{"_id":"67f4221f83fa60627b05fac6","slug":"villagers-are-struggling-for-every-drop-of-water-in-thana-kalan-sonipat-news-c-197-1-snp1008-134906-2025-04-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sonipat News: थाना कलां में बूंद-बूंद पानी के लिए जूझ रहे ग्रामीण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sonipat News: थाना कलां में बूंद-बूंद पानी के लिए जूझ रहे ग्रामीण
Tue, 08 Apr 2025 12:36 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Tue, 08 Apr 2025 12:36 AM IST
विज्ञापन
खरखौदा। गांव थाना कलां के लोगों को कई दिन से बूंद-बूंद पेयजल के लिए जूझना पड़ रहा है। मुख्य जल स्रोत पाई माइनर के पास लगे ट्यूबवेल की मोटर खराब होने से गांव में पेयजल आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई है। इससे पहले भी ग्रामीण स्वयं के खर्च पर जनस्वास्थ्य विभाग को अतिरिक्त मोटर उपलब्ध करवा चुके हैं, ताकि जब विभागीय मोटर खराब हो तो उससे गांव में पेयजल की आपूर्ति की जा सके।
ग्रामीणों ने कहा कि जनस्वास्थ्य विभाग ने उनकी ओर से दी गई मोटर का भी नियमित उपयोग शुरू कर दिया था, लेकिन समय रहते न तो उस मोटर को ठीक करवाया गया और न ही देखभाल की गई। अब वह मोटर भी खराब हो गई है। ऐसे में गांव के अधिकांश हिस्से में पेयजल का संकट गहरा गया है। थाना कलां निवासी जगबीर, दीपक, मुकेश, संदीप सहित कई ग्रामीणों ने सोमवार को समाधान शिविर में भी अपनी शिकायत दर्ज कराई। शिकायत पर विभागीय अधिकारियों ने ग्रामीणों को जल्द समाधान का आश्वासन दिया।
पाई माइनर वाला ट्यूबवेल पेयजल का बड़ा स्रोत
ग्रामीणों ने बताया कि गांव में तीन अलग-अलग ट्यूबवेल हैं। एक तुर्कपुर क्षेत्र, दूसरा जटौला मार्ग व तीसरा पाई माइनर के पास है। अलग-अलग क्षेत्र को इन ट्यूबवेल के माध्यम से पेयजल मुहैया करवाया जाता है, लेकिन पाई माइनर वाला ट्यूबवेल गांव में पेयजल का सबसे बड़ा स्रोत है। उसी के खराब होने से अधिकतर घरों के लोग पेयजल को तरस रहे हैं।
विज्ञापन
सात साल से केवल गांव की शोभा बनी टंकी
थाना कलां में एक जलघर व पानी की टंकी भी बनी है, जो सात साल से केवल गांव की शोभा बनी हुई है। दो पंप सेट में से एक को आज तक बदला ही नहीं गया है। दूसरा भी अब खराब होने की स्थिति में पहुंच चुका है। फिल्टर सिस्टम भी काफी समय से बंद पड़ा है। यहां विभाग के तीन कर्मचारी तैनात हैं, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि कई बार उन्हें ही पेयजल आपूर्ति का सिस्टम संभालना पड़ता है। ग्रामीणों की मांग है कि विभाग ग्रामीणों की समस्या का जल्द स्थायी समाधान करवाए। केवल आश्वासन से ग्रामीणों की प्यास नहीं बुझ सकती।
विज्ञापन
ग्रामीणों ने कहा कि जनस्वास्थ्य विभाग ने उनकी ओर से दी गई मोटर का भी नियमित उपयोग शुरू कर दिया था, लेकिन समय रहते न तो उस मोटर को ठीक करवाया गया और न ही देखभाल की गई। अब वह मोटर भी खराब हो गई है। ऐसे में गांव के अधिकांश हिस्से में पेयजल का संकट गहरा गया है। थाना कलां निवासी जगबीर, दीपक, मुकेश, संदीप सहित कई ग्रामीणों ने सोमवार को समाधान शिविर में भी अपनी शिकायत दर्ज कराई। शिकायत पर विभागीय अधिकारियों ने ग्रामीणों को जल्द समाधान का आश्वासन दिया।
विज्ञापन
पाई माइनर वाला ट्यूबवेल पेयजल का बड़ा स्रोत
ग्रामीणों ने बताया कि गांव में तीन अलग-अलग ट्यूबवेल हैं। एक तुर्कपुर क्षेत्र, दूसरा जटौला मार्ग व तीसरा पाई माइनर के पास है। अलग-अलग क्षेत्र को इन ट्यूबवेल के माध्यम से पेयजल मुहैया करवाया जाता है, लेकिन पाई माइनर वाला ट्यूबवेल गांव में पेयजल का सबसे बड़ा स्रोत है। उसी के खराब होने से अधिकतर घरों के लोग पेयजल को तरस रहे हैं।
विज्ञापन
सात साल से केवल गांव की शोभा बनी टंकी
थाना कलां में एक जलघर व पानी की टंकी भी बनी है, जो सात साल से केवल गांव की शोभा बनी हुई है। दो पंप सेट में से एक को आज तक बदला ही नहीं गया है। दूसरा भी अब खराब होने की स्थिति में पहुंच चुका है। फिल्टर सिस्टम भी काफी समय से बंद पड़ा है। यहां विभाग के तीन कर्मचारी तैनात हैं, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि कई बार उन्हें ही पेयजल आपूर्ति का सिस्टम संभालना पड़ता है। ग्रामीणों की मांग है कि विभाग ग्रामीणों की समस्या का जल्द स्थायी समाधान करवाए। केवल आश्वासन से ग्रामीणों की प्यास नहीं बुझ सकती।