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आतंकी टुंडा के खिलाफ नहीं पहुंचे गवाह
ब्यूरो अमर उजाला सोनीपत
Updated Thu, 18 May 2017 12:25 AM IST
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शहर में वर्ष 1996 में सिलसिलेवार दो बम धमाके करने के मामले में आरोपी आतंकी अब्दुल करीम टुंडा की बुधवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई होनी थी। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. सुशील गर्ग की अदालत में दो गवाहों में से एक भी नहीं पहुंच सका। मामले में अब पांच जून को सुनवाई होगी। कुख्यात आतंकी को दिल्ली पुलिस द्वारा अगस्त, 2013 में नेपाल की सीमा से गिरफ्तार किया गया था।
टुंडा पर ये है आरोप
अब्दुल करीम टुंडा पर सोनीपत में 28 दिसंबर, 1996 को बम ब्लास्ट करने का आरोप है। उस दिन शाम के समय पहला धमाका बस स्टैंड के पास स्थित तराना सिनेमा के निकट और 10 मिनट बाद दूसरा धमाका गीता भवन चौक स्थित गुलशन मिष्ठान भंडार के पास हुआ था। धमाके में करीब एक दर्जन लोग घायल हुए थे। पुलिस ने इस संबंध में इंदिरा कॉलोनी निवासी सज्जन सिंह के बयान पर मामला दर्ज किया था। सज्जन सिंह ने बताया था कि वह अपने साथी अनिल के साथ फिल्म देखने आया था। इसी दौरान हुए धमाके में वह तथा 11 अन्य लोग घायल हुए थे। पुलिस ने इस संबंध में तीन आरोपियों गाजियाबाद निवासी अब्दुल करीम टुंडा व उसके दो साथियों अशोक नगर पिलखुआ निवासी शकील अहमद और अनार वाली गली तेलीवाड़ा, दिल्ली निवासी मोहम्मद आमिर खान उर्फ कामरान को नामजद किया था। पुलिस ने शकील और कामरान को वर्ष 1998 में गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन टुंडा घटना के बाद फरार हो गया था। मामले में सुनवाई के बाद शकील व कामरान बरी हो चुके हैं।
बुधवार को दो गवाहों की गवाही होनी थी। अधिवक्ता आशीष वत्स ने बताया कि मामले में दो को गवाही के लिए बुलाया गया था, लेकिन कोई गवाह नहीं पहुंच सका। मामले में अब तक करीब 41 गवाही हो चुकी हैं।
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टुंडा पर ये है आरोप
अब्दुल करीम टुंडा पर सोनीपत में 28 दिसंबर, 1996 को बम ब्लास्ट करने का आरोप है। उस दिन शाम के समय पहला धमाका बस स्टैंड के पास स्थित तराना सिनेमा के निकट और 10 मिनट बाद दूसरा धमाका गीता भवन चौक स्थित गुलशन मिष्ठान भंडार के पास हुआ था। धमाके में करीब एक दर्जन लोग घायल हुए थे। पुलिस ने इस संबंध में इंदिरा कॉलोनी निवासी सज्जन सिंह के बयान पर मामला दर्ज किया था। सज्जन सिंह ने बताया था कि वह अपने साथी अनिल के साथ फिल्म देखने आया था। इसी दौरान हुए धमाके में वह तथा 11 अन्य लोग घायल हुए थे। पुलिस ने इस संबंध में तीन आरोपियों गाजियाबाद निवासी अब्दुल करीम टुंडा व उसके दो साथियों अशोक नगर पिलखुआ निवासी शकील अहमद और अनार वाली गली तेलीवाड़ा, दिल्ली निवासी मोहम्मद आमिर खान उर्फ कामरान को नामजद किया था। पुलिस ने शकील और कामरान को वर्ष 1998 में गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन टुंडा घटना के बाद फरार हो गया था। मामले में सुनवाई के बाद शकील व कामरान बरी हो चुके हैं।
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बुधवार को दो गवाहों की गवाही होनी थी। अधिवक्ता आशीष वत्स ने बताया कि मामले में दो को गवाही के लिए बुलाया गया था, लेकिन कोई गवाह नहीं पहुंच सका। मामले में अब तक करीब 41 गवाही हो चुकी हैं।
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