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दो एसएचओ समेत पांच पुलिस कर्मियों ने मिलीभगत कर तस्करी की 5500 पेटी शराब कराई गायब, मुकदमा दर्ज
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पत्रकारों से बातचीत करते एसपी जश्नदीप सिंह रंधावा।
- फोटो : Sonipat
सोनीपत। खरखौदा बाईपास पर शराब गोदाम में 14 मुकदमों में जब्त करके रखी गई शराब में से 5500 पेटी पुलिस कर्मियों की मिलीभगत से गायब हो गई। पुलिस अधिकारियों ने अंतरराज्यीय शराब तस्करी के आरोपी के साथ मिलकर शराब को ठिकाने लगा दिया। चार दिन तक तीन डीएसपी के नेतृत्व में गोदाम की जांच में सामने आया कि यहां से शराब की बड़े स्तर पर तस्करी की जा रही थी। गोदाम में प्याज की बोरियों के नीचे व एक कमरे में छिपाकर रखी गई अवैध शराब की 1400 पेटी भी पुलिस को मिली हैं। आईजी रोहतक रेंज संदीप खिरवार और एसपी जश्नदीप सिंह रंधावा ने बुधवार शाम को गोदाम में पहुंचकर स्थिति देखी। इस मामले में दो दिन के अंदर दो मुकदमे दर्ज हुए है। पहले में शराब गोदाम के मालिक सहित चार लोगों को नामजद कराया गया है, जबकि दूसरे मामले में दो एसएचओ समेत पांच पुलिस कर्मियों पर मुकदमा दर्ज हुआ है। दोनों एसएचओ को सस्पेंड कर दिया गया है।
खरखौदा बाईपास पर शराब तस्करी के करीब 15 मामलों में नामजद भूपेंद्र का शराब गोदाम है। यह गोदाम भूपेंद्र ने अपनी मां के नाम पर वक्फ से किराये पर ले रखा है। आबकारी विभाग और पुलिस ने वर्ष 2019 के फरवरी व मार्च माह में गोदाम से बड़े स्तर पर अवैध शराब पकड़ी थी। इसके साथ ही सात ट्रकों में पकड़ी गई शराब भी इस गोदाम में रखी गई थी। अफसरों ने शराब माफिया भूपेंद्र से मिलीभगत कर शराब को उसी के गोदाम में सील कर दिया। गोदाम में अदालत में चल रहे 14 मामलों की शराब को रखवाया गया। इसके बाद गोदाम से शराब तस्करी का खेल शुरू हो गया। इसमें पुलिस अधिकारी भी माफिया से मिल गए। लापरवाही का आलम यह रहा कि सील की गई शराब ताले तोड़कर और दीवार उखाड़कर निकालकर बेच दी गई, उसके बावजूद अफसर लापरवाह बने रहे। जबकि ऑन रिकार्ड गोदाम पर सुरक्षा को पुलिस टीम तैनात है।
सील की गई शराब में 5500 पेटी मिली कम
शराब तस्करी की शिकायत मिलने पर एसपी जश्नदीप सिंह रंधावा ने इसकी जांच के आदेश दिए। डीएसपी हरेंद्र कुमार, डॉ. रवींद्र कुमार और जितेंद्र सिंह की देखरेख में चार दिन तक शराब की गिनती की गई। पुलिस को सील की गई शराब में से 5500 पेटियां गायब मिली। इनको ताले तोड़कर, सील हटाकर व दीवार उखाड़कर निकाला गया था। सील की गई शराब गायब होने पर खरखौदा थाने में एसएचओ रहे अरुण कुमार और जसवीर सिंह समेत पांच पर मुकदमा दर्ज हुआ है। तत्कालीन दोनों थाना प्रभारियों को सस्पेंड कर दिया गया है।
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ट्रक में प्याज के नीचे और कमरे में रखी थी बिना सील की शराब
इसके साथ ही पुलिस ने गोदाम के अंदर एक कमरे के अंदर व बाहर खड़े एक ट्रक में प्याज के नीचे छिपाकर रखी गई शराब की करीब 1400 पेटी बरामद की है। जिसका कोई रिकार्ड नहीं है। यह वर्ष 2020 की है। गोदाम में ट्रकों में अवैध शराब मिलने पर मंगलवार शाम को माफिया भूपेंद्र, उसके भाई जितेंद्र व दो अन्य संदीप और सतीश को नामजद किया गया है।
करीब दर्जनभर मुकदमों में नामजद है शराब माफिया
एसपी ने बताया कि शराब तस्कर भूपेंद्र शातिर अपराधी है। उसपर करीब 15 मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें से कई में वह फरार चल रहा है। इन सभी मुकदमों की फाइल मंगवाई गई है। शराब के इस खेल की जांच के लिए बुधवार तीसरे पहर आईजी रोहतक रेंज संदीप खिरवार स्वयं भी पहुंचे। उनके साथ एसपी व डीएसपी की टीम ने निरीक्षण किया।
फरवरी, 2019 से अप्रैल 2020 तक के पुलिस कर्मी रडार पर लिए
एसपी ने बताया कि फरवरी, 2019 के अंत से लेकर अप्रैल 2020 तक खरखौदा थाने पर तत्कालीन एसएचओ, सभी मालखाना प्रभारी, एसपीओ, गोदाम पर सुरक्षा में रहे पुलिसकर्मियों की जांच कराई जा रहा है। यह पुलिस और माफिया की मिलीभगत का मामला है। ऐसे में गहनता से पड़ताल कराई जा रही है।
सीएम फ्लाइंग की कार्रवाई में पकड़ी जाती रही शराब
गैर कानूनी शराब का खेल लंबे समय से चल रहा है। वर्ष 2016 में औद्योगिक क्षेत्र में स्थित दो एलवन से भारी मात्रा में शराब पकड़ी गई थी। मामले में उजागर हुआ था यहां शराब की बोतलों पर ब्रांडेड शराब के लेबल चिपकाकर लाखों की शराब को रातों रात करोड़ों की कीमत का बनाया जा रहा था। सीएम फ्लाइंग ने खरखौदा में दो रेड कर गैर कानूनी शराब का भंडाफोड़ किया था। सीएम फ्लाइंग नद़ो रेड में हजारों पेटी शराब की पकड़ी थी।
वर्जन
गोदाम में रखी शराब की जांच में गड़बड़ी उजागर होने पर खरखौदा के दो तत्कालीन एसएचओ को नामजद कर बुधवार को मुकदमा दर्ज कराया है। दोनों एसएचओ को सस्पेंड कर मामले की जांच डीएसपी जितेंद्र सिंह की अध्यक्षता में गठित एसआईटी को सौंप दी गई है। साथ ही शासन को लिखा गया है कि एसआईटी का प्रभारी किसी आईपीएस को बनाया जाए। गोदाम से 5500 पेटी शराब गायब मिली है और 1400 पेटी अवैध शराब मिली है। मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी। किसी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
- जश्नदीप सिंह रंधावा, पुलिस अधीक्षक।
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खरखौदा बाईपास पर शराब तस्करी के करीब 15 मामलों में नामजद भूपेंद्र का शराब गोदाम है। यह गोदाम भूपेंद्र ने अपनी मां के नाम पर वक्फ से किराये पर ले रखा है। आबकारी विभाग और पुलिस ने वर्ष 2019 के फरवरी व मार्च माह में गोदाम से बड़े स्तर पर अवैध शराब पकड़ी थी। इसके साथ ही सात ट्रकों में पकड़ी गई शराब भी इस गोदाम में रखी गई थी। अफसरों ने शराब माफिया भूपेंद्र से मिलीभगत कर शराब को उसी के गोदाम में सील कर दिया। गोदाम में अदालत में चल रहे 14 मामलों की शराब को रखवाया गया। इसके बाद गोदाम से शराब तस्करी का खेल शुरू हो गया। इसमें पुलिस अधिकारी भी माफिया से मिल गए। लापरवाही का आलम यह रहा कि सील की गई शराब ताले तोड़कर और दीवार उखाड़कर निकालकर बेच दी गई, उसके बावजूद अफसर लापरवाह बने रहे। जबकि ऑन रिकार्ड गोदाम पर सुरक्षा को पुलिस टीम तैनात है।
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सील की गई शराब में 5500 पेटी मिली कम
शराब तस्करी की शिकायत मिलने पर एसपी जश्नदीप सिंह रंधावा ने इसकी जांच के आदेश दिए। डीएसपी हरेंद्र कुमार, डॉ. रवींद्र कुमार और जितेंद्र सिंह की देखरेख में चार दिन तक शराब की गिनती की गई। पुलिस को सील की गई शराब में से 5500 पेटियां गायब मिली। इनको ताले तोड़कर, सील हटाकर व दीवार उखाड़कर निकाला गया था। सील की गई शराब गायब होने पर खरखौदा थाने में एसएचओ रहे अरुण कुमार और जसवीर सिंह समेत पांच पर मुकदमा दर्ज हुआ है। तत्कालीन दोनों थाना प्रभारियों को सस्पेंड कर दिया गया है।
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ट्रक में प्याज के नीचे और कमरे में रखी थी बिना सील की शराब
इसके साथ ही पुलिस ने गोदाम के अंदर एक कमरे के अंदर व बाहर खड़े एक ट्रक में प्याज के नीचे छिपाकर रखी गई शराब की करीब 1400 पेटी बरामद की है। जिसका कोई रिकार्ड नहीं है। यह वर्ष 2020 की है। गोदाम में ट्रकों में अवैध शराब मिलने पर मंगलवार शाम को माफिया भूपेंद्र, उसके भाई जितेंद्र व दो अन्य संदीप और सतीश को नामजद किया गया है।
करीब दर्जनभर मुकदमों में नामजद है शराब माफिया
एसपी ने बताया कि शराब तस्कर भूपेंद्र शातिर अपराधी है। उसपर करीब 15 मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें से कई में वह फरार चल रहा है। इन सभी मुकदमों की फाइल मंगवाई गई है। शराब के इस खेल की जांच के लिए बुधवार तीसरे पहर आईजी रोहतक रेंज संदीप खिरवार स्वयं भी पहुंचे। उनके साथ एसपी व डीएसपी की टीम ने निरीक्षण किया।
फरवरी, 2019 से अप्रैल 2020 तक के पुलिस कर्मी रडार पर लिए
एसपी ने बताया कि फरवरी, 2019 के अंत से लेकर अप्रैल 2020 तक खरखौदा थाने पर तत्कालीन एसएचओ, सभी मालखाना प्रभारी, एसपीओ, गोदाम पर सुरक्षा में रहे पुलिसकर्मियों की जांच कराई जा रहा है। यह पुलिस और माफिया की मिलीभगत का मामला है। ऐसे में गहनता से पड़ताल कराई जा रही है।
सीएम फ्लाइंग की कार्रवाई में पकड़ी जाती रही शराब
गैर कानूनी शराब का खेल लंबे समय से चल रहा है। वर्ष 2016 में औद्योगिक क्षेत्र में स्थित दो एलवन से भारी मात्रा में शराब पकड़ी गई थी। मामले में उजागर हुआ था यहां शराब की बोतलों पर ब्रांडेड शराब के लेबल चिपकाकर लाखों की शराब को रातों रात करोड़ों की कीमत का बनाया जा रहा था। सीएम फ्लाइंग ने खरखौदा में दो रेड कर गैर कानूनी शराब का भंडाफोड़ किया था। सीएम फ्लाइंग नद़ो रेड में हजारों पेटी शराब की पकड़ी थी।
वर्जन
गोदाम में रखी शराब की जांच में गड़बड़ी उजागर होने पर खरखौदा के दो तत्कालीन एसएचओ को नामजद कर बुधवार को मुकदमा दर्ज कराया है। दोनों एसएचओ को सस्पेंड कर मामले की जांच डीएसपी जितेंद्र सिंह की अध्यक्षता में गठित एसआईटी को सौंप दी गई है। साथ ही शासन को लिखा गया है कि एसआईटी का प्रभारी किसी आईपीएस को बनाया जाए। गोदाम से 5500 पेटी शराब गायब मिली है और 1400 पेटी अवैध शराब मिली है। मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी। किसी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
- जश्नदीप सिंह रंधावा, पुलिस अधीक्षक।