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Sonipat News: कम होने लगा यमुना का पानी, खतरा बरकरार
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31 यमुना नदी में पानी कम होने के साथ होता खेत की मिट्टी का कटाव। संवाद
मुरथल। पिछले तीन दिन से यमुना का जलस्तर बढ़ने के बाद अब कम होने लगा है। दूसरी तरफ इस वजह से खेतों की मिट्टी का कटाव भी होने लगा है। इस वजह से किसान काफी परेशान हैं।
नदी किनारे के गांवों में बाढ़ की वजह से खेतों में खड़ी फसल पहले ही नष्ट हो चुकी हैं। अब खेतों की मिट्टी कटान का होने से उन पर दोहरी मार पड़ रही है। जिले में गन्नौर से दिल्ली बार्डर तक यमुना नदी के किराने करीब 30 गांव आते हैं। हर साल बाढ़ के चलते किसानों को भारी क्षति का सामना करना पड़ता है। इस साल दूसरी बार यमुना का जलस्तर बढ़ा है।
नदी किनारे के खेतों में धान, सब्जी, पशु चारा, बाजरा की फसल पूरी तरह से नष्ट हो गईं। गांव बख्तारवरपुर, गढ़ी, मेंहंदीपुर, जैनपुर, गड्डी, टिकौला के लोग सबसे ज्यादा परेशान हैं। उनका कहना है कि दो दिन पहले तक यमुना नदी में 82 हजार क्यूसेक पानी चल रहा था, अब यह करीब 60 हजार क्यूसेक चल रहा है।
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जलस्तर में कमी आने और पानी स्थिर होने से मिट्टी का कटाव अधिक होता है। सिंचाई विभाग के उप मंडल अभियंता ने बताया कि 80 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद से यमुना में जलस्तर बढ़ा था। अब धीरे धीरे पानी कम होगा। बांधों से और पानी छोड़ा जाता है तो स्थिति में बदलाव होगा।
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नदी किनारे के गांवों में बाढ़ की वजह से खेतों में खड़ी फसल पहले ही नष्ट हो चुकी हैं। अब खेतों की मिट्टी कटान का होने से उन पर दोहरी मार पड़ रही है। जिले में गन्नौर से दिल्ली बार्डर तक यमुना नदी के किराने करीब 30 गांव आते हैं। हर साल बाढ़ के चलते किसानों को भारी क्षति का सामना करना पड़ता है। इस साल दूसरी बार यमुना का जलस्तर बढ़ा है।
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नदी किनारे के खेतों में धान, सब्जी, पशु चारा, बाजरा की फसल पूरी तरह से नष्ट हो गईं। गांव बख्तारवरपुर, गढ़ी, मेंहंदीपुर, जैनपुर, गड्डी, टिकौला के लोग सबसे ज्यादा परेशान हैं। उनका कहना है कि दो दिन पहले तक यमुना नदी में 82 हजार क्यूसेक पानी चल रहा था, अब यह करीब 60 हजार क्यूसेक चल रहा है।
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जलस्तर में कमी आने और पानी स्थिर होने से मिट्टी का कटाव अधिक होता है। सिंचाई विभाग के उप मंडल अभियंता ने बताया कि 80 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद से यमुना में जलस्तर बढ़ा था। अब धीरे धीरे पानी कम होगा। बांधों से और पानी छोड़ा जाता है तो स्थिति में बदलाव होगा।

31 यमुना नदी में पानी कम होने के साथ होता खेत की मिट्टी का कटाव। संवाद