{"_id":"65b177dbf2c112743007ffca","slug":"volunteer-bhavana-returned-from-national-adventure-camp-congratulated-sonipat-news-c-197-1-snp1002-12806-2024-01-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sonipat News: राष्ट्रीय साहसिक शिविर से लौटी स्वयंसेविका भावना का किया अभिनंदन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sonipat News: राष्ट्रीय साहसिक शिविर से लौटी स्वयंसेविका भावना का किया अभिनंदन
Thu, 25 Jan 2024 02:19 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Thu, 25 Jan 2024 02:19 AM IST
विज्ञापन
सोनीपत। एनएसएस के राष्ट्रीय साहसिक शिविर के लिए चुनी गई जीवीएम कन्या महाविद्यालय की एनएसएस की छात्रा भावना कौशिक शिविर में हिस्सा लेकर बुधवार को काॅलेज लौटी। संस्था के प्रधान डाॅ. ओपी परूथी व प्राचार्य डाॅ. मंजूला सपाह ने भावना को बधाई देते हुए हर प्रकार की गतिविधियों में हिस्सा लेने के लिए प्रोत्साहित किया।
एनएसएस की कार्यक्रम अधिकारी रुचिका विरमानी ने बताया कि हिमाचल प्रदेश स्थित अटल बिहारी वाजपेयी इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनरिंग एंड अलायड स्पोर्ट्स में राष्ट्रीय साहसिक शिविर का आयोजन किया गया था। शिविर के लिए महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय रोहतक (एमडीयू) के 10 विद्यार्थियों को चुना गया, इनमें जीवीएम की बीएससी नॉन मेडिकल की छात्रा भावना कौशिक भी शामिल रही। भारत सरकार के युवा कल्याण मंत्रालय के तत्वावधान में आयोजित शिविर में पर्वतारोहण का प्रशिक्षण दिया गया। स्वयंसेविका भावना कौशिक ने कहा कि शिविर में बहुत कुछ सीखने को मिला। प्राचार्य डाॅ. मंजूला सपाह ने कहा कि छात्र जीवन में इस प्रकार के अवसर कम ही मिलते हैं, इन्हें चूकना नहीं चाहिए।
विज्ञापन
एनएसएस की कार्यक्रम अधिकारी रुचिका विरमानी ने बताया कि हिमाचल प्रदेश स्थित अटल बिहारी वाजपेयी इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनरिंग एंड अलायड स्पोर्ट्स में राष्ट्रीय साहसिक शिविर का आयोजन किया गया था। शिविर के लिए महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय रोहतक (एमडीयू) के 10 विद्यार्थियों को चुना गया, इनमें जीवीएम की बीएससी नॉन मेडिकल की छात्रा भावना कौशिक भी शामिल रही। भारत सरकार के युवा कल्याण मंत्रालय के तत्वावधान में आयोजित शिविर में पर्वतारोहण का प्रशिक्षण दिया गया। स्वयंसेविका भावना कौशिक ने कहा कि शिविर में बहुत कुछ सीखने को मिला। प्राचार्य डाॅ. मंजूला सपाह ने कहा कि छात्र जीवन में इस प्रकार के अवसर कम ही मिलते हैं, इन्हें चूकना नहीं चाहिए।
विज्ञापन