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Sonipat News: निजी अस्पताल में आयुष्मान से नहीं मिल रहा इलाज, 300 ऑपरेशन अटके
Wed, 13 Aug 2025 01:21 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Wed, 13 Aug 2025 01:21 AM IST
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फोटो 37: सोनीपत के नागरिक अस्पताल में उपचार करने के लिए चिकित्सक कक्ष के बाहर बेंचों पर बैठे मर
सोनीपत। निजी अस्पतालों में 7 अगस्त से आयुष्मान पर मरीजों को उपचार नहीं मिल रहा है। इसके चलते मरीजाें को परेशानी हो रही है। मुफ्त इलाज के लिए पात्र मरीज सरकारी अस्पतालों में इलाज के लिए मजबूर हैं।
आईएमए हरियाणा के आह्वान पर निजी अस्पतालों में 300 से ज्यादा ऑपरेशन अटके हुए हैं। जिला नागरिक अस्पताल में सर्जन के अभाव में ऑपरेशन नहीं हो रहे हैं। इसकी वजह से मरीज पीजीआई रोहतक की तरफ रुख कर रहे हैं।
लाल दरवाजा निवासी कमल गुप्ता ने बताया कि उनके पिता विद्यासागर गुप्ता काफी बीमार हैं। सोमवार को अचानक उनकी तबीयत खराब हो गई थी। उनका आयुष्मान कार्ड बना हुआ है। वह अपने पिता को लेकर तीन निजी अस्पतालों में गए मगर चिकित्सकों ने आयुष्मान भारत योजना के तहत उनका इलाज करने से मना कर दिया।
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जिला नागरिक अस्पताल में स्थायी सर्जन नहीं है। विभाग ने निजी चिकित्सक डॉ. मनित को हायर किया है। वह शाम को दो घंटे ओपीडी लगातीं हैं।
आयुष्मान भारत योजना की नोडल अधिकारी डाॅ. अनीता सहारण ने बताया कि पहले 10 से 12 पात्र मरीज आते थे। जब से निजी अस्पताल संचालकों ने उपचार करने से मना किया जिला नागरिक अस्पताल में पात्र मरीजों की संख्या की 25 से 30 हो चुकी है।
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आईएमए हरियाणा के आह्वान पर निजी अस्पतालों में 300 से ज्यादा ऑपरेशन अटके हुए हैं। जिला नागरिक अस्पताल में सर्जन के अभाव में ऑपरेशन नहीं हो रहे हैं। इसकी वजह से मरीज पीजीआई रोहतक की तरफ रुख कर रहे हैं।
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लाल दरवाजा निवासी कमल गुप्ता ने बताया कि उनके पिता विद्यासागर गुप्ता काफी बीमार हैं। सोमवार को अचानक उनकी तबीयत खराब हो गई थी। उनका आयुष्मान कार्ड बना हुआ है। वह अपने पिता को लेकर तीन निजी अस्पतालों में गए मगर चिकित्सकों ने आयुष्मान भारत योजना के तहत उनका इलाज करने से मना कर दिया।
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जिला नागरिक अस्पताल में स्थायी सर्जन नहीं है। विभाग ने निजी चिकित्सक डॉ. मनित को हायर किया है। वह शाम को दो घंटे ओपीडी लगातीं हैं।
आयुष्मान भारत योजना की नोडल अधिकारी डाॅ. अनीता सहारण ने बताया कि पहले 10 से 12 पात्र मरीज आते थे। जब से निजी अस्पताल संचालकों ने उपचार करने से मना किया जिला नागरिक अस्पताल में पात्र मरीजों की संख्या की 25 से 30 हो चुकी है।