फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   student complaint cant received

नौ दिन में ढाई कोस भी नहीं चली डीसी दफ्तर की दस्ती डाक

Sat, 23 Nov 2013 07:15 PM IST
जींद/ब्यूरो
जींद/ब्यूरो Updated Sat, 23 Nov 2013 07:15 PM IST
विज्ञापन
student complaint cant received
नौ दिन में ढाई कोस भी न चलने की कहावत इन दिनों डीसी दफ्तर पर सटीक बैठ रही है। चौ. बीरेंद्र सिंह नर्सिंग कॉलेज उचाना की छात्रा ने डीसी दफ्तर को रैगिंग करने की शिकायत की। लेकिन उसकेे बाद शिकायत कहां गई। इसका जवाब डीसी दफ्तर के पास और डीईओ दफ्तर के पास फिलहाल नहीं है।
विज्ञापन



शनिवार को छुट्टी होने के बाद डीसी दफ्तर के बाबू डीईओ को मूल रूप में भेजी गई शिकायत को ढूंढ़ते रहे। लेकिन दोपहर तक डाक का अता-पता नहीं लगा। हालांकि डीसी कार्यालय का कहना है कि डीईओ को जांच करने के आदेश सप्ताह भर पहले दस्ती भेजे गए थे। शनिवार को डीईओ के स्टेनो ने कहा कि डीसी कार्यालय की तरफ से उन्हें कोई भी ऐसा पत्र नहीं मिला है। जिसमें कॉलेज में रैगिंग के आरोपों की जांच करने को कहा गया हो।
विज्ञापन



डीसी दफ्तर से डीईओ दफ्तर की दूरी दो किलोमीटर भी नहीं है। लेकिन यह दूरी डीसी दफ्तर की डाक सप्ताह भर में भी पूरी नहीं कर पाई है। छात्रा ने 12 नवंबर दोपहर को जींद डीसी को शिकायत की थी कि कॉलेज में शिक्षक सीनियर छात्रों को रैगिंग करने के लिए उकसा रहे हैं। प्रशासनिक नियमों के मुताबिक जिसने शिकायती पत्र रिसीव किया हो, वह अपने कमेंट्स लिखकर अपने उच्च अधिकारियों को भेजता है। ये उच्च अधिकारी नगराधीश और अन्य सक्षम अधिकारी (अधीक्षक) हो सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन



छात्रा की शिकायत किन-किन हाथों में कैसे-कैसे गई। इस बारे में प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि शिकायत के अगले ही दिन 13 नवंबर को शिकायत मूल रूप से डीसी कार्यालय के अधिकारियों के पास पहुंच गई। इसके बाद अधिकारियों ने डीसी की और से शिकायती पत्र जींद के  जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय को भेज दिया। इस प्रक्रिया में कम से कम दो तीन दिन उस स्थिति में लगते हैं, जब कोई अधिकारी छुट्टी वगैरह पर होता है। 18 नवंबर या इससे पहले ही छात्रा की शिकायत मूलरूप से डीईओ कार्यालय को भेज दी गई, वह भी दस्ती है।

डाक डीईओ कार्यालय में पहुंची ही नहीं है। शुक्रवार को डीईओ कार्यालय के स्टेनो ने उस समय डाक को ढूंढ़ा, जब डीसी दफ्तर की तरफ से फोन पर आदेश आए कि छात्रा की शिकायत को वापस डीसी दफ्तर भेजा जाए। लेकिन डीईओ कार्यालय में डाक नहीं मिली।


डीईओ कार्यालय के स्टेनो नरेंद्र मलिक ने कहा उनके कार्यालय में डीसी कार्यालय की तरफ से रैगिंग मामले की जांच करने के लिए कोई डाक नहीं आई है। कार्यालय के पूरे स्टाफ से इस बारे में पता कर लिया गया है। किसी ने भी डीसी कार्यालय की डाक को रिसीव नहीं किया है।


डीसी दफ्तर के अधीक्षक श्रीनिवास ने कहा कि रैगिंग के मामले की जांच करने के लिए डीईओ कार्यालय को कई दिन पहले दस्ती डाक भेजी गई थी। अधीक्षक ने कहा कि उनके पास कार्यालय में पूरा रिकार्ड मौजूद है कि डाक चपरासी से दस्ती भेजी गई थी।


कॉलेज ने भी डीसी से की छात्रा की शिकायत

जींद। चौ. बीरेंद्र सिंह नर्सिंग कॉलेज उचाना की छात्रा द्वारा रैगिंग करने के आरोप के मामले की जांच तो कॉलेज ने शुरू नहीं की, उल्टे छात्रा पर कई आरोप जड़ दिए। कॉलेज प्रशासन ने शनिवार को डीसी को शिकायत की है कि छात्रा का कॉलेज में आचरण सही नहीं है। छात्रा पर चोरी के भी आरोप लगाए गए हैं। वहीं छात्रा ने सभी आरोपों को सिरे से नकार दिया और कहा कि रैगिंग मामले की जांच भटकाने के लिए ऐसे आरोप लगाए जा रहे हैं।

डीसी को लिखे पत्र में कॉलेज प्रशासन की तरफ से बताया गया है कि रैगिंग का आरोप लगाने वाली छात्रा ने 8 अक्तूबर को बीएसएसी नर्सिंग प्रथम वर्ष में दाखिला लिया था, लेकिन अभी तक छात्रा ने कॉलेज में अपना माइग्रेशन सर्टिफिकेट जमा नहीं करवाया है। छात्रा 8 से 23 अक्तूबर तक वह मात्र 9 दिन ही कॉलेज आई है और छात्रा ने केवल एक दिन की छुट्टी ली थी।



कॉलेज प्रशासन का कहना है कि छात्रा ने रैगिंग के बारे में जो आरोप लगाए हैं, वे निराधार हैं। कॉलेज में एंटी रैगिंग कमेटी की 4 अक्तूबर और 14 नवंबर को दो बार बैठकें हुई, लेकिन छात्रा ने एक बार भी कमेटी को रैगिंग की शिकायत नहीं की। वहीं, कॉलेज प्रशासन ने छात्रा पर आरोप लगाए कि 12 नवंबर को छात्रा ने अपनी सहपाठी के एक हजार रुपये चोरी कर लिए। जब मामला प्राचार्या और हॉस्टल वार्डन के पास पहुंचा तो छात्रा ने चोरी किए एक हजार रुपये और एक हजार रुपये जुर्माने के रूप में दिए। इसके बाद छात्राओं ने यह मामला आपस में ही निपटा लिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed