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Sonipat News: अनजान की जिंदगी बचाने के लिए दिल्ली जाकर किया रक्तदान
Thu, 22 Aug 2024 06:25 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Thu, 22 Aug 2024 06:25 AM IST
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फोटो 39- दिल्ली के अस्पताल में मरीज के लिए रक्तदान करते मां भारती रक्तवाहिनी से नरेंद्र। स्रोत
सोनीपत। मां भारती रक्तवाहिनी से जुड़े सोनीपत के नरेंद्र पन्नू ने एक अनजान व्यक्ति की जिंदगी बचाने के लिए देर रात दिल्ली जाकर रक्तदान किया, ताकि उन्हें नया जीवन दान देने में सहयोग किया जा सके। संस्था के सचिव प्रेम गौतम ने बताया कि जब कोई जिंदगी व मौत की लड़ाई लड़ रहा हो तो परिजनों को भी कोई रास्ता नहीं सुझता है। ऐसे में नरेंद्र पन्नू ने आगे आकर सराहनीय कार्य किया है।
प्रेम गौतम ने बताया कि तीन माह पहले भी संस्था ने इस मरीज के लिए नरेंद्र को रक्तदान करने के लिए सोनीपत के निजी ब्लड बैंक भेजा था। अब इस व्यक्ति को डेंगू की शिकायत मिली है, मंगलवार रात उनकी प्लेटलेट्स 11 हजार से भी कम रह गई। डॉक्टर ने उनकी गंभीर हालत को देखते हुए परिजनों को अवगत कराया और ब्लड ग्रुप ए बी पॉजीटिव की मांग की। परिवार ने रात 11 बजे फिर से नरेंद्र को फोन पर संपर्क किया और मामले से अवगत कराया। रक्तदाता नरेंद्र रात 12 बजे अपनी नींद त्यागकर घर से दिल्ली मरीज की सहायता के लिए रवाना हुए। फिर 5 बजे रक्तदान कर वापस सोनीपत लौटे। प्रेम गौतम ने कहा कि ऐसा ही जज्बा आज की युवा पीढ़ी में भी होना चाहिए, ताकि किसी भी अनजान व्यक्ति का अनमोल जीवन बचाया जा सके। कई जरूरतमंद लोग ऐसे भी होते हैं, जो रक्त की कमी के चलते दुनिया को अलविदा कह जाते हैं। संस्था के सभी सदस्यों ने नरेंद्र के प्रेरणादायक सेवा कार्य की सराहना की।
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प्रेम गौतम ने बताया कि तीन माह पहले भी संस्था ने इस मरीज के लिए नरेंद्र को रक्तदान करने के लिए सोनीपत के निजी ब्लड बैंक भेजा था। अब इस व्यक्ति को डेंगू की शिकायत मिली है, मंगलवार रात उनकी प्लेटलेट्स 11 हजार से भी कम रह गई। डॉक्टर ने उनकी गंभीर हालत को देखते हुए परिजनों को अवगत कराया और ब्लड ग्रुप ए बी पॉजीटिव की मांग की। परिवार ने रात 11 बजे फिर से नरेंद्र को फोन पर संपर्क किया और मामले से अवगत कराया। रक्तदाता नरेंद्र रात 12 बजे अपनी नींद त्यागकर घर से दिल्ली मरीज की सहायता के लिए रवाना हुए। फिर 5 बजे रक्तदान कर वापस सोनीपत लौटे। प्रेम गौतम ने कहा कि ऐसा ही जज्बा आज की युवा पीढ़ी में भी होना चाहिए, ताकि किसी भी अनजान व्यक्ति का अनमोल जीवन बचाया जा सके। कई जरूरतमंद लोग ऐसे भी होते हैं, जो रक्त की कमी के चलते दुनिया को अलविदा कह जाते हैं। संस्था के सभी सदस्यों ने नरेंद्र के प्रेरणादायक सेवा कार्य की सराहना की।
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