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Sonipat News: बंद पड़े आईसीयू में बीमार पड़े वेंटिलेटर

Mon, 05 Aug 2024 10:50 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत Updated Mon, 05 Aug 2024 10:50 PM IST
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Ventilators lying sick in closed ICU
फोटो 12- सोनीपत के गोहाना स्थित नागरिक अस्पताल में तैयार किए जा रहे आईसीयू पर लगा ताला। संवाद
गोहाना। नागरिक अस्पताल में एक साल पहले आए पांच वेंटिलेटर महज शोपीस बनकर रह गए हैं। वेंटिलेटर बंद पड़े आईसीयू के अंदर रखे हैं। अस्पताल में न तो आईसीयू चालू हुआ है और न ही वेंटिलेटर को चलाने के लिए दक्ष स्टाफ है। वहीं खानपुर स्थित मेडिकल कॉलेज अस्पताल में कोरोना काल के दौरान प्रयोग में लाए गए ज्यादातर वेंटिलेटर भी धूल फांक रहे हैं। बेसिक वर्ग के वेंटिलेटर (बीपी, शुगर, दिल की धड़कन व सांस के मरीजों के लिए) कमरों में बंद पड़े हैं।
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उपमंडल नागरिक अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग की तरफ से आईसीयू तैयार किया गया था। छह महीने से आईसीयू पर ताला लटका हुआ है। आईसीयू में अब तक स्टाफ व चिकित्सक उपलब्ध नहीं हैं, बावजूद इसके वेंटिलेटर रखे हुए हैं। आईसीयू के चालू नहीं होने से उनका कोई प्रयोग नहीं हो रहा है। चिकित्सा विशेषज्ञों की माने तो एक वेंटिलेटर छह से 12 लाख रुपये में मिलता है। ऐसे में लाखों रुपये खर्च करने के बाद भी नागरिक अस्पताल में मरीजों को उनका कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है। नागरिक अस्पताल में गंभीर हालत में पहुंचने वाले मरीजों को हायर सेंटर रेफर कर दिया जाता है।
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कोरोना काल में मिले थे 107 वेंटिलेटर, अब 10-15 ही हो रहे प्रयोग

गांव खानपुर कलां स्थित भगत फूल सिंह राजकीय महिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल में कोरोना काल के दौरान 107 वेंटिलेटर उपलब्ध कराए गए थे। यहां अलग स्तर के वेंटिलेटर भेजे गए थे। एक साल पहले इनमें से आधे वेंटिलेटर फरीदाबाद के गांव छांयसा स्थित श्री अटल बिहारी वाजपेयी राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय में भेज दिए गए थे। वहीं बेहतर सुविधा वाले करीब 15 वेंटिलेटर का इस्तेमाल खानपुर में आईसीयू, ऑपरेशन थियेटर व आपातकाल में किया जा रहा है।
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बेसिक वर्ग के वेटिलेंटर कमरों में बंद पड़े
बेसिक वर्ग के वेंटिलेटर (बीपी, शुगर, दिल की धड़कन व सांस के मरीजों के लिए) का इस्तेमाल कोरोना काल में किया किया गया था। अब यह वेंटिलेटर कमरों में बंद कर रखे गए हैं। कोरोना काल में सहायक बने वेंटिलेटर अब शोपीस बनाकर रखे हैं। इनका प्रयोग नहीं होने से लाखों रुपये का सामान डंप होकर रह गया है।
गंभीर हालत के मरीजों को रोहतक पीजीआई किया जा रहा रेफर
सिर की चोट समेत अन्य कारणों से गंभीर हालत में उपमंडल के नागरिक अस्पताल में पहुंचने वाले मरीजों को वेंटिलेटर होते हुए भी खानपुर कलां के मेडिकल कॉलेज में रेफर करना पड़ता है। वहीं मेडिकल कॉलेज के ऑपरेशन थियेटर, आईसीयू व आपातकालीन में वेंटिलेटर होने पर भी मरीजों को रोहतक पीजीआई रेफर किया जाता है। इसका मुख्य कारण खानपुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में न्यूरो सर्जन (मांसपेशियों का चिकित्सक) नहीं होना बताया जाता है।
वर्जन



सरकार की तरफ से कोरोना काल में 107 वेंटिलेटर उपलब्ध कराए गए थे। करीब 50 फीसदी वेंटिलेटर श्री अटल बिहारी वाजपेयी राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय में भेज दिए गए थे। बेहतर सुविधा वाले वेंटिलेटर को इस्तेमाल में लाया जा रहा है। बेसिक वर्ग के वेंटिलेटर जरूरत होने पर प्रयोग में लाए जाते हैं।

-डाॅ. धीरज, चिकित्सा अधीक्षक, बीपीएस मेडिकल कॉलेज अस्पताल, खानपुर कलां



वर्जन

अस्पताल के आईसीयू में पांच वेंटिलेटर रखे हुए हैं। मैनपावर न होने के चलते वेंटिलेटरों को चालू नहीं किया गया है। मुख्यालय से चिकित्सक व स्टाफ उपलब्ध होने के बाद वेंटिलेटर को इस्तेमाल में लिया जाएगा।


-डाॅ. संजय छिक्कारा, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी, उपमंडल नागरिक अस्पताल

फोटो 12- सोनीपत के गोहाना स्थित नागरिक अस्पताल में तैयार किए जा रहे आईसीयू पर लगा ताला। संवाद

फोटो 12- सोनीपत के गोहाना स्थित नागरिक अस्पताल में तैयार किए जा रहे आईसीयू पर लगा ताला। संवाद

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