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Sonipat News: पापा ने सिखाई निशानेबाजी तो बेटे ने बना डाला विश्व रिकॉर्ड
Sat, 30 Aug 2025 02:29 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Sat, 30 Aug 2025 02:29 AM IST
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फोटो :39: कजाकिस्तान में पदक सेरेमनी में शामिल अंकुर मित्तल व अन्य। स्रोत परिजन
- फोटो : संवाद
सोनीपत। एशियन चैंपियनशिप में स्वर्ण जीतकर इतिहास रचने वाले अंकुल मित्तल को निशानेबाजी की प्रेरणा अपने पिता अशोक मित्तल और बड़े भाई अजय से मिली है। दोनों ही निशानेबाज रहे हैं। अजय राष्ट्रीय चैंपियन और जूनियर एशियन चैंपियनशिप का खिताब जीत चुके हैं।
मूलरूप से गांव भठगांव हॉल औद्योगिक क्षेत्र सोनीपत के रहने वाले अंकुर इंटरनेशनल शूटिंग स्पोर्ट्स फेडरेशन की रैंकिंग में पहले स्थान पर आ गए हैं। शूटर अंकुर मित्तल के नाम ही रिकॉर्ड नहीं है बल्कि उनके परिवार के नाम भी रिकॉर्ड है।
अंकुर के पिता अशोक मित्तल व बड़े भाई अजय मित्तल भी अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज रहे हैं। अंकुर भी अपने पिता व भाई से प्रेरणा लेकर शूटर बने हैं। उसके पिता अशोक मित्तल ही अंकुर के कोच हैं जो हरियाणा राइफल एसोसिएशन व नेशनल राइफल एसोसिएशन से जुड़े हैं।
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पिता-पुत्रों ने नेशनल में जीता था पदक
अंकुर, उनके भाई अजय व पिता अशोक ने रांची में 2011 में हुए नेशनल गेम्स में टीम इवेंट में एक साथ खेलते हुए कांस्य पदक जीता था। अंकुर के पिता अशोक मित्तल ने ढाई दशक पहले शूटिंग करनी शुरू की थी लेकिन उनके नाम कोई इंटरनेशनल मेडल नहीं रहा। इस कारण ही उन्होंने अपने बेटों को शूटिंग के लिए तैयार किया और पहले बड़े बेटे अजय मित्तल को शूटिंग कराई।
पहले बड़ा और अब छोटा बेटा विश्व पटल पर छाया
वर्ष 2007 में अजय ने कुवैत में स्वर्ण पदक जीता तो 2010 में मैक्सिको में रजत पदक। वह 2012 के नेशनल चैंपियन के विजेता भी रह चुके हैं। इस बीच वर्ष 2010 में अंकुर को शूटिंग खेलने के लिए उतारा गया। अब वह देश के लिए मेडल जीतकर विदेश में झंडा गाड़ रहे हैं। उनके सपने पूरे होने की शुरुआत वर्ष 2011 में उस समय हुई थी जब उन्होंने इटली में हुए जूनियर शूटिंग वर्ल्ड कप के डबल ट्रैप राइफल में देश के लिए सोना जीता था। उसके बाद अंकुर ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और वह लगातार देश के लिए मेडल जीतकर कामयाबी के शिखर पर चढ़ते चले गए।
पहले भी किया शानदार प्रदर्शन
अंकुर ने वर्ष 2017 में वर्ल्ड कप में रजत पदक हासिल किया। उसके बाद मैक्सिको में वर्ल्ड कप में स्वर्ण पदक जीता। एशियन चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक पाया। वह डबल ट्रैप इवेंट में सबसे ज्यादा स्कोर करने वाले खिलाड़ी बने। 64वीं राष्ट्रीय शूटिंग चैंपियनशिप (शॉटगन) में स्वर्ण पदक जीता। वर्ष 2018 के राष्ट्रमंडल खेलों में कांस्य जीत चुके हैं।
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मूलरूप से गांव भठगांव हॉल औद्योगिक क्षेत्र सोनीपत के रहने वाले अंकुर इंटरनेशनल शूटिंग स्पोर्ट्स फेडरेशन की रैंकिंग में पहले स्थान पर आ गए हैं। शूटर अंकुर मित्तल के नाम ही रिकॉर्ड नहीं है बल्कि उनके परिवार के नाम भी रिकॉर्ड है।
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अंकुर के पिता अशोक मित्तल व बड़े भाई अजय मित्तल भी अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज रहे हैं। अंकुर भी अपने पिता व भाई से प्रेरणा लेकर शूटर बने हैं। उसके पिता अशोक मित्तल ही अंकुर के कोच हैं जो हरियाणा राइफल एसोसिएशन व नेशनल राइफल एसोसिएशन से जुड़े हैं।
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पिता-पुत्रों ने नेशनल में जीता था पदक
अंकुर, उनके भाई अजय व पिता अशोक ने रांची में 2011 में हुए नेशनल गेम्स में टीम इवेंट में एक साथ खेलते हुए कांस्य पदक जीता था। अंकुर के पिता अशोक मित्तल ने ढाई दशक पहले शूटिंग करनी शुरू की थी लेकिन उनके नाम कोई इंटरनेशनल मेडल नहीं रहा। इस कारण ही उन्होंने अपने बेटों को शूटिंग के लिए तैयार किया और पहले बड़े बेटे अजय मित्तल को शूटिंग कराई।
पहले बड़ा और अब छोटा बेटा विश्व पटल पर छाया
वर्ष 2007 में अजय ने कुवैत में स्वर्ण पदक जीता तो 2010 में मैक्सिको में रजत पदक। वह 2012 के नेशनल चैंपियन के विजेता भी रह चुके हैं। इस बीच वर्ष 2010 में अंकुर को शूटिंग खेलने के लिए उतारा गया। अब वह देश के लिए मेडल जीतकर विदेश में झंडा गाड़ रहे हैं। उनके सपने पूरे होने की शुरुआत वर्ष 2011 में उस समय हुई थी जब उन्होंने इटली में हुए जूनियर शूटिंग वर्ल्ड कप के डबल ट्रैप राइफल में देश के लिए सोना जीता था। उसके बाद अंकुर ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और वह लगातार देश के लिए मेडल जीतकर कामयाबी के शिखर पर चढ़ते चले गए।
पहले भी किया शानदार प्रदर्शन
अंकुर ने वर्ष 2017 में वर्ल्ड कप में रजत पदक हासिल किया। उसके बाद मैक्सिको में वर्ल्ड कप में स्वर्ण पदक जीता। एशियन चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक पाया। वह डबल ट्रैप इवेंट में सबसे ज्यादा स्कोर करने वाले खिलाड़ी बने। 64वीं राष्ट्रीय शूटिंग चैंपियनशिप (शॉटगन) में स्वर्ण पदक जीता। वर्ष 2018 के राष्ट्रमंडल खेलों में कांस्य जीत चुके हैं।

फोटो :39: कजाकिस्तान में पदक सेरेमनी में शामिल अंकुर मित्तल व अन्य। स्रोत परिजन- फोटो : संवाद