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खुलासाः हरियाणा पुलिस और माफिया ने मिलकर लॉकडाउन में बेची 4 करोड़ से ज्यादा की शराब
Wed, 13 May 2020 10:44 AM IST
रोहतक ब्यूरो
अंकित चौहान, सोनीपत
अंकित चौहान, सोनीपत
Published by: रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 13 May 2020 10:44 AM IST
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सोनीपत में खरखौदा के गोदाम से तस्करी की पकड़ी गई शराब गायब करने के मामले में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। पुलिस व शराब माफिया ने लॉकडाउन में शराब बंदी का फायदा उठाया और गोदाम से निकाली गई शराब को दोगुने दाम में बेचा जो 4 करोड़ रुपये से ज्यादा में बेचने की बात सामने आई है।
गोदाम से अभी तक 11 हजार से ज्यादा पेटी गायब मिली है और शराब माफिया ने पुलिस के सामने मंगलवार को खुलासा किया है कि इसमें से अधिकतर शराब लॉकडाउन में निकाली गई है। इसमें उसने अपने साथ पुलिस को शामिल किया और लॉकडाउन में दोगुने दाम में शराब बेची गई तो सप्लाई करने के बाद बोतल को आम लोगों को तीन गुना तक में बेचा गया।
खरखौदा में बाईपास पर बनाए गए गोदाम से 5696 पेटी शराब गायब मिली तो उसी गोदाम से 2966 पेटी उस शराब से गायब मिली, जिसको आबकारी विभाग ने पकड़कर वहां रखवाया था। इसके अलावा गोपालपुर चौक पर बनाए गए गोदाम से 2400 पेटी से ज्यादा गायब है। इस तरह से 11066 पेटी अभी तक गायब होने की बात सामने आई है। जिसमें शराब माफिया भूपेंद्र के साथ दो इंस्पेक्टर समेत 11 पुलिस वालों पर मुकदमा दर्ज हुआ है।
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वहीं इस मामले में शराब माफिया भूपेंद्र ने डीएसपी जितेंद्र कुमार के सामने चौंकाने वाले खुलासे किए है। डीएसपी जितेंद्र कुमार के अनुसार शराब माफिया भूपेंद्र ने बताया कि जितनी भी शराब की पेटियां निकली हैं, उनमें अधिकतर लॉकडाउन के दौरान ही निकाली गई है। क्योंकि वह पंजाब से सस्ती शराब को मंगवाकर उसे यहां महंगे लेबल की बोतलों में भरवाकर बेचता था।
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गोदाम से अभी तक 11 हजार से ज्यादा पेटी गायब मिली है और शराब माफिया ने पुलिस के सामने मंगलवार को खुलासा किया है कि इसमें से अधिकतर शराब लॉकडाउन में निकाली गई है। इसमें उसने अपने साथ पुलिस को शामिल किया और लॉकडाउन में दोगुने दाम में शराब बेची गई तो सप्लाई करने के बाद बोतल को आम लोगों को तीन गुना तक में बेचा गया।
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खरखौदा में बाईपास पर बनाए गए गोदाम से 5696 पेटी शराब गायब मिली तो उसी गोदाम से 2966 पेटी उस शराब से गायब मिली, जिसको आबकारी विभाग ने पकड़कर वहां रखवाया था। इसके अलावा गोपालपुर चौक पर बनाए गए गोदाम से 2400 पेटी से ज्यादा गायब है। इस तरह से 11066 पेटी अभी तक गायब होने की बात सामने आई है। जिसमें शराब माफिया भूपेंद्र के साथ दो इंस्पेक्टर समेत 11 पुलिस वालों पर मुकदमा दर्ज हुआ है।
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वहीं इस मामले में शराब माफिया भूपेंद्र ने डीएसपी जितेंद्र कुमार के सामने चौंकाने वाले खुलासे किए है। डीएसपी जितेंद्र कुमार के अनुसार शराब माफिया भूपेंद्र ने बताया कि जितनी भी शराब की पेटियां निकली हैं, उनमें अधिकतर लॉकडाउन के दौरान ही निकाली गई है। क्योंकि वह पंजाब से सस्ती शराब को मंगवाकर उसे यहां महंगे लेबल की बोतलों में भरवाकर बेचता था।
पंजाब से शराब मिलनी बंद हो गई
लॉकडाउन में पंजाब से शराब मिलनी बंद हो गई, जबकि लॉकडाउन में शराब बंदी होने के वह बड़ा फायदा उठा सकता था। इसलिए ही तत्कालीन थाना प्रभारी जसबीर सिंह के साथ मिलकर पूरा खेल खेला गया और लॉकडाउन में गोदाम में रखी केस प्रॉपर्टी वाली शराब निकलवाई गई।
उस शराब को सतीश आगे पहुंचाता था जो पेटियों से बोतल बेचते थे। सतीश ने खुद सीधे भी पुलिस से संपर्क कर लिया था और उसने बताया कि वह सीधे एसएचओ रहे जसबीर से शराब लेकर बेचने लगा। गोदाम से निकलवाई गई शराब में सस्ते व महंगे सभी ब्रांड की पेटियां थी, जिनको दोगुने दाम में आगे बेचा गया।
2-4 हजार में मिलने वाली पेटी, 4-8 हजार रुपये मेें बेची
तस्करी की जितनी भी शराब पकड़ी गई थी, उनमें देसी शराब से लेकर महंगे ब्रांड वाली शराब भी शामिल थी। डीएसपी जितेंद्र कुमार को माफिया ने बताया कि लॉकडाउन से पहले तक बाजार में 2-4 हजार रुपये तक में मिलने वाली शराब की पेटियां लॉकडाउन में 4-8 हजार रुपये तक में बिक रही थी। इसलिए पहले कम शराब की पेटियां निकाली गई थी और उसके बाद मोटी कमाई होने पर ज्यादा पेटियां निकाली गई।
यह पेटियां दोगुने दाम में सप्लाई करते थे और उन पेटियों से बोतल बेचने वाले तीन गुना तक दाम वसूलते थे। 100 रुपये की शराब की बोतल 300 तक में बेची गई तो 400 वाली बोतल एक हजार रुपये तक में बेची गई। इस तरह से अधिकारियों को 4 करोड़ रुपये से ज्यादा की शराब बेचे जाने का शक है, जिसकी जांच हो रही है।
उस शराब को सतीश आगे पहुंचाता था जो पेटियों से बोतल बेचते थे। सतीश ने खुद सीधे भी पुलिस से संपर्क कर लिया था और उसने बताया कि वह सीधे एसएचओ रहे जसबीर से शराब लेकर बेचने लगा। गोदाम से निकलवाई गई शराब में सस्ते व महंगे सभी ब्रांड की पेटियां थी, जिनको दोगुने दाम में आगे बेचा गया।
2-4 हजार में मिलने वाली पेटी, 4-8 हजार रुपये मेें बेची
तस्करी की जितनी भी शराब पकड़ी गई थी, उनमें देसी शराब से लेकर महंगे ब्रांड वाली शराब भी शामिल थी। डीएसपी जितेंद्र कुमार को माफिया ने बताया कि लॉकडाउन से पहले तक बाजार में 2-4 हजार रुपये तक में मिलने वाली शराब की पेटियां लॉकडाउन में 4-8 हजार रुपये तक में बिक रही थी। इसलिए पहले कम शराब की पेटियां निकाली गई थी और उसके बाद मोटी कमाई होने पर ज्यादा पेटियां निकाली गई।
यह पेटियां दोगुने दाम में सप्लाई करते थे और उन पेटियों से बोतल बेचने वाले तीन गुना तक दाम वसूलते थे। 100 रुपये की शराब की बोतल 300 तक में बेची गई तो 400 वाली बोतल एक हजार रुपये तक में बेची गई। इस तरह से अधिकारियों को 4 करोड़ रुपये से ज्यादा की शराब बेचे जाने का शक है, जिसकी जांच हो रही है।