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Sonipat News: दो तस्करों को 10-10 साल और तीसरे को पांच साल कैद
Tue, 28 Mar 2023 01:00 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Tue, 28 Mar 2023 01:00 AM IST
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सोनीपत। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. संजीव आर्य की अदालत ने मादक पदार्थ की तस्करी के मामले में तीन दोषियों में से दो को 10-10 साल व एक को पांच साल की सजा सुनाई है। साथ ही दो दोषियों पर एक-एक लाख और तीसरे पर 50 हजार रुपये जुर्माना लगाया है।
मादक पदार्थ निरोधक स्टाफ में नियुक्त एएसआई संदीप ने 9 जुलाई, 2017 को कुंडली थाना पुलिस को बताया था कि वह अपनी टीम के साथ कुंडली बॉर्डर पर गश्त कर रहे थे। इसी दौरान सूचना मिली थी कि एचएसआईडीसी, कुंडली स्थित एक फैक्टरी से ट्रक में चूरापोस्त भरकर जीटी रोड पर स्थित ढाबों पर सप्लाई के लिए ले जाया जाएगा। जिस पर पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी थी। टीम जब फैक्टरी के बाहर पहुंची तो ट्रक गेट से निकलता दिखाई दिया। पुलिस ने चालक को रोककर मादक पदार्थ होने का संदेह जताया। पुलिस ने जांच में ट्रक के अंदर से चूरापोस्त बरामद किया था। ट्रक में 21 क्विंटल, 40 किलो चूरापोस्त मिला था। पुलिस ने ट्रक से मध्य प्रदेश के जिला नीमच के वार्ड-34 निवासी मुकेश व चालक सीट से राजस्थान के जिला जयपुर के गांव अजीतपुरा निवासी सुरेश को गिरफ्तार किया था। उन्होंने बताया था कि वह चूरापोस्त को नीमच से लाकर एचएसआईडीसी कुंडली स्थित श्रीश्री इंटरप्राइजेज कंपनी में रखकर अलग-अलग स्थानों पर सप्लाई करते हैं। पुलिस टीम के सामने आरोपियों ने बताया था कि वह नीमच में पोस्तदाना लेकर आते है। यह दुकानों पर मिल जाता है। जहां से वह इसे खरीदकर यहां लाते थे। यहां लाने के बाद इसे फैक्टरी में पीसकर चूरापोस्त बनाई जाती थी। जिसे सप्लाई किया जाता था। मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने मध्य प्रदेश के जिला नीमच में दयानंद मार्ग स्थित कुम्हारों वाली गली निवासी दीपक सिंघल, नीमच निवासी दशरथ जैन व सोनीपत निवासी नरेंद्र को गिरफ्तार था।
मामले में सुनवाई करते हुए एएसजे डॉ. संजीव आर्य की अदालत ने मुकेश, सुरेश व दीपक सिंघल को दोषी करार देते हुए मुकेश और सुरेश को दस-दस साल कैद व एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना न देने पर आठ माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। वहीं दीपक सिंघल को पांच साल की सजा सुनाई गई है। उस पर 50 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है। जुर्माना न देने पर चार माह अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
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मादक पदार्थ निरोधक स्टाफ में नियुक्त एएसआई संदीप ने 9 जुलाई, 2017 को कुंडली थाना पुलिस को बताया था कि वह अपनी टीम के साथ कुंडली बॉर्डर पर गश्त कर रहे थे। इसी दौरान सूचना मिली थी कि एचएसआईडीसी, कुंडली स्थित एक फैक्टरी से ट्रक में चूरापोस्त भरकर जीटी रोड पर स्थित ढाबों पर सप्लाई के लिए ले जाया जाएगा। जिस पर पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी थी। टीम जब फैक्टरी के बाहर पहुंची तो ट्रक गेट से निकलता दिखाई दिया। पुलिस ने चालक को रोककर मादक पदार्थ होने का संदेह जताया। पुलिस ने जांच में ट्रक के अंदर से चूरापोस्त बरामद किया था। ट्रक में 21 क्विंटल, 40 किलो चूरापोस्त मिला था। पुलिस ने ट्रक से मध्य प्रदेश के जिला नीमच के वार्ड-34 निवासी मुकेश व चालक सीट से राजस्थान के जिला जयपुर के गांव अजीतपुरा निवासी सुरेश को गिरफ्तार किया था। उन्होंने बताया था कि वह चूरापोस्त को नीमच से लाकर एचएसआईडीसी कुंडली स्थित श्रीश्री इंटरप्राइजेज कंपनी में रखकर अलग-अलग स्थानों पर सप्लाई करते हैं। पुलिस टीम के सामने आरोपियों ने बताया था कि वह नीमच में पोस्तदाना लेकर आते है। यह दुकानों पर मिल जाता है। जहां से वह इसे खरीदकर यहां लाते थे। यहां लाने के बाद इसे फैक्टरी में पीसकर चूरापोस्त बनाई जाती थी। जिसे सप्लाई किया जाता था। मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने मध्य प्रदेश के जिला नीमच में दयानंद मार्ग स्थित कुम्हारों वाली गली निवासी दीपक सिंघल, नीमच निवासी दशरथ जैन व सोनीपत निवासी नरेंद्र को गिरफ्तार था।
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मामले में सुनवाई करते हुए एएसजे डॉ. संजीव आर्य की अदालत ने मुकेश, सुरेश व दीपक सिंघल को दोषी करार देते हुए मुकेश और सुरेश को दस-दस साल कैद व एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना न देने पर आठ माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। वहीं दीपक सिंघल को पांच साल की सजा सुनाई गई है। उस पर 50 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है। जुर्माना न देने पर चार माह अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
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