में खून आना, नाक से खून बहना, मसूड़ों में से खून बहना, खून की उल्टी आना, मल में खून आना, महिलाओं में इस बुखार के दौरान माहवारी का लंबे समय तक होना।
इनमें बुखार के साथ कोई भी लक्षण हो तो मरीज को तुरंत अस्पताल में दाखिल कराएं।
ऐसे में मरीज को प्लेटलेट्स चढ़ाए जाते हैं, ताकि प्लेटनेट चढ़ा कर उसकी जान बचाई जा सके और प्लेटलेट्स स्प्रेटर मशीन करनाल और पीजीआई रोहतक में उपलब्ध है।
यह सावधानी बरतें
एडिज मच्छर दिन में काटता है और साफ पानी में रहता है।
इसके लिए बरसात के बाद कहीं भी टूटी हुई मटकी, टायर फूलदान, जहां भी पानी एकत्रित हो सकता है उसे खाली करें, कूलर का पानी बदलते रहें, क्योंकि मच्छर साफ पानी में अंडे देता, अंडों से प्यूपा, प्यूपा से लारवा और लारवा से मच्छर बनता है।
अंडों से मच्छर बनने में 10 दिन लगते हैं।
दस दिन की क्रिया को ब्रेक करने के लिए सावधानी बरतने की जरूरत है।
सीएमओ की अपील
घर के आसपास जहां भी पानी एकत्रित हो वहां एक चम्मच काला तेल या मिट्टी का तेल सप्ताह में एक बार डाल दें। जोहड़ के आसपास भी ये डाला जा सकता है।
जिला स्वास्थ्य विभाग के प्रबंध एवं सुविधाएं
-हर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर एंटी लारवा दवाई उपलब्ध है
-इंटी लारवा का छिड़काव नियमित रुप से किया जा रहा है
-टेमीफाक्स नामक दवा साफ पानी की टंकियों में भी डाली जा सकती है। ये दवा उक्त केंद्रों में उपलब्ध है
-एलएनजेपी अस्पताल में दो बेड का डेंगू वार्ड बनाया गया है
-फोगिंग की सुविधा दी जा रही है, जहां भी केस मिलता है, वहां आसपास फोगिंग कराई जाएगी
-जिन एरिया में मलेरिया ज्यादा था वहां डेल्टा मैथरिन नामक दवा का छिड़काव किया जा रहा है।
-एलाइजा रीडर मशीन मलेरिया विभाग में रखी गई है, जिससे डेंगू की जांच हो सकती है।