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Sonipat News: स्कूल में खर्च ग्रांट का देना होगा उपयोग प्रमाणपत्र

Sat, 17 Feb 2024 10:16 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत Updated Sat, 17 Feb 2024 10:16 PM IST
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Utilization certificate will have to be given for expenditure grant in school
फोटो 05- नवीन गुलिया, जिला शिक्षा अधिकारी, सोनीपत। संवाद
सोनीपत। स्कूलों में विभिन्न कार्योंं पर खर्च की गई ग्रांट का स्कूल मुखियाओं को उपयोग प्रमाणपत्र (यूसी) देना होगा। इसके लिए फरवरी माह के अंत तक का समय दिया गया है। निर्धारित समयावधि में खर्च की गई ग्रांट का ब्योरा नहीं देने वाले स्कूल मुखियाओं के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में विद्यालय शिक्षा निदेशालय की तरफ से निर्देश जारी किया गया है। स्कूूल मुखियाओं को उपयोग प्रमाणपत्र जिला शिक्षा अधिकारी को भी देना होगा। नियमों की पालना नहीं करने वाले स्कूल मुखिया के खिलाफ कार्रवाई के लिए निदेशालय को लिखा जाएगा।
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विद्यालय शिक्षा निदेशालय की तरफ से राजकीय स्कूलों को प्रत्येक वर्ष स्कूलों के संचालन के लिए विभिन्न मदों में ग्रांट जारी की जाती है। इस ग्रांट को स्कूलों में मरम्मत कार्य, विद्यार्थियों के लिए जरूरी सामान खरीदने, सुविधाएं बढ़ाने सहित अन्य कार्यों पर खर्च किया जाता है। अधिकांश ग्रांट का प्रयोग स्कूल मुखियाओं को स्कूल प्रबंधन कमेटी (एसएमसी) से चर्चा करने के बाद किया जाता है। विद्यालय शिक्षा निदेशालय ने अब साल भर प्रयोग की गई ग्रांट का ब्योरा मांगा है। जिसके लिए गाइडलाइन जारी की है। शिक्षा अधिकारियों का कहना है कि अगर कोई स्कूल मुखिया खर्च का ब्योरा जमा नहीं कराता है तो उस बारे में मुख्यालय को लिखा जाएगा।
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प्रत्येक माह होती है बैठक
स्कूूलों में शिक्षा निदेशालय की तरफ से भी विशेष ग्रांट जारी की जाती है। इस ग्रांट का प्रयोग करने के लिए स्कूल मुखियाओं को स्कूल प्रबंधन कमेटी (एसएमसी) से चर्चा करनी होती है। इसके लिए एसएमसी को प्रत्येक महीने बैठक करनी होती है। इसमें स्कूल में कराए जाने वाले कार्य पर चर्चा की जाती है। सहमति बनने के बाद ही स्कूल में कार्य कराया जाता है। जो ग्रांट जिस कार्य पर खर्च की जाती है। स्कूल मुखिया को उसका ब्योरा विभाग को देना होता है। बजट खर्च करने की पूरी जिम्मेदारी स्कूल मुखिया की होती है।
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वर्जन
स्कूलों में विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें, इसके लिए ग्रांट जारी किया जाता है। इस ग्रांट का कहां और कितना प्रयोग किया गया है। स्कूल मुखियाओं का इसका उपयोग प्रमाणपत्र जिला मुख्यालय में देना होगा। इसके लिए स्कूल मुखियाओं को फरवरी माह के अंत तक का समय दिया गया है। कोई स्कूल मुखिया निर्धारित समय में ग्रांट का ब्योरा नहीं देता है तो उनके बारे में मुख्यालय को लिखा जाएगा। -नवीन गुलिया, जिला शिक्षा अधिकारी, सोनीपत

फोटो 05- नवीन गुलिया, जिला शिक्षा अधिकारी, सोनीपत। संवाद

फोटो 05- नवीन गुलिया, जिला शिक्षा अधिकारी, सोनीपत। संवाद

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