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फर्जी ट्रेडिंग एप से लाखों की ठगी: लखनऊ से दो आरोपी गिरफ्तार, निवेश का झांसा देकर बनाते थे लोगों को शिकार
Tue, 25 Aug 2026 10:18 PM IST
शाहिल शर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, पंचकूला
संवाद न्यूज एजेंसी, पंचकूला
Published by: शाहिल शर्मा
Updated Tue, 25 Aug 2026 10:18 PM IST
सार
पीड़ित ने रकम निकालने का प्रयास किया तो आरोपियों ने सर्विस और ब्रोकरेज चार्ज के नाम पर अतिरिक्त पैसे की मांग की। इसके बाद उन्हें ठगी का पता चला।
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arrested, arrest demo
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
शेयर बाजार में निवेश के नाम पर 73 वर्षीय व्यक्ति से 49.31 लाख रुपये की साइबर ठगी के मामले में पंचकूला साइबर क्राइम पुलिस ने लखनऊ से दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान बलिया निवासी शशी प्रकाश राय (29) और संदीप कुमार मिश्रा (30) के रूप में हुई है। दोनों लखनऊ में किराये पर रह रहे थे। नौ दिन के पुलिस रिमांड के बाद मंगलवार को दोनों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। इस मामले में अब तक आठ आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
पुलिस के अनुसार, पीड़ित सोशल मीडिया पर शेयर बाजार से संबंधित वीडियो देख रहे थे। इसी दौरान आरोपियों ने उनसे संपर्क कर निवेश में नुकसान की भरपाई और भारी मुनाफे का झांसा दिया। इसके बाद उन्हें व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़कर खुद को शेयर बाजार विशेषज्ञ बताया गया। आरोपियों ने फर्जी ट्रेडिंग अकाउंट खुलवाया और एक ऐप डाउनलोड करवाया।
एप पर निवेश की रकम लगातार बढ़ती हुई दिखाई गई। इससे विश्वास में आए पीड़ित ने 25 फरवरी से 13 अप्रैल 2026 के बीच अलग-अलग बैंक खातों में कुल 49.31 लाख रुपये जमा कर दिए। आरोपियों ने भरोसा जीतने के लिए शुरुआत में करीब सात हजार रुपये का कथित मुनाफा भी उनके खाते में भेजा।
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बाद में पीड़ित ने रकम निकालने का प्रयास किया तो आरोपियों ने सर्विस और ब्रोकरेज चार्ज के नाम पर अतिरिक्त पैसे की मांग की। इसके बाद उन्हें ठगी का पता चला। साइबर थाना सेक्टर-20 में 30 अप्रैल को केस दर्ज होने के बाद पुलिस ने गुजरात, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश समेत कई स्थानों पर जांच की। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है।
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पुलिस के अनुसार, पीड़ित सोशल मीडिया पर शेयर बाजार से संबंधित वीडियो देख रहे थे। इसी दौरान आरोपियों ने उनसे संपर्क कर निवेश में नुकसान की भरपाई और भारी मुनाफे का झांसा दिया। इसके बाद उन्हें व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़कर खुद को शेयर बाजार विशेषज्ञ बताया गया। आरोपियों ने फर्जी ट्रेडिंग अकाउंट खुलवाया और एक ऐप डाउनलोड करवाया।
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एप पर निवेश की रकम लगातार बढ़ती हुई दिखाई गई। इससे विश्वास में आए पीड़ित ने 25 फरवरी से 13 अप्रैल 2026 के बीच अलग-अलग बैंक खातों में कुल 49.31 लाख रुपये जमा कर दिए। आरोपियों ने भरोसा जीतने के लिए शुरुआत में करीब सात हजार रुपये का कथित मुनाफा भी उनके खाते में भेजा।
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बाद में पीड़ित ने रकम निकालने का प्रयास किया तो आरोपियों ने सर्विस और ब्रोकरेज चार्ज के नाम पर अतिरिक्त पैसे की मांग की। इसके बाद उन्हें ठगी का पता चला। साइबर थाना सेक्टर-20 में 30 अप्रैल को केस दर्ज होने के बाद पुलिस ने गुजरात, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश समेत कई स्थानों पर जांच की। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है।