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बिजली-पानी की समस्या पर भड़क़े ग्रामीण, बहादुरगढ़ हाईवे जाम किया, मटके फोड़कर किया प्रदर्शन
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गांव छतेहरा बहादुरपुर में बिजली-पानी संकट झेल रहे ग्रामीण मंगलवार को भड़क गए और उन्होंने गांव के सामने बहादुरगढ़ हाईवे को जाम कर दिया है। इतना ही नहीं महिलाओं ने मटके फोड़कर रोष जताया। ग्रामीणों का आरोप है कि ओवरलोड होने के कारण ट्रांसफार्मर कई बार फुंक चुका है और मंजूरी के बाद भी दूसरा नहीं लग रहा है। बाद में बारोटा चौकी प्रभारी व एसडीओ कुंडली ने ग्रामीणों को समझाकर शांत किया।
गांव छतेहरा बहादुरपुर में तीन दिन से ट्रांसफार्मर में खराबी के चलते बिजली-पानी संकट गहराया हुआ है। जिससे परेशान ग्रामीण मंगलवार को पौने 11 बजे सड़क पर उतर आए। ग्रामीणों ने बहादुरगढ़ स्टेट हाईवे पर जाम लगा दिया। ग्रामीणों का आरोप था कि ट्रांसफार्मर में फाल्ट होने के कारण गांव की बिजली आपूर्ति बाधित है, लेकिन बार-बार शिकायत के बाद भी बिजली निगम से कोई अधिकारी या कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा। जिस पर मजबूर होकर उन्हें जाम लगाना पड़ा। जाम से हाईवे पर वाहनों की कतार लग गई। वहीं जाम की सूचना पर बारोटा चौकी प्रभारी रवींद्र कुमार मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाकर पौने घंटा बाद जाम खुलवाया। इसी बीच बिजली निगम कुंडली के एसडीओ सतीश गोयत भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने ग्रामीणें को आश्वासन दिया कि उनकी समस्या का जल्द समाधान कराया जाएगा। इसके लिए एस्टीमेट बनाकर दूसरा ट्रांसफार्मर लगाया जाएगा। जिससे लोगों को समस्या नहीं रहेगी। जिसके बाद ग्रामीण सड़क से हट गए।
जाम लगाकर महिलाओं ने फोड़े मटके
बहादुरगढ़ हाईवे पर जाम लगाने के दौरान पुरुषों के साथ काफी संख्या में महिलाएं भी शामिल रही। महिलाएं सिरों पर मटके रखकर हाईवे पर पहुंची। उन्होंने कहा कि बिजली नहीं आने से पानी संकट गहरा गया है। जिससे सबसे अधिक परेशानी हो रही है। उन्होंने हाईवे पर मटके फोड़कर प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वह दोबारा हाईवे जाम करने से पीछे नहीं हटेंगे।
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जाम से वाहन चालक व रोडवेज यात्री रहे परेशान
जीटी रोड पर किसानों के जाम लगाने से काफी संख्या में वाहनों को बहादुरगढ़ हाईवे से दिल्ली में प्रवेश कराया जाता है। यहां से छोटे-बड़े वाहनों के साथ ही रोडवेज की बस भी गुजरती है। जाम से वाहन चालकों को दिक्कत हुई, वहीं रोडवेज बस के यात्री भी खासे परेशान रहे। जाम खुलने के बाद ही उन्हें राहत मिल सकी।
गांव का ट्रांसफार्मर छह माह से ओवरलोड होने के कारण गांव में बिजली संकट बना हुआ है। बार-बार ट्रांसफार्मर जलते रहते हैं। नया ट्रांसफार्मर रखने से कुछ दिन चलता है, लेकिन फिर जल जाता है। तीन दिन से बिजली-पानी का हाल बुरा है। ऐसे में रोड पर उतरने को मजबूर होना पड़ा।
देवकांत
गांव में बिजली संकट गहराया हुआ है। जिससे बुजुर्ग व बच्चों की हालत सबसे अधिक खराब हो रही है। गांव के लिए दो ट्रांसफार्मर की मंजूरी मिली हुई है, लेकिन उन्हें रखवाया नहीं जा रहा। बार-बार शिकायत करते है, लेकिन कोई समाधान नहीं होता। जिसके चलते हाईवे जाम करना पड़ा।
बिमला
बिजली-पानी नहीं होने से रातभर जागकर गुजारनी पड़ रही है। ग्रामीणों के साथ ही पशुओं को भी पीने का पानी नहीं मिल रहा है। जिससे उन्हें मांग मनवाने को हाईवे पर उतरना पड़ा। जिस तरह कुंडली में किसान अपनी मांग मनवाने को हाईवे पर बैठे है, उसी तरह हम भी सड़क पर आ गए हैं।
संतोष
छह से बिजली की समस्या है। हमारी गली में लगा ट्रांसफार्मर ओवरलोड है। जिससे बार-बार फ्यूज उड़ जाते है। सोमवार रात को तो ट्रांसफार्मर में ब्लास्ट के चलते हमारे घर में आग लग गई। वीडियो बनाकर अधिकारियों तक भेजी गई, लेकिन कोई सुनवाई को नहीं आया। गांव के ट्रांसफार्मर पर हैंडल तक नहीं है। किसी तरह की दिक्कत होने पर बिजली भी नहीं काटी जा सकती। जिससे त्रस्त होकर रोड जाम करना पड़ा।
ललित कुमार
रोड जाम करना किसी समस्या का समाधान नहीं है। मैंने तीन दिन पहले ही यहां ज्वाइन किया है। स्टाफ की कमी के चलते कई बार थोड़ा समय लग जाता है, लेकिन समस्या का समाधान हर हाल में कराया जाएगा। जल्द एस्टीमेट बनाकर गांव से बिजली संकट को समाप्त किया जाएगा।
सतीश गोयत, एसडीओ, बिजली निगम, कुंडली।
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गांव छतेहरा बहादुरपुर में तीन दिन से ट्रांसफार्मर में खराबी के चलते बिजली-पानी संकट गहराया हुआ है। जिससे परेशान ग्रामीण मंगलवार को पौने 11 बजे सड़क पर उतर आए। ग्रामीणों ने बहादुरगढ़ स्टेट हाईवे पर जाम लगा दिया। ग्रामीणों का आरोप था कि ट्रांसफार्मर में फाल्ट होने के कारण गांव की बिजली आपूर्ति बाधित है, लेकिन बार-बार शिकायत के बाद भी बिजली निगम से कोई अधिकारी या कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा। जिस पर मजबूर होकर उन्हें जाम लगाना पड़ा। जाम से हाईवे पर वाहनों की कतार लग गई। वहीं जाम की सूचना पर बारोटा चौकी प्रभारी रवींद्र कुमार मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाकर पौने घंटा बाद जाम खुलवाया। इसी बीच बिजली निगम कुंडली के एसडीओ सतीश गोयत भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने ग्रामीणें को आश्वासन दिया कि उनकी समस्या का जल्द समाधान कराया जाएगा। इसके लिए एस्टीमेट बनाकर दूसरा ट्रांसफार्मर लगाया जाएगा। जिससे लोगों को समस्या नहीं रहेगी। जिसके बाद ग्रामीण सड़क से हट गए।
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जाम लगाकर महिलाओं ने फोड़े मटके
बहादुरगढ़ हाईवे पर जाम लगाने के दौरान पुरुषों के साथ काफी संख्या में महिलाएं भी शामिल रही। महिलाएं सिरों पर मटके रखकर हाईवे पर पहुंची। उन्होंने कहा कि बिजली नहीं आने से पानी संकट गहरा गया है। जिससे सबसे अधिक परेशानी हो रही है। उन्होंने हाईवे पर मटके फोड़कर प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वह दोबारा हाईवे जाम करने से पीछे नहीं हटेंगे।
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जाम से वाहन चालक व रोडवेज यात्री रहे परेशान
जीटी रोड पर किसानों के जाम लगाने से काफी संख्या में वाहनों को बहादुरगढ़ हाईवे से दिल्ली में प्रवेश कराया जाता है। यहां से छोटे-बड़े वाहनों के साथ ही रोडवेज की बस भी गुजरती है। जाम से वाहन चालकों को दिक्कत हुई, वहीं रोडवेज बस के यात्री भी खासे परेशान रहे। जाम खुलने के बाद ही उन्हें राहत मिल सकी।
गांव का ट्रांसफार्मर छह माह से ओवरलोड होने के कारण गांव में बिजली संकट बना हुआ है। बार-बार ट्रांसफार्मर जलते रहते हैं। नया ट्रांसफार्मर रखने से कुछ दिन चलता है, लेकिन फिर जल जाता है। तीन दिन से बिजली-पानी का हाल बुरा है। ऐसे में रोड पर उतरने को मजबूर होना पड़ा।
देवकांत
गांव में बिजली संकट गहराया हुआ है। जिससे बुजुर्ग व बच्चों की हालत सबसे अधिक खराब हो रही है। गांव के लिए दो ट्रांसफार्मर की मंजूरी मिली हुई है, लेकिन उन्हें रखवाया नहीं जा रहा। बार-बार शिकायत करते है, लेकिन कोई समाधान नहीं होता। जिसके चलते हाईवे जाम करना पड़ा।
बिमला
बिजली-पानी नहीं होने से रातभर जागकर गुजारनी पड़ रही है। ग्रामीणों के साथ ही पशुओं को भी पीने का पानी नहीं मिल रहा है। जिससे उन्हें मांग मनवाने को हाईवे पर उतरना पड़ा। जिस तरह कुंडली में किसान अपनी मांग मनवाने को हाईवे पर बैठे है, उसी तरह हम भी सड़क पर आ गए हैं।
संतोष
छह से बिजली की समस्या है। हमारी गली में लगा ट्रांसफार्मर ओवरलोड है। जिससे बार-बार फ्यूज उड़ जाते है। सोमवार रात को तो ट्रांसफार्मर में ब्लास्ट के चलते हमारे घर में आग लग गई। वीडियो बनाकर अधिकारियों तक भेजी गई, लेकिन कोई सुनवाई को नहीं आया। गांव के ट्रांसफार्मर पर हैंडल तक नहीं है। किसी तरह की दिक्कत होने पर बिजली भी नहीं काटी जा सकती। जिससे त्रस्त होकर रोड जाम करना पड़ा।
ललित कुमार
रोड जाम करना किसी समस्या का समाधान नहीं है। मैंने तीन दिन पहले ही यहां ज्वाइन किया है। स्टाफ की कमी के चलते कई बार थोड़ा समय लग जाता है, लेकिन समस्या का समाधान हर हाल में कराया जाएगा। जल्द एस्टीमेट बनाकर गांव से बिजली संकट को समाप्त किया जाएगा।
सतीश गोयत, एसडीओ, बिजली निगम, कुंडली।