प्रबंधक समिति ने कॉलेज को रखा गिरवी

डबवाली (सिरसा)/ब्यूरो Updated Sat, 23 Nov 2013 07:28 PM IST
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student protested against college management

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गुरु नानक कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी डूमवाली के विद्यार्थियों ने शनिवार को कक्षाओं का बहिष्कार कर प्रबंधक कमेटी के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। विद्यार्थियों ने आरोप लगाया कि प्रबंधक समिति ने कॉलेज को गिरवी रख दिया है। ठेकेदार ने मनमानी करते हुए उनके भविष्य को दांव पर लगा दिया है।
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प्रदर्शनकारी छात्र हरवीर सिंह, गुरसाहब सिंह, आकाश सोनी, सुखपाल सिंह, जसप्रीत सिंह, अमनदीप सिंह, धर्मेंद्र सिंह, मनजीत सिंह, मनप्रीत कौर, हरप्रीत कौर, नीलम, सुखप्रीत कौर ने बताया कि पिछले चार माह से कॉलेज प्रबंधक कमेटी ने कॉलेज को मंडी किलियांवाली में एक कोचिंग सेंटर चलाने वाले तेजा सिंह के हाथों गिरवी रख दिया है। ठेकेदार ने अपनी मनमानियां शुरू कर दी हैं।
विद्यार्थियों के अनुसार उनकी दाखिला फीस जमा थी लेकिन बिना नोटिस दिए उन पर 2700 रुपये जुर्माना ठोक दिया। उन्होंने परीक्षा फार्म जमा करवाए थे। वे भी विश्वविद्यालय को न भेजकर कॉलेज में ही रोक दिए। वे ठेकेदार की लापरवाही का खामियाजा भुगत रहे हैं। विश्वविद्यालय ने उन्हें 2000 रुपये जुर्माना किया है। फार्म न भेजने से उनका भविष्य भी खतरे में पड़ गया है।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अनुसूचित जाति और पिछड़ा वर्ग से संबंधित विद्यार्थियों के लिए मुफ्त शिक्षा की व्यवस्था है। इस आधार पर कॉलेज प्रबंधकों ने उनका दाखिला लिया था लेकिन अब ठेकेदार उनसे 5000 रुपये प्रति वर्ष के हिसाब से राशि मांग रहा है। राशि अदा न करने पर उनके रोल नंबर रोकने की धमकी दी जा रही है। अमनदीप सिंह ने बताया कि कॉलेज में फीस भरे जाने के बावजूद उसकी फीस विश्वविद्यालय को नहीं भेजी गई। अब उससे 15 हजार रुपये की राशि मांगी जा रही है। विद्यार्थियों ने कहा कि अगर मैनेजमेंट उन पर लगाया जुर्माना वापस नहीं लेती तो वे इंसाफ के लिए संघर्ष करने को बाध्य होंगे।

मैं ठेकेदार नहीं प्रशासक हूं:तेजा सिंह
उधर तेजा सिंह ने बताया कि वह ठेकेदार नहीं है। बल्कि कॉलेज प्रबंधक समिति ने उन्हें कॉलेज का प्रशासक नियुक्त किया है। विद्यार्थियों को आईडी और पासवर्ड दिए जाते हैं। जिसके आधार पर विद्यार्थियों को स्वयं फीस जमा करवानी होती है। विद्यार्थियों ने ऐसा नहीं किया। इसमें जिम्मेदार वे नहीं है। उन पर लगाए जा रहे आरोप बेबुनियाद हैं, सरकार के नियमानुसार अनुसूचित जाति और पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को सुविधा मुहैया करवाने की एवज में फीस ली जा रही है।

एससी/बीसी की फीस माफ
कॉलेज मैनेजमेंट के संयुक्त सचिव नीरज जिंदल ने कहा कि तेजा सिंह को वर्किंग इंचार्ज के तौर पर प्रशासक के रूप में नियुक्त किया गया है। उन्हें भी विद्यार्थियों ने शिकायत की है। जिंदल के अनुसार कॉलेज को गिरवी नहीं रखा गया है। अब भी कॉलेज मैनेजमेंट के नाम है। अगर प्रशासक ने विद्यार्थियों के साथ अन्याय किया है, तो वह स्वयं कॉलेज जाकर इस मामले को सुलझाएंगे। अनुसूचित जाति तथा पिछड़ा वर्ग के बच्चों को सरकार की ओर से फ्री शिक्षा का प्रावधान है।
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