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ट्रैक्टर परेड : युवाओं से लेकर बुजुर्गों में दिख रहा जोश, युवतियां भी बोली किसानों के आगे झुकेगी सरकार
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ट्रैक्टर पर तिरंगा लेकर पहुंच रहे युवा।
- फोटो : Sonipat
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सोनीपत। कुंडली बॉर्डर से 26 जनवरी को निकाली जाने वाली ट्रैक्टर परेड के लिए जुटे युवाओं से लेकर बुजुर्गों में जबरदस्त जोश दिखाई दे रहा है। ट्रैक्टर परेड में शामिल होने के लिए महिलाएं भी पीछे नहीं हैं। हरियाणा के साथ ही पंजाब से युवतियां व महिलाएं भी कुंडली बॉर्डर क्षेत्र में पहुंच रही हैं। सभी की जुबान पर एक ही बात है कि वह सरकार को किसान की ताकत दिखाना चाहते हैं। सरकार को किसानों की जायज मांगों के आगे झुकना ही पड़ेगा। ट्रैक्टरों पर तिरंगे के साथ किसान यूनियन के झंडे लगाए गए हैं। बुजुर्ग किसान लगातार युवाओं से शांति बनाए रखने की अपील कर रहे हैं। युवा भी उन्हें शांति से रोष मार्च निकालने को लेकर आश्वस्त करने के साथ ही अपनी एकता की ताकत से सरकार को झुकाने की हुंकार भर रहे हैं।
आंदोलन के बीच किसान 26 जनवरी की ट्रैक्टर परेड को ऐतिहासिक बनाने के लिए लगातार प्रयासरत हैं। सिंघु बॉर्डर से बहालगढ़ तक किसानों के ट्रैक्टर ही नजर आ रहे हैं। बहालगढ़ से पीछे भी टुकड़ों में किसानों के ट्रैक्टरों को रोका जा रहा है। इसके साथ ही हाईवे पर ट्रैक्टर खड़े करने के लिए जगह नहीं बचने पर केएमपी-केजीपी पर भी ट्रैक्टरों को कतार में खड़ा किया जा रहा है। कुंडली क्षेत्र में करीब 60 हजार ट्रैक्टर पहुंचने के कारण स्थिति बेकाबू होने लगी है। परेड के लिए सभी पूरी तरह तैयार हैं। किसानों के जत्थे लगातार जयघोष कर रहे हैं। साथ ही ट्रैक्टरों पर तिरंगे के साथ ही संयुक्त किसान मोर्चा के झंडे लगाए जा रहे हैं। बुजुर्ग किसान युवाओं को शांति व्यवस्था बनाए रखने की सीख दे रहे हैं। लगातार मुख्य मंच से भी शांति व्यवस्था बनाए रखने की उद्घोषणा की जा रही है। युवा भी शांति बरकरार रखने व सरकार को अपनी एकता की ताकत दिखाने की बात कह रहे हैं।
-मैं बाबा फतेह सिंह बहादुर बहुतकनीकी संस्थान में प्राध्यापक होने साथ ही पिता के साथ खेती भी करता हूं। किसान तीन कानूनों का विरोध कर रहे हैं और वह जायज है। अब किसानों ने 26 जनवरी पर परेड निकालने की घोषणा की है। गणतंत्र दिवस शौर्य का दिन है। ऐसे में मैं भी अपने किसान भाइयों के साथ इस दिन को मनाने आया हूं। किसानों पर जबरन लागू किए गए कानून रद्द करने के साथ ही एमएसपी की लिखित गारंटी चाहिए। किसान भी ट्रैक्टर पर परेड निकाल रहे हैं। इससे देश का सिर ऊंचा ही होगा। किसान हर वर्ग की लड़ाई लड़ रहा है।
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-इंद्रजीत सिंह, फतेहगढ़ साहिब पंजाब
-किसान गणतंत्र दिवस पर रोष जताने आए हैं। सरकार को चाहिए कि किसानों की मांगों को पूरा करें। किसान ट्रैक्टर मार्च अपने मौलिक अधिकारों के तहत निकाल रहे हैं। अब सरकार को चाहिए कि वह गणतंत्र दिवस पर किसानों की मांगों को पूरा करने की घोषणा करें। निजी कंपनी खाद्यान्न की खरीद करेगी तो आम आदमी का निवाला छीन जाएगा। उसे कई गुना कीमत पर सामान मिलेगा। इसे लेकर सरकार को किसानों की बातों को तुरंत मान लेना चाहिए।
-प्रभजोत कौर, पटियाला, पंजाब
किसान पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से 26 जनवरी पर ट्रैक्टर परेड निकालेंगे। इसके लिए जत्थेबंदियों की तरफ से लगातार हिदायत दी जा रही है। युवा किसान पूरी तरह से तैयार हैं। सभी शांति के साथ कतार में चलेंगे। कोई स्टंटबाजी नहीं की जाएगी। अभी तक किसान आंदोलन शांति से चलता रहा है। किसानों की परेड व झांकी देश व विदेशों में भी मिसाल बनेगी।
-सरदार हरभजन सिंह, किसान नेता।
26 जनवरी की ट्रैक्टर परेड को सभी पूरी तरह से तैयार हैं। लाखों ट्रैक्टरों के साथ किसान अपनी ताकत दिखाने जा रहा है। हम लगातार युवा वर्ग खासकर 18 से 25 वर्ष के किसानों से संयम रखने, लेन में चलने व स्टंट नहीं करने की अपील कर रहे हैं। इस आंदोलन में पहले दिन से ही युवाओं का पूरा सहयोग मिला है। अभी तक आंदोलन शांतिपूर्ण चला है और आगे भी इसे शांतिपूर्ण ही चलाया जाएगा।
-गुलजार सिंह, पदाधिकारी अखिल भारतीय किसान सभा, करनाल
युवा अपने बड़ों के साथ रोष मार्च निकाल रहे हैं। किसान अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं और अब समय आ गया है जब सरकार को इस मुद्दे पर गंभीरता विचार करना होगा। गणतंत्र दिवस राष्ट्रीय पर्व है। किसान को यह पर्व सड़क पर रहकर मनाना पड़ रहा है। ऐसे में किसानों ने अब रोष स्वरूप ट्रैक्टर परेड निकालने का निर्णय लिया है। जिसे पूरी तरह सफल बनाया जाएगा। सरकार को किसानों की जायज मांगों के आगे झुकना ही होगा।
-रमनप्रीत कौर, पंजाब
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आंदोलन के बीच किसान 26 जनवरी की ट्रैक्टर परेड को ऐतिहासिक बनाने के लिए लगातार प्रयासरत हैं। सिंघु बॉर्डर से बहालगढ़ तक किसानों के ट्रैक्टर ही नजर आ रहे हैं। बहालगढ़ से पीछे भी टुकड़ों में किसानों के ट्रैक्टरों को रोका जा रहा है। इसके साथ ही हाईवे पर ट्रैक्टर खड़े करने के लिए जगह नहीं बचने पर केएमपी-केजीपी पर भी ट्रैक्टरों को कतार में खड़ा किया जा रहा है। कुंडली क्षेत्र में करीब 60 हजार ट्रैक्टर पहुंचने के कारण स्थिति बेकाबू होने लगी है। परेड के लिए सभी पूरी तरह तैयार हैं। किसानों के जत्थे लगातार जयघोष कर रहे हैं। साथ ही ट्रैक्टरों पर तिरंगे के साथ ही संयुक्त किसान मोर्चा के झंडे लगाए जा रहे हैं। बुजुर्ग किसान युवाओं को शांति व्यवस्था बनाए रखने की सीख दे रहे हैं। लगातार मुख्य मंच से भी शांति व्यवस्था बनाए रखने की उद्घोषणा की जा रही है। युवा भी शांति बरकरार रखने व सरकार को अपनी एकता की ताकत दिखाने की बात कह रहे हैं।
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-मैं बाबा फतेह सिंह बहादुर बहुतकनीकी संस्थान में प्राध्यापक होने साथ ही पिता के साथ खेती भी करता हूं। किसान तीन कानूनों का विरोध कर रहे हैं और वह जायज है। अब किसानों ने 26 जनवरी पर परेड निकालने की घोषणा की है। गणतंत्र दिवस शौर्य का दिन है। ऐसे में मैं भी अपने किसान भाइयों के साथ इस दिन को मनाने आया हूं। किसानों पर जबरन लागू किए गए कानून रद्द करने के साथ ही एमएसपी की लिखित गारंटी चाहिए। किसान भी ट्रैक्टर पर परेड निकाल रहे हैं। इससे देश का सिर ऊंचा ही होगा। किसान हर वर्ग की लड़ाई लड़ रहा है।
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-इंद्रजीत सिंह, फतेहगढ़ साहिब पंजाब
-किसान गणतंत्र दिवस पर रोष जताने आए हैं। सरकार को चाहिए कि किसानों की मांगों को पूरा करें। किसान ट्रैक्टर मार्च अपने मौलिक अधिकारों के तहत निकाल रहे हैं। अब सरकार को चाहिए कि वह गणतंत्र दिवस पर किसानों की मांगों को पूरा करने की घोषणा करें। निजी कंपनी खाद्यान्न की खरीद करेगी तो आम आदमी का निवाला छीन जाएगा। उसे कई गुना कीमत पर सामान मिलेगा। इसे लेकर सरकार को किसानों की बातों को तुरंत मान लेना चाहिए।
-प्रभजोत कौर, पटियाला, पंजाब
किसान पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से 26 जनवरी पर ट्रैक्टर परेड निकालेंगे। इसके लिए जत्थेबंदियों की तरफ से लगातार हिदायत दी जा रही है। युवा किसान पूरी तरह से तैयार हैं। सभी शांति के साथ कतार में चलेंगे। कोई स्टंटबाजी नहीं की जाएगी। अभी तक किसान आंदोलन शांति से चलता रहा है। किसानों की परेड व झांकी देश व विदेशों में भी मिसाल बनेगी।
-सरदार हरभजन सिंह, किसान नेता।
26 जनवरी की ट्रैक्टर परेड को सभी पूरी तरह से तैयार हैं। लाखों ट्रैक्टरों के साथ किसान अपनी ताकत दिखाने जा रहा है। हम लगातार युवा वर्ग खासकर 18 से 25 वर्ष के किसानों से संयम रखने, लेन में चलने व स्टंट नहीं करने की अपील कर रहे हैं। इस आंदोलन में पहले दिन से ही युवाओं का पूरा सहयोग मिला है। अभी तक आंदोलन शांतिपूर्ण चला है और आगे भी इसे शांतिपूर्ण ही चलाया जाएगा।
-गुलजार सिंह, पदाधिकारी अखिल भारतीय किसान सभा, करनाल
युवा अपने बड़ों के साथ रोष मार्च निकाल रहे हैं। किसान अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं और अब समय आ गया है जब सरकार को इस मुद्दे पर गंभीरता विचार करना होगा। गणतंत्र दिवस राष्ट्रीय पर्व है। किसान को यह पर्व सड़क पर रहकर मनाना पड़ रहा है। ऐसे में किसानों ने अब रोष स्वरूप ट्रैक्टर परेड निकालने का निर्णय लिया है। जिसे पूरी तरह सफल बनाया जाएगा। सरकार को किसानों की जायज मांगों के आगे झुकना ही होगा।
-रमनप्रीत कौर, पंजाब